मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने दिव्यांगजनों को वितरित किए व्हीलचेयर एवं सहायक उपकरण

आत्मीयता से मुलाकात कर जाना हालचाल, सहायक उपकरणों से आसान होगी दिव्यांगजनों की राह Raipur chhattisgarh VISHESH / रायपुर ,21...
Read More
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने दिव्यांगजनों को वितरित किए व्हीलचेयर एवं सहायक उपकरण

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रभार जिला बलरामपुर की ली समीक्षा बैठक, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने दिए निर्देश

विकास कार्यों में गुणवत्ता और गति सुनिश्चित करें, अधिकारी मैदानी क्षेत्रों में जाकर करें योजनाओं की निगरानी : श्रीमती राजवाड़े...
Read More
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रभार जिला बलरामपुर की ली समीक्षा बैठक, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने दिए निर्देश

कलिंगा विश्वविद्यालय में वृहद पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान आयोजित किया

नया रायपुर, 22 अगस्त, 2026कलिंगा विश्वविद्यालय, नया रायपुर। पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए,...
Read More
कलिंगा विश्वविद्यालय में वृहद पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान आयोजित किया

मैट्स यूनिवर्सिटी द्वारा अडानी पावर प्लांट, तिल्दा का औद्योगिक भ्रमण आयोजित

Raipur chhattisgarh VISHESH / रायपुर, अगस्त 2026:मैट्स यूनिवर्सिटी द्वारा ओरिएंटेशन कार्यक्रम – दीक्षारंभ 2026 के तीसरे दिन CSR पहल के...
Read More
मैट्स यूनिवर्सिटी द्वारा अडानी पावर प्लांट, तिल्दा का औद्योगिक भ्रमण आयोजित

सावन मिलन समारोह में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने कहा—हमारी संस्कृति और परंपराओं को सशक्त बनाते हैं ऐसे आयोजन

Raipur chhattisgarh VISHESH / केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री, भारत सरकार एवं बिलासपुर सांसद श्री तोखन साहू एवं उनकी...
Read More
सावन मिलन समारोह में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने कहा—हमारी संस्कृति और परंपराओं को सशक्त बनाते हैं ऐसे आयोजन

CAITने ट्रेड लाइसेंस पर उपमुख्यमंत्री की सकारात्मक पहल पर जताया आभार

कैट.सी.जी.चैप्टर.प्रे.वि.क्र./13/08/2026-27 दिनांकः- 22.08.2026‘One State, One Rule ’ की दिशा में शासन के प्रयासों का स्वागत - अमर पारवानी शेष मांगों...
Read More
CAITने ट्रेड लाइसेंस पर उपमुख्यमंत्री की सकारात्मक पहल पर जताया आभार

रक्षाबंधन के अवसर पर रायपुर संभाग में रविवार को खुले रहेंगे विशेष डाकघर काउंटर; आधार सेवाएं भी रहेंगी उपलब्ध

रक्षाबंधन के पावन पर्व पर आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डाक विभाग ने रायपुर संभाग के...
Read More
रक्षाबंधन के अवसर पर रायपुर संभाग में रविवार को खुले रहेंगे विशेष डाकघर काउंटर; आधार सेवाएं भी रहेंगी उपलब्ध

बालको की उत्तरोत्तर प्रगति में महिला इंजीनियरों की महत्वपूर्ण भूमिका

Raipur chhattisgarh VISHESH / बालकोनगर, कभी मैन्यूफैक्चरिंग इंडस्ट्री में इंजीनियरिंग और तकनीकी भूमिकाओं को मुख्य रूप से पुरुषों का कार्यक्षेत्र...
Read More
बालको की उत्तरोत्तर प्रगति में महिला इंजीनियरों की महत्वपूर्ण भूमिका

कलिंगा विश्वविद्यालय के  विद्यार्थियों ने सीखी AI की  तकनीक : प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग से जाना  बिजनेस में समस्या का  समाधान 

रायपुर: कलिंगा विश्वविद्यालय, रायपुर ने 'यंग इंडियंस' (Yi) और 'कैंपस ऑन' के सहयोग से तथा वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय के तत्वावधान में "प्रबंधकीय छात्रों के लिए प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग" पर एक विशेषज्ञ सत्र का आयोजन किया। इसका उद्देश्य छात्रों को व्यवसाय और प्रबंधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के व्यावहारिक अनुप्रयोगों से अवगत कराना था। इस सत्र के माध्यम से कुल 111 छात्रों ने प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग और AI टूल्स के व्यावहारिक उपयोग के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्राप्त की।  AI विशेषज्ञ और उद्यमी श्री पार्थ मिरानी के नेतृत्व में आयोजित इस सत्र में छात्रों को ChatGPT, Claude AI और Google Gemini जैसे प्रमुख AI प्लेटफॉर्म्स से परिचित कराया गया। उन्होंने शोध, मार्केटिंग, रणनीति और बिजनेस ऑटोमेशन में इनके व्यावहारिक उपयोग का प्रदर्शन किया। व्याख्यान का मुख्य केंद्र “Think - Prompt - Create - Improve” (सोचें - प्रॉम्प्ट दें - बनाएं - सुधारें) फ्रेमवर्क था, जो मानव रचनात्मकता और महत्वपूर्ण समस्या-समाधान क्षमता को बढ़ाने में AI के उपयोग पर जोर देता है।  वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय के डीन डॉ. श्रीकृष्ण ढाले ने श्री पार्थ मिरानी का स्वागत किया। कार्यक्रम में युवा  चेयर सुश्री प्रियंका दुलहानी, सुश्री इशिका चौधरी एवं सुश्री श्रेया अग्रवाल की उपस्थिति रही। कला एवं मानविकी संकाय के सहायक प्राध्यापक एवं यंग इंडिया कोऑर्डिनेटर डॉ. योगेश वैष्णव, BTCSAIML 5th सेमेस्टर के छात्र श्री अमन दुबे और BCAAIML 5th सेमेस्टर की छात्रा सुश्री शिवांशी भगत द्वारा किया गया कार्यक्रम का संचालन BTCSAIML 3rd सेमेस्टर की छात्रा सुश्री डॉली और BSCAIML 3rd सेमेस्टर की छात्रा सुश्री पलक ने किया विशेषज्ञ श्री मिरानी ने इस बात पर जोर दिया कि प्रभावी AI उपयोग केवल प्रश्न पूछने तक सीमित नहीं है। छात्रों ने सीखा कि स्पष्ट भूमिका, संदर्भ, उद्देश्य, सीमाएं और वांछित आउटपुट फॉर्मेट प्रदान करके प्रॉम्प्ट को कैसे संरचित किया जाए। इस सत्र ने प्रतिभागियों को AI द्वारा दिए गए उत्तरों का गंभीर मूल्यांकन करने और बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए उन्हें परिष्कृत (refine) करने के लिए प्रेरित किया। इस सत्र ने छात्रों को जिम्मेदार और प्रभावी AI अपनाने में व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया, जो उद्योग-उन्मुख शिक्षा, नवाचार और भविष्य के लिए तैयार शिक्षण के प्रति कलिंगा विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। कलिंगा विश्वविद्यालय कार्यशालाओं, विशेषज्ञ वार्ताओं और नवाचार चुनौतियों के माध्यम से नेतृत्व, उद्यमशीलता की भावना और राष्ट्र निर्माण के कौशल को विकसित करने के लिए नियमित रूप से ऐसे सत्रों का आयोजन करता रहता है।
Read More
कलिंगा विश्वविद्यालय के  विद्यार्थियों ने सीखी AI की  तकनीक : प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग से जाना  बिजनेस में समस्या का  समाधान 

विष्णु भैया के नेतृत्व में आत्मनिर्भर नारी, समृद्ध छत्तीसगढ़ : महिला सशक्तिकरण का नया अध्याय

विशेष लेख • डॉ. दानेश्वरी संभाकर, उप संचालक Raipur chhattisgarh VISHESH / रायपुर,किसी भी राज्य के विकास की वास्तविक पहचान...
Read More
विष्णु भैया के नेतृत्व में आत्मनिर्भर नारी, समृद्ध छत्तीसगढ़ : महिला सशक्तिकरण का नया अध्याय

विकास कार्यों में गुणवत्ता और गति सुनिश्चित करें, अधिकारी मैदानी क्षेत्रों में जाकर करें योजनाओं की निगरानी : श्रीमती राजवाड़े…

नया रायपुर, 22 अगस्त, 2026कलिंगा विश्वविद्यालय, नया रायपुर। पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए,…

Raipur chhattisgarh VISHESH / केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री, भारत सरकार एवं बिलासपुर सांसद श्री तोखन साहू एवं उनकी…

रक्षाबंधन के पावन पर्व पर आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डाक विभाग ने रायपुर संभाग के…

Raipur chhattisgarh VISHESH / बालकोनगर, कभी मैन्यूफैक्चरिंग इंडस्ट्री में इंजीनियरिंग और तकनीकी भूमिकाओं को मुख्य रूप से पुरुषों का कार्यक्षेत्र…

रायपुर: कलिंगा विश्वविद्यालय, रायपुर ने ‘यंग इंडियंस’ (Yi) और ‘कैंपस ऑन’ के सहयोग से तथा वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय के तत्वावधान में “प्रबंधकीय छात्रों के लिए प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग” पर एक विशेषज्ञ सत्र का आयोजन किया। इसका उद्देश्य छात्रों को व्यवसाय और प्रबंधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के व्यावहारिक अनुप्रयोगों से अवगत कराना था। इस सत्र के माध्यम से कुल 111 छात्रों ने प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग और AI टूल्स के व्यावहारिक उपयोग के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्राप्त की। AI विशेषज्ञ और उद्यमी श्री पार्थ मिरानी के नेतृत्व में आयोजित इस सत्र में छात्रों को ChatGPT, Claude AI और Google Gemini जैसे प्रमुख AI प्लेटफॉर्म्स से परिचित कराया गया। उन्होंने शोध, मार्केटिंग, रणनीति और बिजनेस ऑटोमेशन में इनके व्यावहारिक उपयोग का प्रदर्शन किया। व्याख्यान का मुख्य केंद्र “Think – Prompt – Create – Improve” (सोचें – प्रॉम्प्ट दें – बनाएं – सुधारें) फ्रेमवर्क था, जो मानव रचनात्मकता और महत्वपूर्ण समस्या-समाधान क्षमता को बढ़ाने में AI के उपयोग पर जोर देता है। वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय के डीन डॉ. श्रीकृष्ण ढाले ने श्री पार्थ मिरानी का स्वागत किया। कार्यक्रम में युवा  चेयर सुश्री प्रियंका दुलहानी, सुश्री इशिका चौधरी एवं सुश्री श्रेया अग्रवाल की उपस्थिति रही। कला एवं मानविकी संकाय के सहायक प्राध्यापक एवं यंग इंडिया कोऑर्डिनेटर डॉ. योगेश वैष्णव, BTCSAIML 5th सेमेस्टर के छात्र श्री अमन दुबे और BCAAIML 5th सेमेस्टर की छात्रा सुश्री शिवांशी भगत द्वारा किया गया कार्यक्रम का संचालन BTCSAIML 3rd सेमेस्टर की छात्रा सुश्री डॉली और BSCAIML 3rd सेमेस्टर की छात्रा सुश्री पलक ने किया विशेषज्ञ श्री मिरानी ने इस बात पर जोर दिया कि प्रभावी AI उपयोग केवल प्रश्न पूछने तक सीमित नहीं है। छात्रों ने सीखा कि स्पष्ट भूमिका, संदर्भ, उद्देश्य, सीमाएं और वांछित आउटपुट फॉर्मेट प्रदान करके प्रॉम्प्ट को कैसे संरचित किया जाए। इस सत्र ने प्रतिभागियों को AI द्वारा दिए गए उत्तरों का गंभीर मूल्यांकन करने और बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए उन्हें परिष्कृत (refine) करने के लिए प्रेरित किया। इस सत्र ने छात्रों को जिम्मेदार और प्रभावी AI अपनाने में व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया, जो उद्योग-उन्मुख शिक्षा, नवाचार और भविष्य के लिए तैयार शिक्षण के प्रति कलिंगा विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। कलिंगा विश्वविद्यालय कार्यशालाओं, विशेषज्ञ वार्ताओं और नवाचार चुनौतियों के माध्यम से नेतृत्व, उद्यमशीलता की भावना और राष्ट्र निर्माण के कौशल को विकसित करने के लिए नियमित रूप से ऐसे सत्रों का आयोजन करता रहता है।

विशेष लेख • डॉ. दानेश्वरी संभाकर, उप संचालक Raipur chhattisgarh VISHESH / रायपुर,किसी भी राज्य के विकास की वास्तविक पहचान…

UP Government

राष्ट्रीय

Article Manoj kumar tiwari (Director IIM Mumbai) Raipur chhattisgarh VISHESH / वैश्विक व्यापार में जैसे जैसे भारत अपनी साख कायम करता जा रहा है, अच्छे पोर्ट, मज़बूत सप्लाई चेन और स्मार्ट लॉजिस्टिक्स वह आधार हैं जो यह तय करेंगे कि हमारी अर्थव्यवस्था कितनी आगे तक जायेगी और कितनी तेज़ी से बढ़ेगी। भारत का समुद्र से रिश्ता लगभग 4,500 साल पुराना है। समुद्री इतिहासकारों के अनुसार, सिंधु घाटी सभ्यता ने लगभग 2300 ईसा पूर्व लोथल में दुनिया का सबसे पुराना टाइडल डॉकयार्ड बनाया गया था, जहाँ से मेसोपोटामिया तक मोती और कपड़े भेजे जाते थे, जबकि चोल नेवी ने बाद में बंगाल की खाड़ी की कमान संभाली, और भारतीय व्यापार और संस्कृति को पूरे दक्षिण-पूर्व एशिया तक पहुँचाया। नाविक कौशल की वह ऐतिहासिक विरासत आज एक आधुनिक इकॉनामिक इंजन का रूप ले चुकी है—जो इस समय बड़े पैमाने पर हो रही भर्तियों और तकनीकी क्रांति के दोराहे पर खड़ा है। आंकड़े जो मायने रखते हैं इंडिया ब्रांड इक्विटी फाउंडेशन (IBEF) के डेटा के अनुसार, भारत का लगभग 95% व्यापार मात्रा (वॉल्यूम) के हिसाब से और लगभग 70% वैल्यू के हिसाब से अभी भी समुद्र के रास्ते होता है। वित्त वर्ष 2024–25 में बड़े बंदरगाहों पर 854.86 मिलियन टन कार्गो का व्यवहार हुआ और बंदरगाह की कुल क्षमता लगभग दोगुनी होकर 2,762 मिलियन टन सालाना हो गई है, जबकि एवरेज वेसल टर्नअराउंड टाइम 93 घंटे से घटकर सिर्फ़ 48 घंटे रह गया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के जारी डेटा के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025–26 में भारत से मर्चेंडाइज़ और सर्विसेज़ का कुल निर्यात लगभग $860.09 बिलियन तक पहुँच गया। कुल निर्यात में इंजीनियरिंग के सामानों का हिस्सा 27% है, और बाकी का हिस्सा पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स, जेम्स और ज्वेलरी, दवाइयाँ, टेक्सटाइल, चावल और मरीन प्रोडक्ट्स का है। आयात का बड़ा हिस्सा क्रूड ऑयल, कोयला, सोना, मशीनरी और इलेक्ट्रॉनिक्स का है। इन्हीं वजहों से शिपिंग इंडस्ट्री को हमेशा भारतीय अर्थव्यवस्था की ‘रीढ़ की हड्डी’ कहा जाता है। युवा भारत के लिए एक जॉब मशीन आज इस कहानी को जो बात वास्तव में आकर्षक बनाती है, वह है इसमें मौजूद अवसरों का विशाल पैमाना। बिमको-आईसीएस सीफेयरर वर्कफोर्स रिपोर्ट 2026 के अनुसार, भारत पारंपरिक रूप से हावी रहने वाले समुद्री देशों को पीछे छोड़ते हुए फिलीपींस के बाद वैश्विक स्तर पर नाविकों का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक बनकर उभरा है। इस समय दुनिया के कुल नाविकों में भारत की हिस्सेदारी 12.16% है, जिनकी संख्या 3.11 लाख से अधिक है; जबकि 2015 में यह आंकड़ा महज 5.2% था। वर्ष 2025-26 में भारत में 3.08 लाख नाविक काम कर रहे थे, और 2014 से महिला सीफ़ेयरर्स (नाविकों) की संख्या दस गुना बढ़ गई है। यह इस बात का संकेत है कि यह क्षेत्र कितनी तेज़ी से खुल रहा है। सरकार का लक्ष्य इससे भी आगे है: केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने मैरीटाइम अमृत काल विज़न के तहत 2047 तक ₹80 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करने और लगभग 4 करोड़ समुद्री नौकरियाँ सृजित करने की योजनाओं की घोषणा की है। बड़ी समुद्री अर्थव्यवस्था जहाज़ बनाने, जहाज़ की मरम्मत, गोदाम, माल ढुलाई, बीमा, हरित ईंधन और अंदरूनी जलमार्गों में भी रोज़गार देती है — जिससे युवा भारतीयों को आम आईटी और फ़ाइनेंस के रास्तों से कहीं आगे भरोसेमंद, अधिक आमदनी वाले, दुनिया भर में आगे बढ़ने वाले करियर के रास्ते मिलते हैं। ऑटोमेशन: एक गतिवर्धक है, कोई खतरा नहीं जो सेक्टर ये नौकरियां दे रहा है, उसे ऑटोमेशन भी बदल रहा है और ये दोनों ट्रेंड एक-दूसरे के खिलाफ होने के बजाय साथ-साथ काम कर रहे हैं। जवाहरलाल नेहरू पोर्ट पहले से ही 10.4 मिलियन टीईयू की कुल क्षमता वाले पांच ऑटोमेटेड कंटेनर टर्मिनल चलाता है, जो इसे दुनिया के टॉप 40 कंटेनर पोर्ट में से एक बनाता है और साथ ही मुंद्रा पोर्ट भी, जो 7.4 मिलियन टीईयू हैंडल करता है और दुनिया के सबसे व्यस्त पोर्ट में से एक है। भारत के डिजिटल पुश के सेंटर में ई-समुद्र है, जो एक यूनिफाइड सिंगल-विंडो पोर्टल है जो शिपिंग कंपनियों, नाविकों और ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट को अलग-अलग पेपरवर्क के बजाय सर्टिफिकेट, लाइसेंस और पेमेंट ऑनलाइन हैंडल करने देता है। एक अलग मैरीटाइम सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म, जो जनवरी 2024 से ऑपरेशनल है, अब देश भर के 85 बंदरगाहों को कवर करता है और इसने 2025 के मध्य तक वेसल कम्प्लायंस रेट को 75% तक पहुंचा दिया है, जिससे जहाजों के आने और जाने के लिए दस्तावेजों का बोझ कम हो गया है। अगला मोर्चा AI-संचालित योजना है: जहाज़ के आने का डेटा, मौसम, बर्थ की उपलब्धता और यार्ड स्पेस को मिलाया जा सकता है ताकि एक सिस्टम यह सुझाव दे सके कि जहाज़ को कहाँ डॉक करना चाहिए और उसे कैसे उतारना चाहिए, और हालात बदलने पर प्लान को अपडेट करता रहे। डिजिटल ट्विन्स के साथ, पोर्ट अथॉरिटीज़ पोर्ट के लाइव ट्विन पर जहाजों के देर से आने और क्रेन के खराब होने जैसी संभावित रुकावटों के लिए सिमुलेशन कर सकती हैं, जबकि क्रेन और कन्वेयर बेल्ट में लगे सेंसर मशीन के रखरखाव की ज़रूरतों का अनुमान लगाने में मदद कर सकते हैं। ऑटोमेशन प्रोसेस को मशीन और इंसानों के बीच प्रतिस्पर्धा के तौर पर देखने की ज़रूरत नहीं है; यह पेपरवर्क खत्म करता है और लोगों को असुरक्षित लिफ्टिंग एरिया से दूर रखता है और साथ ही, यह क्रेन ड्राइवरों, रिमोट कंट्रोल रूम के स्टाफ मेंबर्स, रोबोटिक्स इंजीनियरों और आईटी एनालिस्ट के लिए एक नया बाजार बनाता है। सही रणनीति ऑटोमेशन और री-स्किलिंग दोनों को एक साथ लेकर चलने की है। भारत में ‘मैरीटाइम इंडिया विजन 2030’ परियोजना के पीछे ठीक यही विचार है, जिसे उन्नत डिजिटल सिमुलेटरों से लैस प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से पूरा किया जा रहा है। जैसे-जैसे बंदरगाह अधिक डिजिटल रूप से जुड़ रहे हैं, साइबर सुरक्षा का महत्व बढ़ जाता है; क्योंकि मजबूत पहचान नियंत्रण (आइडेंटिटी कंट्रोल्स) और बैकअप किसी भी डिजिटल त्रुटि को भौतिक बाधा बनने से रोकते हैं। भविष्य का रास्ता इंडिया मैरीटाइम वीक 2025 के दौरान किए गए ₹12 लाख करोड़ के इन्वेस्टमेंट प्रपोज़ल और ₹6 लाख करोड़ से ज़्यादा के सागरमाला प्रोजेक्ट्स के साथ, भारतीय पोर्ट्स अगले दस सालों में बदलाव का अनुभव करने वाले हैं। मैरीटाइम इंडिया विज़न 2030 और मैरीटाइम अमृत काल विज़न 2047 जैसे सरकारी कार्यक्रमों के साथ, मैरीटाइम इंडस्ट्री एक ही समय में दोनों मकसद पूरे करने के लिए तैयार है। यह स्मार्ट, तेज़ और ग्रीन पोर्ट्स के साथ-साथ लाखों भारतीयों के लिए नई नौकरियों की सौगात है, क्योंकि देश का मैरीटाइम कल्चर तकनीक से चलने वाले युग में आगे बढ़ रहा है।

Read More

कैट.सी.जी.चैप्टर.प्रे.वि.क्र./07/08/2026-27 दिनांकः- 13.08.2026Raipur chhattisgarh VISHESH / देश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन…

अंतरराष्ट्रीय

राजनीति

कटेकल्याण से इंग्लैंड का सफर निश्चित हो गया मुख्यमंत्री से छोटे से संवाद से रायपुर, 23 मई 2022एक छोटे से संवाद ने कटेकल्याण की पार्वती की…

Read More

मनोरंजन

‘इमर्जिंग वॉइसेस: फिल्म स्कूल एडिशन्स’ महोत्सव में नई वैश्विक आवाज 19वें मुंबई…

सुविचार
FInance