

मानवाधिकार संरक्षण, लैंगिक समानता और समावेशी शैक्षणिक प्रशासन को सुदृढ़ बनाने की दिशा में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के विशेष मॉनिटर प्रोफेसर कन्हैया त्रिपाठी ने भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर का दौरा कर संस्थान में संचालित मानवाधिकार जागरूकता, लैंगिक संवेदनशीलता और संस्थागत सर्वोत्तम प्रथाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इन विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।

बैठक में भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर के प्रभारी निदेशक प्रोफेसर संजीव प्रशर, छात्र कार्य अध्यक्ष प्रोफेसर एम. रामकुमार, साक्षम (यौन उत्पीड़न, समानता, न्याय एवं सामाजिक उत्तरदायित्व समिति) की अध्यक्ष प्रोफेसर आशापूर्णा बरुआ, छात्रावास वार्डन, छात्र कार्य एवं साक्षम समिति के अधिकारी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी और अधिष्ठाता (शैक्षणिक) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


प्रोफेसर कन्हैया त्रिपाठी ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों की भूमिका केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें सामाजिक रूप से उत्तरदायी, संवेदनशील और मानवीय मूल्यों से युक्त नागरिकों के निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर द्वारा समावेशी और लैंगिक रूप से संवेदनशील परिसर संस्कृति विकसित करने तथा मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास समानता पर आधारित संस्थागत व्यवस्था और जागरूक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

बैठक में छात्रों, संकाय सदस्यों और कर्मचारियों के बीच मानवाधिकार, कार्यस्थल की गरिमा, लैंगिक समानता और संवेदनशीलता से संबंधित जागरूकता गतिविधियों के विस्तार पर चर्चा हुई। कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम (प्रिवेंशन ऑफ सेक्सुअल हैरेसमेंट) संबंधी प्रावधानों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए नियमित अभिमुखीकरण कार्यक्रम, कार्यशालाएं और क्षमता विकास कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया गया। इसके साथ ही संस्थागत समावेशन तंत्र को और अधिक सशक्त बनाने तथा जागरूकता अभियानों में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया।
भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर के प्रभारी निदेशक प्रोफेसर संजीव प्रशर ने कहा कि संस्थान में प्रबंधन शिक्षा को समावेशन, गरिमा और सामाजिक उत्तरदायित्व के मूल्यों के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थान अपनी आंतरिक साक्षम समिति और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सहयोग से मानवाधिकार जागरूकता, लैंगिक संवेदनशीलता और संस्थागत सर्वोत्तम प्रथाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रोफेसर कन्हैया त्रिपाठी ने संस्थागत प्रशासन में मानवाधिकार दृष्टिकोण को प्रभावी रूप से शामिल करने तथा जनजागरूकता अभियानों, आउटरीच कार्यक्रमों और संबंधित समितियों के साथ समन्वित पहलों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी अपने विचार साझा किए। बैठक में संस्थान की उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों के दस्तावेजीकरण और मानवाधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के साथ भविष्य में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
दौरे के दौरान भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर के प्रभारी निदेशक प्रोफेसर संजीव प्रशर ने प्रोफेसर कन्हैया त्रिपाठी का सम्मान किया। बैठक में भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर ने सम्मानजनक, समावेशी और सामाजिक उत्तरदायित्व पर आधारित शैक्षणिक वातावरण विकसित करने तथा मानवाधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के साथ सहयोग को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।





















