


भ्रामक खबरों पर सुकमा की महिलाओं ने जताई आपत्ति, लिखित सहमति के आधार पर हुआ था फैशन शो में शामिल होने का निर्णय



Raipur chhattisgarh VISHESH / माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में तथा श्री गजेन्द्र यादव, ग्रामोद्योग मंत्री के निर्देशानुसार ग्रामोद्योग विभाग के सचिव सह-प्रबंध संचालक श्री राजश सिंह राणा, भा.प्र.से. के द्वारा राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस के अवसर पर 07 अगस्त 2026 को पं. दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम, साईंस कालेज ग्राउण्ड रायपुर में स्वदेशी फैशन-शो तथा ग्रामोद्योग हाथकरघा प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। राज्य हाथकरघा संघ के बिलासा हैण्डलूम एम्पोरियम में उपलब्ध कोसा एवं काटन वस्त्रों का निफ्ट डिजाईनरों के द्वारा निर्मित परिधानों का स्वदेशी फैशन-शो में सुकमा जिले के आत्मसमर्पित 09 महिला नक्सलियों के द्वारा रैंप-वाक किया गया था। कार्यालय जिला पुनर्वास सुकमा, जिला प्रशासन के द्वारा पत्र क्रमांक 44 दिनांक 19.07.2026 के माध्यम से सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, ग्रामोद्योग विभाग को पत्र लिखकर जानकारी दी गयी थी कि जिला सुकमा के 09 चयनित पुनर्वासित केन्द्र की महिलाओं के द्वारा स्वदेशी फैशन-शो/प्रदर्शनी में सहभागिता के लिए लिखित में सहमति दी गयी थी, जिसमें प्रतिभागियों के नाम, आवश्यक विवरण एवं फोटाग्राफ्स सहित जानकारी उल्लेखित है। प्रतिभागियों का नाम निम्नानुसार है:-

- पोडियाम हिडमे, पिता पोडियाम भीमा
- पोडियाम राजे, पिता हिडिया
- जोगी वेट्टी, पिता केसा
- डोडी रामे, पिता जोगा
- माडवी नंदनी, पिता माडवी हुंगा
- मड़कम महिमा, पिता बडि
- कुजांम हिडमे, पिता कुजांम मासा
- ओदे भीमे, पिता रामा
- सुषीला वेट्टी, पिता मासा
उपरोक्त उल्लेखित आत्मसमर्पित महिलाओं के द्वारा स्वदेशी फैशन-शो में भाग लेने हेतु स्वेच्छा से सहमति दी गयी थी, जिसके आधार पर जिला प्रशासन सुकमा के द्वारा आवागमन एवं अन्य आवश्यक समन्वय किया गया है। ग्रामोद्योग विभाग के स्वदेशी फैशन-शो में स्वेच्छा से भाग लेने के फलस्वरूप बिलासा हैण्डलूम एम्पोरियम रायपुर के परिधानों को पहनकर रैंप-वाक किया गया है, किन्तु कुछ मीडिया/न्यूज पोर्टल के माध्यम से आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों के द्वारा किये गये स्वदेशी फैशन-शो के रैंप-वाक के विरूद्ध भ्रामक खबर प्रकाशित किया गया है, जो कि पूर्णतःवास्तविकता से परे है। आत्मसमर्पित महिलाओं के द्वारा स्वदशी फैशन-शो में स्वेच्छा से सहभागिता होने के कारण उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुआ है एवं प्रदेश तथा राष्ट्रीय स्तर पर भी उक्त कार्यक्रम को सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सहराहना दी गयी है। माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के निर्देशानुसार एवं माननीय ग्रामोद्योग मंत्री श्री गजेन्द्र यादव जी के मार्गदर्शन पर ग्रामोद्योग विभाग के सचिव सह प्रबंध संचालक श्री राजेश सिंह राणा के द्वारा बस्तर संभाग के 08 पुनर्वास केन्द्रो के 20-20 हितग्राहियों कुल 160 हितग्राहियों को हाथकरघा वस्त्र का नवीन बुनाई प्रशिक्षण देने एवं निःशुल्क नवीन करघे एवं उपकरण प्रदाय करने हेतु राशि रू. 54.40 लाख की स्वीकृति दिया गया है। जिसके द्वारा हाथकरघा वस्त्र बुनाई में प्रशिक्षण देकर स्थानीय स्तर/उनके घर पर ही वस्त्र बुनाई के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया जायेगा। ताकि रोजगार के मुख्यधारा से जोड़कर सामाजिक एवं आर्थिक विकास किया जा सके।





















