एनआईटी रायपुर में विश्व उद्यमी दिवस पर ‘एंटरप्रेन्योर्स मीटअप 2026’ का आयोजन
70 प्रतिशत पदोन्नति कोटा बहाल करने सहित लंबित मांगों को लेकर पत्रोपाधि अभियंता संघ का चरणबद्ध आंदोलन के तहत गेट मीटिंग
भाजपा की कार्यसंस्कृति में जनसेवा सर्वोपरि, सहयोग केंद्र में तोखन साहू ने सुनीं जनता की बातें
एनआईटी रायपुर में 21 अगस्त 2026 को नवप्रवेशित 2026 बैच के विद्यार्थियों के लिए “ओरिएंटेशन (इंडक्शन) कार्यक्रम” का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न
राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ का अपमान देश के स्वाभिमान और अमर बलिदानियों की शहादत पर सीधा प्रहार : केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू
सदर बाजार रायपुर स्थित वक्फ सम्पत्ति अतिक्रमण मुक्त कराने हेतु छ.ग.राज्य वक्फ अधिकरण का आदेश – 45 दिनों के भीतर अतिक्रामक वक्फ सम्पत्ति से खाली करे कब्जा
शक्कर व्यापारियों के साथ स्टॉक सीमा को लेकर प्रशासन एवं व्यापारियों की महत्वपूर्ण बैठक – CAIT
मत्स्य पालन विभाग के सचिव ने छत्तीसगढ़ में तिलापिया मछली पालकों और मूल्य श्रृंखला से जुड़े हितधारकों के साथ संवाद किया; निर्यात-उन्मुखी क्लस्टर विकास की रूपरेखा तैयार की
डीएफएस ने सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों में आरक्षण नीति को अमल में लाने को सुदृढ़ करने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया
समंदर के रास्ते प्रगति पथ पर भारत : गतिशील अर्थव्यवस्था की अदृश्य जीवन रेखा
Raipur chhattisgarh VISHESH /रायपुर, 21 अगस्त 2026 — विश्व उद्यमी दिवस के अवसर पर एनआईटी रायपुर फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड…
Raipur chhattisgarh VISHESH / रायपुट 21 अगस्त 2026।छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल पत्रोपाधि अभियंता संघ द्वारा विद्युत कंपनियों में कार्यरत सहायक…
Raipur chhattisgarh VISHESH / रायपुर। भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ के प्रदेश कार्यालय स्थित कुशाभाऊ ठाकरे सहयोग केंद्र में आवासन एवं…
Raipur chhattisgarh VISHESH / एनआईटी रायपुर में 21 अगस्त 2026 को नवप्रवेशित 2026 बैच के विद्यार्थियों के लिए “ओरिएंटेशन (इंडक्शन)…
Raipur chhattisgarh VISHESH / रायपुर। केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू ने राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ को लेकर कांग्रेस…
20 अगस्त 2026, रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ न्यायाधिकरण के पीठासीन अधिकारी (जिला न्यायाधीश) श्री कमलेश कुमार जुर्री तथा सदस्य श्री…
कैट.सी.जी.चैप्टर. प्रे.वि.क्र./12/08/2026-27 दिनांकः- 21.08.2026 कैट के कार्यकारी अध्यक्ष राम मंधान के नेतृत्व में व्यापारी हुए शामिल Raipur chhattisgarh VISHESH /…
सरकार ने प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए 34 मत्स्य उत्पादन एवं प्रसंस्करण क्लस्टरों के माध्यम से क्लस्टर-आधारित दृष्टिकोण अपनायाछत्तीसगढ़ मूल्यवर्धित तिलापिया…
पीएसबी, पीएसआईसी, नियामकों और पीएफआई के 100 से अधिक वरिष्ठ एचआर अधिकारियों और मुख्य संपर्क अधिकारियों दो दिवसीय कार्यशाला में…
छत्तीसगढ़ में हासिल किया पहला स्थान, 530 गांव हुए ‘हर घर जल’ से रोशन रायपुर, 20 अगस्त 2026 छत्तीसगढ़…
एकलव्य विद्यालयों में गणवेश, मेस संचालन एवं अन्य व्यवस्थाओं में एकरूपता पर जोर रायपुर, 20 अगस्त 2026 आदिम जाति विकास…
नाव-जाल योजना और 50 प्रतिशत मत्स्य बीज अनुदान से बढ़ी आमदनी, एक लाख रुपए की शुद्ध आय रायपुर, 20 अगस्त…
-public media & relations cell Raipur chhattisgarh VISHESH राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT)…
राष्ट्रीय
Article Manoj kumar tiwari (Director IIM Mumbai) Raipur chhattisgarh VISHESH / वैश्विक व्यापार में जैसे जैसे भारत अपनी साख कायम करता जा रहा है, अच्छे पोर्ट, मज़बूत सप्लाई चेन और स्मार्ट लॉजिस्टिक्स वह आधार हैं जो यह तय करेंगे कि हमारी अर्थव्यवस्था कितनी आगे तक जायेगी और कितनी तेज़ी से बढ़ेगी। भारत का समुद्र से रिश्ता लगभग 4,500 साल पुराना है। समुद्री इतिहासकारों के अनुसार, सिंधु घाटी सभ्यता ने लगभग 2300 ईसा पूर्व लोथल में दुनिया का सबसे पुराना टाइडल डॉकयार्ड बनाया गया था, जहाँ से मेसोपोटामिया तक मोती और कपड़े भेजे जाते थे, जबकि चोल नेवी ने बाद में बंगाल की खाड़ी की कमान संभाली, और भारतीय व्यापार और संस्कृति को पूरे दक्षिण-पूर्व एशिया तक पहुँचाया। नाविक कौशल की वह ऐतिहासिक विरासत आज एक आधुनिक इकॉनामिक इंजन का रूप ले चुकी है—जो इस समय बड़े पैमाने पर हो रही भर्तियों और तकनीकी क्रांति के दोराहे पर खड़ा है। आंकड़े जो मायने रखते हैं इंडिया ब्रांड इक्विटी फाउंडेशन (IBEF) के डेटा के अनुसार, भारत का लगभग 95% व्यापार मात्रा (वॉल्यूम) के हिसाब से और लगभग 70% वैल्यू के हिसाब से अभी भी समुद्र के रास्ते होता है। वित्त वर्ष 2024–25 में बड़े बंदरगाहों पर 854.86 मिलियन टन कार्गो का व्यवहार हुआ और बंदरगाह की कुल क्षमता लगभग दोगुनी होकर 2,762 मिलियन टन सालाना हो गई है, जबकि एवरेज वेसल टर्नअराउंड टाइम 93 घंटे से घटकर सिर्फ़ 48 घंटे रह गया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के जारी डेटा के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025–26 में भारत से मर्चेंडाइज़ और सर्विसेज़ का कुल निर्यात लगभग $860.09 बिलियन तक पहुँच गया। कुल निर्यात में इंजीनियरिंग के सामानों का हिस्सा 27% है, और बाकी का हिस्सा पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स, जेम्स और ज्वेलरी, दवाइयाँ, टेक्सटाइल, चावल और मरीन प्रोडक्ट्स का है। आयात का बड़ा हिस्सा क्रूड ऑयल, कोयला, सोना, मशीनरी और इलेक्ट्रॉनिक्स का है। इन्हीं वजहों से शिपिंग इंडस्ट्री को हमेशा भारतीय अर्थव्यवस्था की ‘रीढ़ की हड्डी’ कहा जाता है। युवा भारत के लिए एक जॉब मशीन आज इस कहानी को जो बात वास्तव में आकर्षक बनाती है, वह है इसमें मौजूद अवसरों का विशाल पैमाना। बिमको-आईसीएस सीफेयरर वर्कफोर्स रिपोर्ट 2026 के अनुसार, भारत पारंपरिक रूप से हावी रहने वाले समुद्री देशों को पीछे छोड़ते हुए फिलीपींस के बाद वैश्विक स्तर पर नाविकों का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक बनकर उभरा है। इस समय दुनिया के कुल नाविकों में भारत की हिस्सेदारी 12.16% है, जिनकी संख्या 3.11 लाख से अधिक है; जबकि 2015 में यह आंकड़ा महज 5.2% था। वर्ष 2025-26 में भारत में 3.08 लाख नाविक काम कर रहे थे, और 2014 से महिला सीफ़ेयरर्स (नाविकों) की संख्या दस गुना बढ़ गई है। यह इस बात का संकेत है कि यह क्षेत्र कितनी तेज़ी से खुल रहा है। सरकार का लक्ष्य इससे भी आगे है: केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने मैरीटाइम अमृत काल विज़न के तहत 2047 तक ₹80 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करने और लगभग 4 करोड़ समुद्री नौकरियाँ सृजित करने की योजनाओं की घोषणा की है। बड़ी समुद्री अर्थव्यवस्था जहाज़ बनाने, जहाज़ की मरम्मत, गोदाम, माल ढुलाई, बीमा, हरित ईंधन और अंदरूनी जलमार्गों में भी रोज़गार देती है — जिससे युवा भारतीयों को आम आईटी और फ़ाइनेंस के रास्तों से कहीं आगे भरोसेमंद, अधिक आमदनी वाले, दुनिया भर में आगे बढ़ने वाले करियर के रास्ते मिलते हैं। ऑटोमेशन: एक गतिवर्धक है, कोई खतरा नहीं जो सेक्टर ये नौकरियां दे रहा है, उसे ऑटोमेशन भी बदल रहा है और ये दोनों ट्रेंड एक-दूसरे के खिलाफ होने के बजाय साथ-साथ काम कर रहे हैं। जवाहरलाल नेहरू पोर्ट पहले से ही 10.4 मिलियन टीईयू की कुल क्षमता वाले पांच ऑटोमेटेड कंटेनर टर्मिनल चलाता है, जो इसे दुनिया के टॉप 40 कंटेनर पोर्ट में से एक बनाता है और साथ ही मुंद्रा पोर्ट भी, जो 7.4 मिलियन टीईयू हैंडल करता है और दुनिया के सबसे व्यस्त पोर्ट में से एक है। भारत के डिजिटल पुश के सेंटर में ई-समुद्र है, जो एक यूनिफाइड सिंगल-विंडो पोर्टल है जो शिपिंग कंपनियों, नाविकों और ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट को अलग-अलग पेपरवर्क के बजाय सर्टिफिकेट, लाइसेंस और पेमेंट ऑनलाइन हैंडल करने देता है। एक अलग मैरीटाइम सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म, जो जनवरी 2024 से ऑपरेशनल है, अब देश भर के 85 बंदरगाहों को कवर करता है और इसने 2025 के मध्य तक वेसल कम्प्लायंस रेट को 75% तक पहुंचा दिया है, जिससे जहाजों के आने और जाने के लिए दस्तावेजों का बोझ कम हो गया है। अगला मोर्चा AI-संचालित योजना है: जहाज़ के आने का डेटा, मौसम, बर्थ की उपलब्धता और यार्ड स्पेस को मिलाया जा सकता है ताकि एक सिस्टम यह सुझाव दे सके कि जहाज़ को कहाँ डॉक करना चाहिए और उसे कैसे उतारना चाहिए, और हालात बदलने पर प्लान को अपडेट करता रहे। डिजिटल ट्विन्स के साथ, पोर्ट अथॉरिटीज़ पोर्ट के लाइव ट्विन पर जहाजों के देर से आने और क्रेन के खराब होने जैसी संभावित रुकावटों के लिए सिमुलेशन कर सकती हैं, जबकि क्रेन और कन्वेयर बेल्ट में लगे सेंसर मशीन के रखरखाव की ज़रूरतों का अनुमान लगाने में मदद कर सकते हैं। ऑटोमेशन प्रोसेस को मशीन और इंसानों के बीच प्रतिस्पर्धा के तौर पर देखने की ज़रूरत नहीं है; यह पेपरवर्क खत्म करता है और लोगों को असुरक्षित लिफ्टिंग एरिया से दूर रखता है और साथ ही, यह क्रेन ड्राइवरों, रिमोट कंट्रोल रूम के स्टाफ मेंबर्स, रोबोटिक्स इंजीनियरों और आईटी एनालिस्ट के लिए एक नया बाजार बनाता है। सही रणनीति ऑटोमेशन और री-स्किलिंग दोनों को एक साथ लेकर चलने की है। भारत में ‘मैरीटाइम इंडिया विजन 2030’ परियोजना के पीछे ठीक यही विचार है, जिसे उन्नत डिजिटल सिमुलेटरों से लैस प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से पूरा किया जा रहा है। जैसे-जैसे बंदरगाह अधिक डिजिटल रूप से जुड़ रहे हैं, साइबर सुरक्षा का महत्व बढ़ जाता है; क्योंकि मजबूत पहचान नियंत्रण (आइडेंटिटी कंट्रोल्स) और बैकअप किसी भी डिजिटल त्रुटि को भौतिक बाधा बनने से रोकते हैं। भविष्य का रास्ता इंडिया मैरीटाइम वीक 2025 के दौरान किए गए ₹12 लाख करोड़ के इन्वेस्टमेंट प्रपोज़ल और ₹6 लाख करोड़ से ज़्यादा के सागरमाला प्रोजेक्ट्स के साथ, भारतीय पोर्ट्स अगले दस सालों में बदलाव का अनुभव करने वाले हैं। मैरीटाइम इंडिया विज़न 2030 और मैरीटाइम अमृत काल विज़न 2047 जैसे सरकारी कार्यक्रमों के साथ, मैरीटाइम इंडस्ट्री एक ही समय में दोनों मकसद पूरे करने के लिए तैयार है। यह स्मार्ट, तेज़ और ग्रीन पोर्ट्स के साथ-साथ लाखों भारतीयों के लिए नई नौकरियों की सौगात है, क्योंकि देश का मैरीटाइम कल्चर तकनीक से चलने वाले युग में आगे बढ़ रहा है।
Raipur chhattisgarh VISHESH / हैदराबाद, 14th अगस्त, 2026:- भारत की सबसे बड़ी लौह अयस्क…
स्वतंत्र भारत के मशालवाहक श्री सी. पी. राधाकृष्णन भारत के 80वें स्वतंत्रता…
प्रविष्टि तिथि: 14 AUG 2026 8:59AM The total of 1057 Personnel of…
कैट.सी.जी.चैप्टर.प्रे.वि.क्र./07/08/2026-27 दिनांकः- 13.08.2026Raipur chhattisgarh VISHESH / देश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन…
राष्ट्रपति भवन में स्वतंत्रता दिवस समारोह में छत्तीसगढ़ की लोक एवं जनजातीय विरासत की विशेष प्रस्तुति
गेंड़ी और गौर मड़िया नृत्य के साथ बस्तर की संगीत परंपरा होगी…
नई दिल्ली। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू…
‘ सुश्री अर्चना शर्मा अवस्थी बच्चे की दुनिया को समृद्ध बनाने के…
श्रीमती नीमूबेन जयंतीभाई बांभनीय जी ,केंद्रीय राज्य मंत्री उपभोक्ता मामले खाद्य एवं…
आयुष मंत्रालय में राजभाषा हिंदी के प्रयोग और जनसंपर्क को और सुदृढ़…
अंतरराष्ट्रीय
Raipur chhattisgarh VISHESH / रविवार को पाकिस्तान के स्वात ज़िले में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए आत्मघाती बम धमाके…
राजनीति
कटेकल्याण से इंग्लैंड का सफर निश्चित हो गया मुख्यमंत्री से छोटे से संवाद से रायपुर, 23 मई 2022एक छोटे से संवाद ने कटेकल्याण की पार्वती की…
रायपुर
-public media & relations cell Raipur chhattisgarh VISHESH राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT)…
मनोरंजन
‘इमर्जिंग वॉइसेस: फिल्म स्कूल एडिशन्स’ महोत्सव में नई वैश्विक आवाज 19वें मुंबई…
अन्य
Raipur chhattisgarh VISHESH / भारत में व्हाट्सऐप पर ‘यूज़रनेम’ फ़ीचर शुरू करने…





















