बहनों का स्नेह ही मेरी ताकत, रक्षाबंधन पर तोखन साहू की कलाई राखियों से सजी
धरमजीत के परिवार के साथ खड़े हुए केन्द्रीय मंत्री तोखन साहू और विधायक धर्मजीत सिंह, ₹6 लाख की सहायता; दोनों ने की पहल
इस वर्ष रक्षाबंधन के अवसर पर छत्तीसगढ़ में लगभग ₹715 से ₹820 करोड़ का हुआ कारोबार – अमर पारवानी
एनएमडीसी की पहल से हैदराबाद मैराथन में शामिल होंगे 169आदिवासी धावक
MATS यूनिवर्सिटी, रायपुर में राष्ट्रीय खेल दिवस का आयोजन
हजारों बहनों ने उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन को बांधी राखी
कलिंगा विश्वविद्यालय शिक्षा संकाय द्वारा “उच्च शिक्षा में नवाचार, एआई एवं अनुसंधान” विषय पर 07-दिवसीय FDP का सफल आयोजन
बालको ने आपसी विश्वास, स्नेह और एकजुटता के पर्व रक्षाबंधन को धूमधाम से मनाया
राष्ट्रीय खेल दिवस पर साईं ट्रेनिंग सेंटर, रायपुर में नगर निगम जोन 4 जोन अध्यक्ष मुरली शर्मा ने किया खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन
शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर दिनांक 03 सितम्बर 2026 को शहीद स्मारक भवन में तिरंगा शक्ति फेस्ट 2026 गुरू वन्दन उत्सव ग्रेंड फिनाले
बिलासपुर। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर केंद्रीय राज्य मंत्री एवं बिलासपुर सांसद श्री तोखन साहू की कलाई पर सुबह से…
Raipur chhattisgarh VISHESH / बिलासपुर/तखतपुर। ग्राम बांधा निवासी श्री धरमजीत पिता राजेन्द्र धृतलहरे (उम्र लगभग 25 वर्ष) की हिंसक वन्यप्राणी…
प्रे.वि.क्र./16/08/2026-27 दिनांक :- 28.08.2026प्रेस विज्ञप्ति रक्षाबंधन पर ‘वोकल फॉर लोकल’ को मिला व्यापक जनसमर्थन, छत्तीसगढ़ के बाजारों में स्वदेशी उत्पादों…
Raipur chhattisgarh VISHESH / बचेली, 28 अगस्त। एनएमडीसी बीआईओएम बचेली कॉम्प्लेक्स द्वारा समीपस्थ ग्रामों के आदिवासी युवाओं को खेलों के…
Raipur chhattisgarh VISHESH / MATS यूनिवर्सिटी, रायपुर में 28 से 30 अगस्त, 2026 तक राष्ट्रीय खेल दिवस का आयोजन बड़े…
सुबह से डी-1 निवास में राखी बांधने वाली बहनों की लगी रही भीड़, आत्मीयता और स्नेह से सराबोर रहा “बहनी…
कलिंगा विश्वविद्यालय, रायपुर के शिक्षा संकाय द्वारा “उच्च शिक्षा में नवाचार, एआई एवं अनुसंधान” विषय पर 17 से 24 अगस्त 2026 तक 07 दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का सफलतापूर्वक ऑनलाइन आयोजन किया गया l कार्यक्रम का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 1:30 बजे से 3:00 बजे तक किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों के ज्ञान, शोध दक्षताओं तथा नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उच्च शिक्षा में उभरती प्रवृत्तियों से संबंधित व्यावसायिक क्षमताओं को सुदृढ़ करना था। इस FDP का आयोजन महात्मा गांधी बालिका विद्यालय (पी.जी.) कॉलेज, फिरोजाबाद; सेंट थॉमस कॉलेज, भिलाई नगर; तथा ASMA Institute of Management, Pune के शैक्षणिक सहयोग से किया गया। कार्यक्रम का संबंध सतत विकास लक्ष्य (SDG) 4—गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा SDG 9—उद्योग, नवाचार एवं आधारभूत संरचना से रहा। देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक एवं व्यावसायिक संस्थानों से आमंत्रित विशेषज्ञ वक्ताओं ने विभिन्न समकालीन विषयों पर सत्र लिए। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं अनुसंधान, सोशल मीडिया एवं मानसिक स्वास्थ्य, क्रोध प्रबंधन, नवाचारी शिक्षण पद्धतियां, उच्च शिक्षा में नवाचार, परिकल्पना निर्माण एवं परीक्षण उपकरण, उच्च शिक्षा में एआई, उभरती प्रवृत्तियां तथा शैक्षणिक उत्कृष्टता जैसे विषय प्रमुख रहे। कार्यक्रम में डॉ. इमैनुएल हंस, डॉ. संध्या द्विवेदी, डॉ. दीप्ति संतोष, प्रो. प्रशांत श्रीवास्तव, डॉ. गणेश तन्नू, डॉ. बिजेंदर सिंह, डॉ. विकास भारद्वाज तथा डॉ. विशाल गोस्वामी ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में अपने सत्र प्रस्तुत किए। उनके सत्रों से प्रतिभागियों को अनुसंधान, नवाचारी शिक्षण, एआई के जिम्मेदार उपयोग, तकनीक-सक्षम शिक्षण-अधिगम तथा उच्च शिक्षा की समकालीन चुनौतियों के संबंध में व्यावहारिक एवं उपयोगी जानकारी प्राप्त हुई। FDP का प्रमुख उद्देश्य शिक्षकों में शोध समस्या की पहचान, परिकल्पना निर्माण, शोध अभिकल्प एवं परीक्षण से संबंधित क्षमताओं का विकास करना; विद्यार्थी-केंद्रित एवं नवाचारी शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देना; शिक्षण, अधिगम, मूल्यांकन एवं अनुसंधान में एआई उपकरणों के प्रभावी उपयोग को प्रोत्साहित करना तथा उभरती तकनीकों के नैतिक एवं जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूकता विकसित करना था।कार्यक्रम का समन्वय डॉ. सरोज नैय्यर, संयोजक, शिक्षा संकाय द्वारा आयोजन समिति एवं तकनीकी सहयोग टीम के सहयोग से किया गया। समग्र रूप से यह FDP व्यावसायिक विकास, ज्ञान-विनिमय, शैक्षणिक नवाचार, अनुसंधान क्षमता निर्माण तथा संस्थागत शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।
Raipur chhattisgarh VISHESH बालकोनगर, 28 अगस्त, 2026। वेदांता एल्यूमिनियम मेटल लिमिटेड की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने कर्मचारियों…
रायपुर – आज भारतीय खेल प्राधिकरण (साईं ) ट्रेनिंग सेंटर, रायपुर में हॉकी के जादूगर, महान खिलाड़ी एवं पद्म भूषण…
Raipur chhattisgarh VISHESH / रायपुर जिला प्रशासन, रायपुर नगर पालिक निगम संस्कृति विभाग , कला केन्द्र रायपुर द्वारा स्कूल शिक्षा…
रायपुर नगर निगम की पुनः अपील- मवेशी मालिक अपने मवेशियों को बांधकर रखें, उन्हें सड़को पर खुले में ना छोड़े,…
औषधीय खेती से किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में छत्तीसगढ़ शासन की पहल रायपुर, 27 अगस्त 2026 छत्तीसगढ़ में…
-public media & relations cell Raipur chhattisgarh VISHESH राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT)…
राष्ट्रीय
Article Manoj kumar tiwari (Director IIM Mumbai) Raipur chhattisgarh VISHESH / वैश्विक व्यापार में जैसे जैसे भारत अपनी साख कायम करता जा रहा है, अच्छे पोर्ट, मज़बूत सप्लाई चेन और स्मार्ट लॉजिस्टिक्स वह आधार हैं जो यह तय करेंगे कि हमारी अर्थव्यवस्था कितनी आगे तक जायेगी और कितनी तेज़ी से बढ़ेगी। भारत का समुद्र से रिश्ता लगभग 4,500 साल पुराना है। समुद्री इतिहासकारों के अनुसार, सिंधु घाटी सभ्यता ने लगभग 2300 ईसा पूर्व लोथल में दुनिया का सबसे पुराना टाइडल डॉकयार्ड बनाया गया था, जहाँ से मेसोपोटामिया तक मोती और कपड़े भेजे जाते थे, जबकि चोल नेवी ने बाद में बंगाल की खाड़ी की कमान संभाली, और भारतीय व्यापार और संस्कृति को पूरे दक्षिण-पूर्व एशिया तक पहुँचाया। नाविक कौशल की वह ऐतिहासिक विरासत आज एक आधुनिक इकॉनामिक इंजन का रूप ले चुकी है—जो इस समय बड़े पैमाने पर हो रही भर्तियों और तकनीकी क्रांति के दोराहे पर खड़ा है। आंकड़े जो मायने रखते हैं इंडिया ब्रांड इक्विटी फाउंडेशन (IBEF) के डेटा के अनुसार, भारत का लगभग 95% व्यापार मात्रा (वॉल्यूम) के हिसाब से और लगभग 70% वैल्यू के हिसाब से अभी भी समुद्र के रास्ते होता है। वित्त वर्ष 2024–25 में बड़े बंदरगाहों पर 854.86 मिलियन टन कार्गो का व्यवहार हुआ और बंदरगाह की कुल क्षमता लगभग दोगुनी होकर 2,762 मिलियन टन सालाना हो गई है, जबकि एवरेज वेसल टर्नअराउंड टाइम 93 घंटे से घटकर सिर्फ़ 48 घंटे रह गया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के जारी डेटा के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025–26 में भारत से मर्चेंडाइज़ और सर्विसेज़ का कुल निर्यात लगभग $860.09 बिलियन तक पहुँच गया। कुल निर्यात में इंजीनियरिंग के सामानों का हिस्सा 27% है, और बाकी का हिस्सा पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स, जेम्स और ज्वेलरी, दवाइयाँ, टेक्सटाइल, चावल और मरीन प्रोडक्ट्स का है। आयात का बड़ा हिस्सा क्रूड ऑयल, कोयला, सोना, मशीनरी और इलेक्ट्रॉनिक्स का है। इन्हीं वजहों से शिपिंग इंडस्ट्री को हमेशा भारतीय अर्थव्यवस्था की ‘रीढ़ की हड्डी’ कहा जाता है। युवा भारत के लिए एक जॉब मशीन आज इस कहानी को जो बात वास्तव में आकर्षक बनाती है, वह है इसमें मौजूद अवसरों का विशाल पैमाना। बिमको-आईसीएस सीफेयरर वर्कफोर्स रिपोर्ट 2026 के अनुसार, भारत पारंपरिक रूप से हावी रहने वाले समुद्री देशों को पीछे छोड़ते हुए फिलीपींस के बाद वैश्विक स्तर पर नाविकों का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक बनकर उभरा है। इस समय दुनिया के कुल नाविकों में भारत की हिस्सेदारी 12.16% है, जिनकी संख्या 3.11 लाख से अधिक है; जबकि 2015 में यह आंकड़ा महज 5.2% था। वर्ष 2025-26 में भारत में 3.08 लाख नाविक काम कर रहे थे, और 2014 से महिला सीफ़ेयरर्स (नाविकों) की संख्या दस गुना बढ़ गई है। यह इस बात का संकेत है कि यह क्षेत्र कितनी तेज़ी से खुल रहा है। सरकार का लक्ष्य इससे भी आगे है: केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने मैरीटाइम अमृत काल विज़न के तहत 2047 तक ₹80 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करने और लगभग 4 करोड़ समुद्री नौकरियाँ सृजित करने की योजनाओं की घोषणा की है। बड़ी समुद्री अर्थव्यवस्था जहाज़ बनाने, जहाज़ की मरम्मत, गोदाम, माल ढुलाई, बीमा, हरित ईंधन और अंदरूनी जलमार्गों में भी रोज़गार देती है — जिससे युवा भारतीयों को आम आईटी और फ़ाइनेंस के रास्तों से कहीं आगे भरोसेमंद, अधिक आमदनी वाले, दुनिया भर में आगे बढ़ने वाले करियर के रास्ते मिलते हैं। ऑटोमेशन: एक गतिवर्धक है, कोई खतरा नहीं जो सेक्टर ये नौकरियां दे रहा है, उसे ऑटोमेशन भी बदल रहा है और ये दोनों ट्रेंड एक-दूसरे के खिलाफ होने के बजाय साथ-साथ काम कर रहे हैं। जवाहरलाल नेहरू पोर्ट पहले से ही 10.4 मिलियन टीईयू की कुल क्षमता वाले पांच ऑटोमेटेड कंटेनर टर्मिनल चलाता है, जो इसे दुनिया के टॉप 40 कंटेनर पोर्ट में से एक बनाता है और साथ ही मुंद्रा पोर्ट भी, जो 7.4 मिलियन टीईयू हैंडल करता है और दुनिया के सबसे व्यस्त पोर्ट में से एक है। भारत के डिजिटल पुश के सेंटर में ई-समुद्र है, जो एक यूनिफाइड सिंगल-विंडो पोर्टल है जो शिपिंग कंपनियों, नाविकों और ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट को अलग-अलग पेपरवर्क के बजाय सर्टिफिकेट, लाइसेंस और पेमेंट ऑनलाइन हैंडल करने देता है। एक अलग मैरीटाइम सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म, जो जनवरी 2024 से ऑपरेशनल है, अब देश भर के 85 बंदरगाहों को कवर करता है और इसने 2025 के मध्य तक वेसल कम्प्लायंस रेट को 75% तक पहुंचा दिया है, जिससे जहाजों के आने और जाने के लिए दस्तावेजों का बोझ कम हो गया है। अगला मोर्चा AI-संचालित योजना है: जहाज़ के आने का डेटा, मौसम, बर्थ की उपलब्धता और यार्ड स्पेस को मिलाया जा सकता है ताकि एक सिस्टम यह सुझाव दे सके कि जहाज़ को कहाँ डॉक करना चाहिए और उसे कैसे उतारना चाहिए, और हालात बदलने पर प्लान को अपडेट करता रहे। डिजिटल ट्विन्स के साथ, पोर्ट अथॉरिटीज़ पोर्ट के लाइव ट्विन पर जहाजों के देर से आने और क्रेन के खराब होने जैसी संभावित रुकावटों के लिए सिमुलेशन कर सकती हैं, जबकि क्रेन और कन्वेयर बेल्ट में लगे सेंसर मशीन के रखरखाव की ज़रूरतों का अनुमान लगाने में मदद कर सकते हैं। ऑटोमेशन प्रोसेस को मशीन और इंसानों के बीच प्रतिस्पर्धा के तौर पर देखने की ज़रूरत नहीं है; यह पेपरवर्क खत्म करता है और लोगों को असुरक्षित लिफ्टिंग एरिया से दूर रखता है और साथ ही, यह क्रेन ड्राइवरों, रिमोट कंट्रोल रूम के स्टाफ मेंबर्स, रोबोटिक्स इंजीनियरों और आईटी एनालिस्ट के लिए एक नया बाजार बनाता है। सही रणनीति ऑटोमेशन और री-स्किलिंग दोनों को एक साथ लेकर चलने की है। भारत में ‘मैरीटाइम इंडिया विजन 2030’ परियोजना के पीछे ठीक यही विचार है, जिसे उन्नत डिजिटल सिमुलेटरों से लैस प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से पूरा किया जा रहा है। जैसे-जैसे बंदरगाह अधिक डिजिटल रूप से जुड़ रहे हैं, साइबर सुरक्षा का महत्व बढ़ जाता है; क्योंकि मजबूत पहचान नियंत्रण (आइडेंटिटी कंट्रोल्स) और बैकअप किसी भी डिजिटल त्रुटि को भौतिक बाधा बनने से रोकते हैं। भविष्य का रास्ता इंडिया मैरीटाइम वीक 2025 के दौरान किए गए ₹12 लाख करोड़ के इन्वेस्टमेंट प्रपोज़ल और ₹6 लाख करोड़ से ज़्यादा के सागरमाला प्रोजेक्ट्स के साथ, भारतीय पोर्ट्स अगले दस सालों में बदलाव का अनुभव करने वाले हैं। मैरीटाइम इंडिया विज़न 2030 और मैरीटाइम अमृत काल विज़न 2047 जैसे सरकारी कार्यक्रमों के साथ, मैरीटाइम इंडस्ट्री एक ही समय में दोनों मकसद पूरे करने के लिए तैयार है। यह स्मार्ट, तेज़ और ग्रीन पोर्ट्स के साथ-साथ लाखों भारतीयों के लिए नई नौकरियों की सौगात है, क्योंकि देश का मैरीटाइम कल्चर तकनीक से चलने वाले युग में आगे बढ़ रहा है।
Raipur chhattisgarh VISHESH / हैदराबाद, 14th अगस्त, 2026:- भारत की सबसे बड़ी लौह अयस्क…
स्वतंत्र भारत के मशालवाहक श्री सी. पी. राधाकृष्णन भारत के 80वें स्वतंत्रता…
प्रविष्टि तिथि: 14 AUG 2026 8:59AM The total of 1057 Personnel of…
कैट.सी.जी.चैप्टर.प्रे.वि.क्र./07/08/2026-27 दिनांकः- 13.08.2026Raipur chhattisgarh VISHESH / देश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन…
राष्ट्रपति भवन में स्वतंत्रता दिवस समारोह में छत्तीसगढ़ की लोक एवं जनजातीय विरासत की विशेष प्रस्तुति
गेंड़ी और गौर मड़िया नृत्य के साथ बस्तर की संगीत परंपरा होगी…
नई दिल्ली। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू…
‘ सुश्री अर्चना शर्मा अवस्थी बच्चे की दुनिया को समृद्ध बनाने के…
श्रीमती नीमूबेन जयंतीभाई बांभनीय जी ,केंद्रीय राज्य मंत्री उपभोक्ता मामले खाद्य एवं…
आयुष मंत्रालय में राजभाषा हिंदी के प्रयोग और जनसंपर्क को और सुदृढ़…
अंतरराष्ट्रीय
Raipur chhattisgarh VISHESH / रविवार को पाकिस्तान के स्वात ज़िले में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए आत्मघाती बम धमाके…
राजनीति
कटेकल्याण से इंग्लैंड का सफर निश्चित हो गया मुख्यमंत्री से छोटे से संवाद से रायपुर, 23 मई 2022एक छोटे से संवाद ने कटेकल्याण की पार्वती की…
रायपुर
-public media & relations cell Raipur chhattisgarh VISHESH राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT)…
मनोरंजन
‘इमर्जिंग वॉइसेस: फिल्म स्कूल एडिशन्स’ महोत्सव में नई वैश्विक आवाज 19वें मुंबई…
अन्य
Raipur chhattisgarh VISHESH / भारत में व्हाट्सऐप पर ‘यूज़रनेम’ फ़ीचर शुरू करने…





















