एनआईटी रायपुर ने ‘नेक्स्ट-जेनरेशन इनोवेशंस इन ड्रग डिस्कवरी’ पर प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन का किया उद्घाटन

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), रायपुर के जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 27 अगस्त 2026 को ‘नेक्स्ट-जेनरेशन इनोवेशंस इन ड्रग डिस्कवरी (NGIDD...
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एनआईटी रायपुर ने ‘नेक्स्ट-जेनरेशन इनोवेशंस इन ड्रग डिस्कवरी’ पर प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन का किया उद्घाटन

MeitY इंडियाAI छत्तीसगढ़ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए चतुष्पक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर

Raipur chhattisgarh VISHESH / छत्तीसगढ़ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नवाचार के पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में...
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MeitY इंडियाAI छत्तीसगढ़ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए चतुष्पक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर

कल उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन मनाएंगे “बहनी संग राखी तिहार”, दीदी-बहनों को दिया स्नेहिल न्योता

Raipur chhattisgarh VISHESH / कोरबा। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर नगर विधायक एवं छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री श्री लखन...
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कल उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन मनाएंगे “बहनी संग राखी तिहार”, दीदी-बहनों को दिया स्नेहिल न्योता

रायपुर : डिजिटल क्रांति की ओर नारायणपुर का कृषि क्षेत्र

176 गांवों में 55 हजार से अधिक खसरों का हो रहा डिजिटल क्रॉप सर्वे            ...
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रायपुर : डिजिटल क्रांति की ओर नारायणपुर का कृषि क्षेत्र

रायपुर : ‘स्कूल केईन्ता’ अभियान से नारायणपुर के दुर्गम गांवों तक पहुंची शिक्षा

घमंडी के बच्चों को गांव में ही मिली शाला और जाति प्रमाण पत्र रायपुर, 26 अगस्त 2026 छत्तीसगढ़ के आकांक्षी...
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रायपुर : ‘स्कूल केईन्ता’ अभियान से नारायणपुर के दुर्गम गांवों तक पहुंची शिक्षा

रायपुर : घर में नल से पानी की सुविधा, महिलाएं बोलीं धन्यवाद “विष्णु भैया”

रायपुर, 26 अगस्त 2026 कांकेर के नरहरपुर ब्लॉक के ग्राम पुरियारा की श्रीमती कविता निषाद के लिए पहले घर के...
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रायपुर : घर में नल से पानी की सुविधा, महिलाएं बोलीं धन्यवाद “विष्णु भैया”

रायपुर : धुएं से राहत स्वास्थ्य की सुरक्षा, ‘विष्णु भैया‘ ने माताओं-बहनों का रखा ध्यान

रायपुर, 26 अगस्त 2026 प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने माताओं और बहनों के जीवन में सुविधा और सहजता लाने का काम...
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रायपुर : धुएं से राहत स्वास्थ्य की सुरक्षा, ‘विष्णु भैया‘ ने माताओं-बहनों का रखा ध्यान

रायपुर : ’प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से माताओं को मिल रहा आर्थिक संबल, सुरक्षित मातृत्व को मिल रही मजबूती’

’पहली संतान पर 5 हजार और दूसरी संतान बालिका होने पर 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता’ ’मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव...
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रायपुर : ’प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से माताओं को मिल रहा आर्थिक संबल, सुरक्षित मातृत्व को मिल रही मजबूती’

विष्णु भैया का बहनों को रक्षाबंधन का उपहार, महतारी वंदन की 31वीं किस्त से हिमेश्वरी के परिवार में बढ़ीं खुशियां

रायपुर, 26 अगस्त 2026 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता...
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विष्णु भैया का बहनों को रक्षाबंधन का उपहार, महतारी वंदन की 31वीं किस्त से हिमेश्वरी के परिवार में बढ़ीं खुशियां

रायपुर : विष्णु भैया की महतारी वंदन से रक्षाबंधन की खुशियां दोगुनी, चंचल दास के परिवार में छाई त्योहार की रौनक

भाई का प्यार, बहनों का सम्मान-महतारी वंदन से सशक्त छत्तीसगढ़ महान महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त से मिली 1,000...
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रायपुर : विष्णु भैया की महतारी वंदन से रक्षाबंधन की खुशियां दोगुनी, चंचल दास के परिवार में छाई त्योहार की रौनक

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), रायपुर के जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 27 अगस्त 2026 को ‘नेक्स्ट-जेनरेशन इनोवेशंस इन ड्रग डिस्कवरी (NGIDD…

Raipur chhattisgarh VISHESH / छत्तीसगढ़ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नवाचार के पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में…

Raipur chhattisgarh VISHESH / कोरबा। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर नगर विधायक एवं छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री श्री लखन…

रायपुर, 26 अगस्त 2026 प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने माताओं और बहनों के जीवन में सुविधा और सहजता लाने का काम…

’पहली संतान पर 5 हजार और दूसरी संतान बालिका होने पर 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता’ ’मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव…

रायपुर, 26 अगस्त 2026 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता…

भाई का प्यार, बहनों का सम्मान-महतारी वंदन से सशक्त छत्तीसगढ़ महान महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त से मिली 1,000…

“भाई का स्नेह, बहनों का अधिकारकृविष्णु भैया के साथ आत्मनिर्भर परिवार।” ’मुनिता स्व-सहायता समूह ने 10 वर्ष की लीज पर…

UP Government

राष्ट्रीय

Article Manoj kumar tiwari (Director IIM Mumbai) Raipur chhattisgarh VISHESH / वैश्विक व्यापार में जैसे जैसे भारत अपनी साख कायम करता जा रहा है, अच्छे पोर्ट, मज़बूत सप्लाई चेन और स्मार्ट लॉजिस्टिक्स वह आधार हैं जो यह तय करेंगे कि हमारी अर्थव्यवस्था कितनी आगे तक जायेगी और कितनी तेज़ी से बढ़ेगी। भारत का समुद्र से रिश्ता लगभग 4,500 साल पुराना है। समुद्री इतिहासकारों के अनुसार, सिंधु घाटी सभ्यता ने लगभग 2300 ईसा पूर्व लोथल में दुनिया का सबसे पुराना टाइडल डॉकयार्ड बनाया गया था, जहाँ से मेसोपोटामिया तक मोती और कपड़े भेजे जाते थे, जबकि चोल नेवी ने बाद में बंगाल की खाड़ी की कमान संभाली, और भारतीय व्यापार और संस्कृति को पूरे दक्षिण-पूर्व एशिया तक पहुँचाया। नाविक कौशल की वह ऐतिहासिक विरासत आज एक आधुनिक इकॉनामिक इंजन का रूप ले चुकी है—जो इस समय बड़े पैमाने पर हो रही भर्तियों और तकनीकी क्रांति के दोराहे पर खड़ा है। आंकड़े जो मायने रखते हैं इंडिया ब्रांड इक्विटी फाउंडेशन (IBEF) के डेटा के अनुसार, भारत का लगभग 95% व्यापार मात्रा (वॉल्यूम) के हिसाब से और लगभग 70% वैल्यू के हिसाब से अभी भी समुद्र के रास्ते होता है। वित्त वर्ष 2024–25 में बड़े बंदरगाहों पर 854.86 मिलियन टन कार्गो का व्यवहार हुआ और बंदरगाह की कुल क्षमता लगभग दोगुनी होकर 2,762 मिलियन टन सालाना हो गई है, जबकि एवरेज वेसल टर्नअराउंड टाइम 93 घंटे से घटकर सिर्फ़ 48 घंटे रह गया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के जारी डेटा के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025–26 में भारत से मर्चेंडाइज़ और सर्विसेज़ का कुल निर्यात लगभग $860.09 बिलियन तक पहुँच गया। कुल निर्यात में इंजीनियरिंग के सामानों का हिस्सा 27% है, और बाकी का हिस्सा पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स, जेम्स और ज्वेलरी, दवाइयाँ, टेक्सटाइल, चावल और मरीन प्रोडक्ट्स का है। आयात का बड़ा हिस्सा क्रूड ऑयल, कोयला, सोना, मशीनरी और इलेक्ट्रॉनिक्स का है। इन्हीं वजहों से शिपिंग इंडस्ट्री को हमेशा भारतीय अर्थव्यवस्था की ‘रीढ़ की हड्डी’ कहा जाता है। युवा भारत के लिए एक जॉब मशीन आज इस कहानी को जो बात वास्तव में आकर्षक बनाती है, वह है इसमें मौजूद अवसरों का विशाल पैमाना। बिमको-आईसीएस सीफेयरर वर्कफोर्स रिपोर्ट 2026 के अनुसार, भारत पारंपरिक रूप से हावी रहने वाले समुद्री देशों को पीछे छोड़ते हुए फिलीपींस के बाद वैश्विक स्तर पर नाविकों का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक बनकर उभरा है। इस समय दुनिया के कुल नाविकों में भारत की हिस्सेदारी 12.16% है, जिनकी संख्या 3.11 लाख से अधिक है; जबकि 2015 में यह आंकड़ा महज 5.2% था। वर्ष 2025-26 में भारत में 3.08 लाख नाविक काम कर रहे थे, और 2014 से महिला सीफ़ेयरर्स (नाविकों) की संख्या दस गुना बढ़ गई है। यह इस बात का संकेत है कि यह क्षेत्र कितनी तेज़ी से खुल रहा है। सरकार का लक्ष्य इससे भी आगे है: केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने मैरीटाइम अमृत काल विज़न के तहत 2047 तक ₹80 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करने और लगभग 4 करोड़ समुद्री नौकरियाँ सृजित करने की योजनाओं की घोषणा की है। बड़ी समुद्री अर्थव्यवस्था जहाज़ बनाने, जहाज़ की मरम्मत, गोदाम, माल ढुलाई, बीमा, हरित ईंधन और अंदरूनी जलमार्गों में भी रोज़गार देती है — जिससे युवा भारतीयों को आम आईटी और फ़ाइनेंस के रास्तों से कहीं आगे भरोसेमंद, अधिक आमदनी वाले, दुनिया भर में आगे बढ़ने वाले करियर के रास्ते मिलते हैं। ऑटोमेशन: एक गतिवर्धक है, कोई खतरा नहीं जो सेक्टर ये नौकरियां दे रहा है, उसे ऑटोमेशन भी बदल रहा है और ये दोनों ट्रेंड एक-दूसरे के खिलाफ होने के बजाय साथ-साथ काम कर रहे हैं। जवाहरलाल नेहरू पोर्ट पहले से ही 10.4 मिलियन टीईयू की कुल क्षमता वाले पांच ऑटोमेटेड कंटेनर टर्मिनल चलाता है, जो इसे दुनिया के टॉप 40 कंटेनर पोर्ट में से एक बनाता है और साथ ही मुंद्रा पोर्ट भी, जो 7.4 मिलियन टीईयू हैंडल करता है और दुनिया के सबसे व्यस्त पोर्ट में से एक है। भारत के डिजिटल पुश के सेंटर में ई-समुद्र है, जो एक यूनिफाइड सिंगल-विंडो पोर्टल है जो शिपिंग कंपनियों, नाविकों और ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट को अलग-अलग पेपरवर्क के बजाय सर्टिफिकेट, लाइसेंस और पेमेंट ऑनलाइन हैंडल करने देता है। एक अलग मैरीटाइम सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म, जो जनवरी 2024 से ऑपरेशनल है, अब देश भर के 85 बंदरगाहों को कवर करता है और इसने 2025 के मध्य तक वेसल कम्प्लायंस रेट को 75% तक पहुंचा दिया है, जिससे जहाजों के आने और जाने के लिए दस्तावेजों का बोझ कम हो गया है। अगला मोर्चा AI-संचालित योजना है: जहाज़ के आने का डेटा, मौसम, बर्थ की उपलब्धता और यार्ड स्पेस को मिलाया जा सकता है ताकि एक सिस्टम यह सुझाव दे सके कि जहाज़ को कहाँ डॉक करना चाहिए और उसे कैसे उतारना चाहिए, और हालात बदलने पर प्लान को अपडेट करता रहे। डिजिटल ट्विन्स के साथ, पोर्ट अथॉरिटीज़ पोर्ट के लाइव ट्विन पर जहाजों के देर से आने और क्रेन के खराब होने जैसी संभावित रुकावटों के लिए सिमुलेशन कर सकती हैं, जबकि क्रेन और कन्वेयर बेल्ट में लगे सेंसर मशीन के रखरखाव की ज़रूरतों का अनुमान लगाने में मदद कर सकते हैं। ऑटोमेशन प्रोसेस को मशीन और इंसानों के बीच प्रतिस्पर्धा के तौर पर देखने की ज़रूरत नहीं है; यह पेपरवर्क खत्म करता है और लोगों को असुरक्षित लिफ्टिंग एरिया से दूर रखता है और साथ ही, यह क्रेन ड्राइवरों, रिमोट कंट्रोल रूम के स्टाफ मेंबर्स, रोबोटिक्स इंजीनियरों और आईटी एनालिस्ट के लिए एक नया बाजार बनाता है। सही रणनीति ऑटोमेशन और री-स्किलिंग दोनों को एक साथ लेकर चलने की है। भारत में ‘मैरीटाइम इंडिया विजन 2030’ परियोजना के पीछे ठीक यही विचार है, जिसे उन्नत डिजिटल सिमुलेटरों से लैस प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से पूरा किया जा रहा है। जैसे-जैसे बंदरगाह अधिक डिजिटल रूप से जुड़ रहे हैं, साइबर सुरक्षा का महत्व बढ़ जाता है; क्योंकि मजबूत पहचान नियंत्रण (आइडेंटिटी कंट्रोल्स) और बैकअप किसी भी डिजिटल त्रुटि को भौतिक बाधा बनने से रोकते हैं। भविष्य का रास्ता इंडिया मैरीटाइम वीक 2025 के दौरान किए गए ₹12 लाख करोड़ के इन्वेस्टमेंट प्रपोज़ल और ₹6 लाख करोड़ से ज़्यादा के सागरमाला प्रोजेक्ट्स के साथ, भारतीय पोर्ट्स अगले दस सालों में बदलाव का अनुभव करने वाले हैं। मैरीटाइम इंडिया विज़न 2030 और मैरीटाइम अमृत काल विज़न 2047 जैसे सरकारी कार्यक्रमों के साथ, मैरीटाइम इंडस्ट्री एक ही समय में दोनों मकसद पूरे करने के लिए तैयार है। यह स्मार्ट, तेज़ और ग्रीन पोर्ट्स के साथ-साथ लाखों भारतीयों के लिए नई नौकरियों की सौगात है, क्योंकि देश का मैरीटाइम कल्चर तकनीक से चलने वाले युग में आगे बढ़ रहा है।

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कैट.सी.जी.चैप्टर.प्रे.वि.क्र./07/08/2026-27 दिनांकः- 13.08.2026Raipur chhattisgarh VISHESH / देश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन…

अंतरराष्ट्रीय

राजनीति

कटेकल्याण से इंग्लैंड का सफर निश्चित हो गया मुख्यमंत्री से छोटे से संवाद से रायपुर, 23 मई 2022एक छोटे से संवाद ने कटेकल्याण की पार्वती की…

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मनोरंजन

‘इमर्जिंग वॉइसेस: फिल्म स्कूल एडिशन्स’ महोत्सव में नई वैश्विक आवाज 19वें मुंबई…

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