

Raipur chhattisgarh VISHESH / पंचायत, “स्थानीय स्वशासन” होने के नाते, राज्य का विषय है और भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची की राज्य सूची का हिस्सा है। हालांकि, पंचायती राज मंत्रालय वित्तीय वर्ष 2022-23 से राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में संशोधित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) की केंद्र प्रायोजित योजना को लागू कर रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य निर्वाचित प्रतिनिधियों (ईआर), पंचायत पदाधिकारियों और अन्य हितधारकों को प्रशिक्षण प्रदान करके पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) की क्षमता को मजबूत बनाना है ताकि वे नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए अपनी शासन क्षमताओं का विकास कर सकें, जिससे ग्राम पंचायतों और स्थानीय निकायों को सभी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से कार्य करने में सक्षम बनाया जा सके।
संशोधित आरजीएसए योजना के तहत, मंत्रालय पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और अन्य हितधारकों की क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण (सीबीएंडटी) के लिए सहायता प्रदान करता है। इसमें कई तरह के प्रशिक्षण शामिल हैं, जैसे बुनियादी जानकारी और रिफ्रेशर प्रशिक्षण, विषय-आधारित प्रशिक्षण, विशेष प्रशिक्षण, पंचायत विकास योजना का प्रशिक्षण, और राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों की प्राथमिकता के अनुसार कोई अन्य प्रशिक्षण।
संशोधित आरजीएसए योजना में पंचायत भवनों, कंप्यूटर सुविधाओं, पंचायत शिक्षण केंद्रों (पीएलसी) और पंचायत कार्यालय परिसरों में सीमित पैमाने पर सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी) के सह-स्थापन जैसी पंचायत अवसंरचनाओं को मजबूत बनाने का भी प्रावधान है।
पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) की संस्थागत और प्रशासनिक क्षमता को मजबूत बनाने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य में संशोधित आरजीएसए योजना लागू की जा रही है। निर्वाचित प्रतिनिधियों और पंचायत पदाधिकारियों के लिए पंचायत राज अधिनियम, पंचायत विकास योजना (पीडीपी), पंचायत डिजिटल प्लेटफॉर्म, स्वयं के राजस्व स्रोत (ओएसआर), सतत विकास लक्ष्यों का स्थानीयकरण (एलएसडीजी) आदि पर नियमित क्षमता-निर्माण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। संशोधित आरजीएसए के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में प्रशिक्षित निर्वाचित प्रतिनिधियों और पंचायत पदाधिकारियों का विवरण नीचे दिया गया हैं


स्रोत: प्रशिक्षण प्रबंधन पोर्टल के अनुसार
इस योजना के तहत, डिजिटल शासन को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ की ग्राम पंचायतों को 1,111 कंप्यूटर उपलब्ध कराए गए हैं। वित्त वर्ष 2022-23 से 130 ग्राम पंचायतों में सीएससी सह-स्थापन के लिए अतिरिक्त भवन उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ राज्य में 1,197 प्रतिभागियों को विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रशिक्षित किया गया है।
मंत्रालय ने सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के प्रति एक विषयगत दृष्टिकोण अपनाया है। इसके तहत 17 एसडीजी को शामिल करते हुए 9 विषयों को विकसित किया गया है ताकि आम लोग जमीनी स्तर पर इन्हें आसानी से समझ सकें और सामुदायिक भागीदारी के साथ विकास को सुगम बनाया जा सके। इनमें से प्रत्येक विषय में एक या एक से अधिक एसडीजी शामिल हैं इसे अलग-अलग नोडल मंत्रालयों/विभागों से उनके जनादेश के अनुसार जोड़ा गया है ताकि ग्राम पंचायत स्तर पर बेहतर सहयोग और संसाधनों को बढ़ाने के लिए पंचायतों में एसडीजी का स्थानीयकरण किया जा सके। ये नौ विषय हैं: (i) गरीबी मुक्त और उन्नत आजीविका वाली पंचायत; (ii) स्वस्थ पंचायत; (iii) बाल-अनुकूल पंचायत; (iv) जल-पर्याप्त पंचायत; (v) स्वच्छ और हरित पंचायत; (vi) पंचायत में आत्मनिर्भर अवसंरचना वाले पंचायत; (vii) सामाजिक रूप से न्यायपूर्ण और सुरक्षित पंचायत; (viii) सुशासन वाली पंचायत; और (ix) महिला-अनुकूल पंचायत।
जमीनी स्तर पर सतत विकास लक्ष्यों (एलएसडीजी) के स्थानीयकरण की प्रक्रिया को गति देने के लिए, छत्तीसगढ़ राज्य सहित पूरे देश में स्वच्छता, स्वास्थ्य, लैंगिक समानता आदि पर ध्यान केंद्रित करते हुए पंचायतें समग्र विकास के लिए विषयगत पंचायत विकास योजनाएं (पीडीपी) तैयार करती हैं। वित्त वर्ष 2022-23 से, छत्तीसगढ़ राज्य में, विषय 2 स्वस्थ पंचायत के तहत 2,168 प्रतिभागियों , विषय 5 स्वच्छ और हरित पंचायत के तहत 2,475 प्रतिभागियों और विषय 9 महिला अनुकूल पंचायत के तहत 1,350 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया है।
मंत्रालय ने ज़मीनी स्तर पर सतत विकास लक्ष्यों (एलएसडीजी) के कार्यान्वयन की प्रक्रिया के आकलन के लिए, पंचायत विकास सूचकांक (पीएआई) विकसित किया है, जो एलएसडीजी के नौ विषयों में ग्राम पंचायतों/ग्राम पंचायतों के समकक्ष के बेहतर कार्यनिष्पादन को मापने के लिए एक समग्र मूल्यांकन रूपरेखा है।
छत्तीसगढ़ राज्य में संशोधित आरजीएसए के तहत प्रमुख उपलब्धियों में क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण के माध्यम से पीआरआई को मजबूत बनाना, पंचायत विकास योजना (पीडीपी) तैयार करना, डिजिटल शासन को व्यापक रूप से अपनाना, पंचायत विकास सूचकांक (पीएआई) को ऑनबोर्ड करना और पंचायतों के स्वयं के राजस्व स्रोत (ओएसआर) सृजन करने के लिए समर्थ पंचायत पोर्टल शामिल हैं।
वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के दौरान (10 जुलाई, 2026 तक) गुजरात राज्य में OSR मॉड्यूल के तहत 590 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया, महिलाओं के निर्वाचित प्रतिनिधि (WER) मॉड्यूल के तहत 2,240 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया और पाई के तहत 409 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया। वित्तीय वर्ष 2022-23 से वित्तीय वर्ष 2025-26 तक ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) का विवरण निम्नलिखित है:-
वित्तीय वर्ष
ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी)
ग्राम पंचायतों की संख्या
अपलोड की गई ग्राम पंचायत विकास योजना की संख्या

यह जानकारी केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने 29 जुलाई 2026 को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी l





















