शिव महापुराण कथा में सम्मिलित हुए केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू

नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी को दी बधाई एवं शुभकामनाएं बिलासपुर। आवासन एवं शहरी कार्य राज्य...
Read More
शिव महापुराण कथा में सम्मिलित हुए केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू

रायपुर : छत्तीसगढ़ पर्यटन बुकिंग के नाम पर फर्जीवाड़े से सावधान

पर्यटन बोर्ड की पर्यटकों से अपील—फर्जी वेबसाइट, बुकिंग लिंक, मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया से रहें सतर्क रायपुर, 23 अगस्त...
Read More
रायपुर : छत्तीसगढ़ पर्यटन बुकिंग के नाम पर फर्जीवाड़े से सावधान

रायपुर : वनांचल की गृहिणी कुसुम सिन्हा बनीं ‘लखपति दीदी’, राखी कारोबार से 7 लाख रुपए की आय की उम्मीद

विष्णु भैया को रक्षाबंधन की दी बधाई एवं शुभकामनाएं रायपुर, 23 अगस्त 2026 कभी घर की चारदीवारी तक सीमित रहने...
Read More
रायपुर : वनांचल की गृहिणी कुसुम सिन्हा बनीं ‘लखपति दीदी’, राखी कारोबार से 7 लाख रुपए की आय की उम्मीद

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर में हुए विविध कार्यक्रम

विद्यार्थियों ने पोस्टर प्रदर्शनी एवं प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता के माध्यम से दिखाई वैज्ञानिक सोच और रचनात्मकता रायपुर, 23 अगस्त 2026 राष्ट्रीय...
Read More
राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर में हुए विविध कार्यक्रम

रायपुर : राखी का बंधन, खुशियों का संसार, महतारी वंदन से बहनों को मिला संबल अपार

रक्षाबंधन से पहले मिली महतारी वंदन की 30वीं किस्त, मिलापा की त्योहार की खुशियां हुईं दोगुनी रायपुर, 23 अगस्त 2026...
Read More
रायपुर : राखी का बंधन, खुशियों का संसार, महतारी वंदन से बहनों को मिला संबल अपार

रायपुर : आयुष्मान कार्ड से आसान हुई इलाज की राह, ग्रामीणों को मिल रही स्वास्थ्य सुरक्षा

मुख्यमंत्री श्री साय की संवेदनशील पहल से गांव-गांव तक पहुंच रही स्वास्थ्य योजनाओं की सुविधा छिंदगढ़ में 24 अगस्त को...
Read More
रायपुर : आयुष्मान कार्ड से आसान हुई इलाज की राह, ग्रामीणों को मिल रही स्वास्थ्य सुरक्षा

रायपुर : विष्णु भैया की सरकार में महतारी वंदन से बढ़ा ज्ञानवती का आत्मविश्वास

नियमित आर्थिक संबल से छोटे व्यवसाय को मिली मजबूती, आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रही हैं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की ज्ञानवती...
Read More
रायपुर : विष्णु भैया की सरकार में महतारी वंदन से बढ़ा ज्ञानवती का आत्मविश्वास

रायपुर: सुकमा के दूरस्थ गांवों में पहुंची मोबाइल कनेक्टिविटी, अब गांव में ही बज रही मोबाइल की घंटी

गोंडिगुड़ा में नया मोबाइल टॉवर शुरू, 4 हजार से अधिक ग्रामीणों को मिलेगा नेटवर्क का लाभ मुख्यमंत्री श्री साय की...
Read More
रायपुर: सुकमा के दूरस्थ गांवों में पहुंची मोबाइल कनेक्टिविटी, अब गांव में ही बज रही मोबाइल की घंटी

रायपुर : तकनीक के पंख लगाकर उड़ान भरेगा धमतरी का युवा

कॉलेजों में एआई वर्कशॉप का सफल आयोजन ‘बदलते समय में स्किल अपडेट ही सफलता का आधार’ ​रायपुर, 23 अगस्त 2026...
Read More
रायपुर : तकनीक के पंख लगाकर उड़ान भरेगा धमतरी का युवा

रायपुर : ‘विष्णु भैया का रक्षाबंधन उपहार’

महतारी वंदन योजना से संवर रहीं धमतरी की बहनों की खुशियां रायपुर, 23अगस्त 2026 महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं...
Read More
रायपुर : ‘विष्णु भैया का रक्षाबंधन उपहार’

नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी को दी बधाई एवं शुभकामनाएं बिलासपुर। आवासन एवं शहरी कार्य राज्य…

विष्णु भैया को रक्षाबंधन की दी बधाई एवं शुभकामनाएं रायपुर, 23 अगस्त 2026 कभी घर की चारदीवारी तक सीमित रहने…

विद्यार्थियों ने पोस्टर प्रदर्शनी एवं प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता के माध्यम से दिखाई वैज्ञानिक सोच और रचनात्मकता रायपुर, 23 अगस्त 2026 राष्ट्रीय…

मुख्यमंत्री श्री साय की संवेदनशील पहल से गांव-गांव तक पहुंच रही स्वास्थ्य योजनाओं की सुविधा छिंदगढ़ में 24 अगस्त को…

नियमित आर्थिक संबल से छोटे व्यवसाय को मिली मजबूती, आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रही हैं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की ज्ञानवती…

गोंडिगुड़ा में नया मोबाइल टॉवर शुरू, 4 हजार से अधिक ग्रामीणों को मिलेगा नेटवर्क का लाभ मुख्यमंत्री श्री साय की…

किसानों की मेहनत, बहनों की उद्यमशीलता और सुगंधित विष्णुभोग चावल ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को दिलाई नई पहचान रायपुर, 23 अगस्त 2026…

UP Government

राष्ट्रीय

Article Manoj kumar tiwari (Director IIM Mumbai) Raipur chhattisgarh VISHESH / वैश्विक व्यापार में जैसे जैसे भारत अपनी साख कायम करता जा रहा है, अच्छे पोर्ट, मज़बूत सप्लाई चेन और स्मार्ट लॉजिस्टिक्स वह आधार हैं जो यह तय करेंगे कि हमारी अर्थव्यवस्था कितनी आगे तक जायेगी और कितनी तेज़ी से बढ़ेगी। भारत का समुद्र से रिश्ता लगभग 4,500 साल पुराना है। समुद्री इतिहासकारों के अनुसार, सिंधु घाटी सभ्यता ने लगभग 2300 ईसा पूर्व लोथल में दुनिया का सबसे पुराना टाइडल डॉकयार्ड बनाया गया था, जहाँ से मेसोपोटामिया तक मोती और कपड़े भेजे जाते थे, जबकि चोल नेवी ने बाद में बंगाल की खाड़ी की कमान संभाली, और भारतीय व्यापार और संस्कृति को पूरे दक्षिण-पूर्व एशिया तक पहुँचाया। नाविक कौशल की वह ऐतिहासिक विरासत आज एक आधुनिक इकॉनामिक इंजन का रूप ले चुकी है—जो इस समय बड़े पैमाने पर हो रही भर्तियों और तकनीकी क्रांति के दोराहे पर खड़ा है। आंकड़े जो मायने रखते हैं इंडिया ब्रांड इक्विटी फाउंडेशन (IBEF) के डेटा के अनुसार, भारत का लगभग 95% व्यापार मात्रा (वॉल्यूम) के हिसाब से और लगभग 70% वैल्यू के हिसाब से अभी भी समुद्र के रास्ते होता है। वित्त वर्ष 2024–25 में बड़े बंदरगाहों पर 854.86 मिलियन टन कार्गो का व्यवहार हुआ और बंदरगाह की कुल क्षमता लगभग दोगुनी होकर 2,762 मिलियन टन सालाना हो गई है, जबकि एवरेज वेसल टर्नअराउंड टाइम 93 घंटे से घटकर सिर्फ़ 48 घंटे रह गया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के जारी डेटा के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025–26 में भारत से मर्चेंडाइज़ और सर्विसेज़ का कुल निर्यात लगभग $860.09 बिलियन तक पहुँच गया। कुल निर्यात में इंजीनियरिंग के सामानों का हिस्सा 27% है, और बाकी का हिस्सा पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स, जेम्स और ज्वेलरी, दवाइयाँ, टेक्सटाइल, चावल और मरीन प्रोडक्ट्स का है। आयात का बड़ा हिस्सा क्रूड ऑयल, कोयला, सोना, मशीनरी और इलेक्ट्रॉनिक्स का है। इन्हीं वजहों से शिपिंग इंडस्ट्री को हमेशा भारतीय अर्थव्यवस्था की ‘रीढ़ की हड्डी’ कहा जाता है। युवा भारत के लिए एक जॉब मशीन आज इस कहानी को जो बात वास्तव में आकर्षक बनाती है, वह है इसमें मौजूद अवसरों का विशाल पैमाना। बिमको-आईसीएस सीफेयरर वर्कफोर्स रिपोर्ट 2026 के अनुसार, भारत पारंपरिक रूप से हावी रहने वाले समुद्री देशों को पीछे छोड़ते हुए फिलीपींस के बाद वैश्विक स्तर पर नाविकों का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक बनकर उभरा है। इस समय दुनिया के कुल नाविकों में भारत की हिस्सेदारी 12.16% है, जिनकी संख्या 3.11 लाख से अधिक है; जबकि 2015 में यह आंकड़ा महज 5.2% था। वर्ष 2025-26 में भारत में 3.08 लाख नाविक काम कर रहे थे, और 2014 से महिला सीफ़ेयरर्स (नाविकों) की संख्या दस गुना बढ़ गई है। यह इस बात का संकेत है कि यह क्षेत्र कितनी तेज़ी से खुल रहा है। सरकार का लक्ष्य इससे भी आगे है: केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने मैरीटाइम अमृत काल विज़न के तहत 2047 तक ₹80 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करने और लगभग 4 करोड़ समुद्री नौकरियाँ सृजित करने की योजनाओं की घोषणा की है। बड़ी समुद्री अर्थव्यवस्था जहाज़ बनाने, जहाज़ की मरम्मत, गोदाम, माल ढुलाई, बीमा, हरित ईंधन और अंदरूनी जलमार्गों में भी रोज़गार देती है — जिससे युवा भारतीयों को आम आईटी और फ़ाइनेंस के रास्तों से कहीं आगे भरोसेमंद, अधिक आमदनी वाले, दुनिया भर में आगे बढ़ने वाले करियर के रास्ते मिलते हैं। ऑटोमेशन: एक गतिवर्धक है, कोई खतरा नहीं जो सेक्टर ये नौकरियां दे रहा है, उसे ऑटोमेशन भी बदल रहा है और ये दोनों ट्रेंड एक-दूसरे के खिलाफ होने के बजाय साथ-साथ काम कर रहे हैं। जवाहरलाल नेहरू पोर्ट पहले से ही 10.4 मिलियन टीईयू की कुल क्षमता वाले पांच ऑटोमेटेड कंटेनर टर्मिनल चलाता है, जो इसे दुनिया के टॉप 40 कंटेनर पोर्ट में से एक बनाता है और साथ ही मुंद्रा पोर्ट भी, जो 7.4 मिलियन टीईयू हैंडल करता है और दुनिया के सबसे व्यस्त पोर्ट में से एक है। भारत के डिजिटल पुश के सेंटर में ई-समुद्र है, जो एक यूनिफाइड सिंगल-विंडो पोर्टल है जो शिपिंग कंपनियों, नाविकों और ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट को अलग-अलग पेपरवर्क के बजाय सर्टिफिकेट, लाइसेंस और पेमेंट ऑनलाइन हैंडल करने देता है। एक अलग मैरीटाइम सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म, जो जनवरी 2024 से ऑपरेशनल है, अब देश भर के 85 बंदरगाहों को कवर करता है और इसने 2025 के मध्य तक वेसल कम्प्लायंस रेट को 75% तक पहुंचा दिया है, जिससे जहाजों के आने और जाने के लिए दस्तावेजों का बोझ कम हो गया है। अगला मोर्चा AI-संचालित योजना है: जहाज़ के आने का डेटा, मौसम, बर्थ की उपलब्धता और यार्ड स्पेस को मिलाया जा सकता है ताकि एक सिस्टम यह सुझाव दे सके कि जहाज़ को कहाँ डॉक करना चाहिए और उसे कैसे उतारना चाहिए, और हालात बदलने पर प्लान को अपडेट करता रहे। डिजिटल ट्विन्स के साथ, पोर्ट अथॉरिटीज़ पोर्ट के लाइव ट्विन पर जहाजों के देर से आने और क्रेन के खराब होने जैसी संभावित रुकावटों के लिए सिमुलेशन कर सकती हैं, जबकि क्रेन और कन्वेयर बेल्ट में लगे सेंसर मशीन के रखरखाव की ज़रूरतों का अनुमान लगाने में मदद कर सकते हैं। ऑटोमेशन प्रोसेस को मशीन और इंसानों के बीच प्रतिस्पर्धा के तौर पर देखने की ज़रूरत नहीं है; यह पेपरवर्क खत्म करता है और लोगों को असुरक्षित लिफ्टिंग एरिया से दूर रखता है और साथ ही, यह क्रेन ड्राइवरों, रिमोट कंट्रोल रूम के स्टाफ मेंबर्स, रोबोटिक्स इंजीनियरों और आईटी एनालिस्ट के लिए एक नया बाजार बनाता है। सही रणनीति ऑटोमेशन और री-स्किलिंग दोनों को एक साथ लेकर चलने की है। भारत में ‘मैरीटाइम इंडिया विजन 2030’ परियोजना के पीछे ठीक यही विचार है, जिसे उन्नत डिजिटल सिमुलेटरों से लैस प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से पूरा किया जा रहा है। जैसे-जैसे बंदरगाह अधिक डिजिटल रूप से जुड़ रहे हैं, साइबर सुरक्षा का महत्व बढ़ जाता है; क्योंकि मजबूत पहचान नियंत्रण (आइडेंटिटी कंट्रोल्स) और बैकअप किसी भी डिजिटल त्रुटि को भौतिक बाधा बनने से रोकते हैं। भविष्य का रास्ता इंडिया मैरीटाइम वीक 2025 के दौरान किए गए ₹12 लाख करोड़ के इन्वेस्टमेंट प्रपोज़ल और ₹6 लाख करोड़ से ज़्यादा के सागरमाला प्रोजेक्ट्स के साथ, भारतीय पोर्ट्स अगले दस सालों में बदलाव का अनुभव करने वाले हैं। मैरीटाइम इंडिया विज़न 2030 और मैरीटाइम अमृत काल विज़न 2047 जैसे सरकारी कार्यक्रमों के साथ, मैरीटाइम इंडस्ट्री एक ही समय में दोनों मकसद पूरे करने के लिए तैयार है। यह स्मार्ट, तेज़ और ग्रीन पोर्ट्स के साथ-साथ लाखों भारतीयों के लिए नई नौकरियों की सौगात है, क्योंकि देश का मैरीटाइम कल्चर तकनीक से चलने वाले युग में आगे बढ़ रहा है।

Read More

कैट.सी.जी.चैप्टर.प्रे.वि.क्र./07/08/2026-27 दिनांकः- 13.08.2026Raipur chhattisgarh VISHESH / देश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन…

अंतरराष्ट्रीय

राजनीति

कटेकल्याण से इंग्लैंड का सफर निश्चित हो गया मुख्यमंत्री से छोटे से संवाद से रायपुर, 23 मई 2022एक छोटे से संवाद ने कटेकल्याण की पार्वती की…

Read More

मनोरंजन

‘इमर्जिंग वॉइसेस: फिल्म स्कूल एडिशन्स’ महोत्सव में नई वैश्विक आवाज 19वें मुंबई…

सुविचार
FInance