
रेशम स्व सहायता समूहों की आय बढ़ाने के लिए मार्केट लिंकेज के निर्देश दिए।
हथकरघा समितियों को ब्लेंडेड कपड़ों (मिश्रित धागों) में नवाचार करने का सुझाव।

टसर प्लांटेशन (रेशम कीट पालन क्षेत्र) में मिक्स्ड क्रॉपिंग (मिश्रित खेती) के निर्देश दिए।


Raipur chhattisgarh VISHESH : ग्रामोद्योग सचिव श्री राजेश सिंह राणा (भा.प्र.से.), जो सुकमा जिले के प्रभारी सचिव भी है के द्वारा दिनांक 16/06/2026 को विकास बुनकर सहकारी समिति कुरूद जिला-धमतरी का भ्रमण किया गया। बुनकर समिति में जेकार्ड एवं डाबी लूम में गनवेश वस्त्र उत्पादन तथा स्थानीय बाजार के मांग के अनुरूप कराये जा रहे संबलपुरी साडी, डबल बेडशीट, शर्टिंग, टॉवेल, चादर का अवलोकन किया गया। बुनकर समिति के द्वारा वस्त्र उत्पादन में कॉटन धागे के साथ केला एवं कोसा यार्न के उपयोग से किये जा रहे नवाचार को सराहा गया।
सचिव ग्रामोद्योग के द्वारा उक्त नवाचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ डबल बेडशीट चादर के वस्त्र उत्पादन को शीघ्र चालू कराने का निर्देश दिया गया। रेशम प्रभाग के अधीन कांकेर जिले के बाबूकोहका के टसर उत्पादन केन्द्र एवं धगाकरण केन्द्र में ‘रेशम ग्राम’ त्रिपाठीला की महिला हितग्राहियों के साथ चर्चा की गई। समूह के महिलाओं के द्वारा धागाकरण करने हेतु डाबा कोसा (ककून) उपलब्ध कराने की मांग किया गया। महिलाओं ने जानकारी दी कि वर्तमान में कोसा धागे का मूल्य कम होने तथा केवल दो व्यापारियों के द्वारा धागा खरीदने के कारण विगत वर्ष की तुलना में समूह को कम लाभ हुआ है। सचिव ग्रामोद्योग के द्वारा वेट रीलिंग मशीन को शीघ्र प्रारम्भ करने हेतु निर्देश जिला रेशम अधिकारी कांकेर को निर्देशित किया गया। बाबूकोहका के टसर कृमिपालन में चौकी प्लांट तथा कृमिपालन संबंधित कार्य का निरीक्षण किया गया। साथ ही टसर केन्द्रों में अन्तर फसल यथा आलू, प्याज, हल्दी, जिमीकंद तथा फूलदार पौधे जैसे ‘गेंदा’ से अतिरिक्त आय महिलाओं को दिलाने का निर्देश दिया गया। रेशम केन्द्र परसोदा में बीज उत्पादन (ग्रेनेज एक्टिविटी) का अवलोकन किया गया।

टसर बीज उत्पादन की तकनीकी गतिविधियों की जानकारी कालेज के पढ़े-लिखे स्थानीय विद्यार्थियों को देने का निर्देश दिया गया ताकि स्थानीय युवाओं को रेशम कृमिपालन से अतिरिक्त लाभ अर्जित हो सके। महानदी बुनकर सहकारी समिति बाबूकोहका का निरीक्षण किया गया। वस्त्र उत्पादन में संलग्न महिला बुनकरों के बुनाई कार्य से आमदनी की जानकारी ली गई तथा समस्त भुगतान हितग्राहियों के खाते में एकाउंट पेयी/RTGS से कराने का निर्देश दिया गया। हथकरघा एवं रेशम के कार्य में संलग्न महिलाओं हितग्राहियों को लखपति दीदी बनाने के लिए विशेष प्रयास किये जाने का निर्देश दिया गया।





















