

प्रविष्टि तिथि: 28 JUL 2026 5:45PM by PIB Raipur
अनुसूचित जाति के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़कर उनकी आजीविका सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (आईसीएआर-राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान), रायपुर ने अनुसूचित जाति उपयोजना (एससीएसपी) के अंतर्गत बेलटुकरी गांव के 60 किसानों को बैटरी संचालित स्प्रेयर वितरित किए। इस पहल का उद्देश्य वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देना, कृषि कार्यों में दक्षता लाना तथा संसाधन-विहीन किसानों की उत्पादकता और आय में वृद्धि करना है।


आईसीएआर-राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान के निदेशक डॉ. पी.के. राय ने अपने संदेश में कहा कि संस्थान अनुसूचित जाति उपयोजना के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र, वैज्ञानिक तकनीकों और क्षमता विकास कार्यक्रमों से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और उनकी आजीविका को सुदृढ़ बनाने के लिए संस्थान भविष्य में भी आवश्यकता-आधारित तकनीकों तथा कृषि विस्तार गतिविधियों को प्राथमिकता देता रहेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संयुक्त निदेशक डॉ. अनिल दीक्षित ने धान की रोपाई के बाद अपनाई जाने वाली आवश्यक सस्य क्रियाओं की जानकारी देते हुए वैज्ञानिक खरपतवार प्रबंधन पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि समय पर खरपतवार नियंत्रण से फसल की स्वस्थ वृद्धि सुनिश्चित होती है और उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।
संयुक्त निदेशक डॉ. पंकज शर्मा ने धान की प्रारंभिक अवस्था में लगने वाले प्रमुख कीट एवं रोगों की पहचान, रोकथाम तथा उनके समेकित प्रबंधन की वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को समय पर कीट एवं रोग नियंत्रण उपाय अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि इससे फसल सुरक्षित रहती है और बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।
लाभार्थी किसानों ने बैटरी संचालित स्प्रेयर तथा वैज्ञानिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए संस्थान के प्रति आभार व्यक्त किया। किसानों ने कहा कि आधुनिक उपकरणों की सहायता से कीट एवं रोग प्रबंधन सहित अन्य कृषि कार्य अधिक दक्षता और कम लागत में किए जा सकेंगे, जिससे खेती अधिक उत्पादक, किफायती और टिकाऊ बनेगी।
कार्यक्रम में ग्राम सरपंच संतोष कुर्रे तथा सतनाम गौतम सहित संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. के.सी. शर्मा, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पी. मूवनथन, अन्य वैज्ञानिक एवं अधिकारी उपस्थित रहे। किसानों की उत्साहपूर्ण सहभागिता के साथ संपन्न यह कार्यक्रम आधुनिक कृषि उपकरणों के प्रसार, वैज्ञानिक खेती को प्रोत्साहन तथा संसाधन-विहीन किसानों को टिकाऊ एवं लाभकारी कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित करने की दिशा में संस्थान के सतत प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।





















