

छत्तीसगढ़ राज्य स्तर पर 10 प्रशिक्षुओं ने शीर्ष दस स्थानों में बनाई जगह
Raipur chhattisgarh VISHESH / एनएमडीसी डीएवी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान भांसी के प्रशिक्षुओं ने अखिल भारतीय व्यवसायिक परीक्षा 2025-26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए संस्थान का नाम गौरवान्वित किया है। कुल 10 प्रशिक्षुओं ने छत्तीसगढ़ राज्य स्तर पर शीर्ष दस स्थानों में जगह बनाकर अपनी प्रतिभा, मेहनत एवं उत्कृष्ट प्रशिक्षण का परिचय दिया है।

संस्थान के मैकेनिक मोटर व्हीकल ट्रेड के अंतिम वर्ष के प्रशिक्षुओं ने विशेष सफलता प्राप्त की, जिसमें प्रीतम दास ने प्रथम स्थान, रुद्र प्रताप दुर्गा ने द्वितीय स्थान तथा हर्ष कुमार ने सातवां स्थान प्राप्त किया।
वहीं मैकेनिक मोटर व्हीकल ट्रेड के प्रथम वर्ष में संदीप सोना ने प्रथम स्थान, मोतीराम ने छठवां स्थान तथा विशाल ने नौवां स्थान प्राप्त कर संस्थान का गौरव बढ़ाया।
डीजल मैकेनिक ट्रेड में देवकुमार साहू ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वेल्डर ट्रेड में रिया शर्मा ने आठवां स्थान तथा इलेक्ट्रीशियन ट्रेड के प्रथम वर्ष में बुधराम ने तृतीय स्थान एवं स्नेहा मंडल ने दसवां स्थान प्राप्त किया।
इस शानदार उपलब्धि पर एनएमडीसी डीएवी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान भांसी के प्राचार्य, सभी प्रशिक्षकों एवं कर्मचारियों ने सफल प्रशिक्षुओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
एनएमडीसी डीएवी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान भांसी दंतेवाड़ा जिले का एक प्रतिष्ठित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था है, जो एनएमडीसी लिमिटेड के सामाजिक नैगमिक दायित्व के सहयोग से संचालित है। संस्थान में फिटर, वेल्डर, मोटर वाहन यांत्रिकी, डीजल यांत्रिकी एवं विद्युत व्यवसाय जैसे रोजगारपरक व्यवसायों में युवाओं को उद्योग आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। संस्थान में आधुनिक स्मार्ट कक्षाएं, अत्याधुनिक कार्यशालाएं एवं बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं।
संस्थान के प्राचार्य कमलेश साहू ने कहा कि, हमारे प्रशिक्षुओं की यह उपलब्धि पूरे संस्था परिवार के लिए गर्व का विषय है। हमारा उद्देश्य युवाओं को बेहतर कौशल, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण एवं उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है।
इस उत्कृष्ट उपलब्धि पर एनएमडीसी लिमिटेड, बचेली परियोजना प्रमुख श्रीधर कोडाली ने सभी सफल प्रशिक्षुओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षुओं की यह सफलता उनके कठिन परिश्रम, अनुशासन, लगन तथा प्रशिक्षकों,समस्त स्टाफ एवं संस्थान प्रबंधन के समर्पित मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को निरंतर मेहनत करते हुए अपने कौशल को और बेहतर बनाने तथा भविष्य में नई ऊंचाइयां प्राप्त करने के लिए कहा।





















