

प्रविष्टि तिथि: 28 JUL 2026 6:00PM by PIB Raipur
हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचएनएलयू), रायपुर ने अपना पहला ‘ट्रेडलैब’ प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक पूर्ण कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि अर्जित की है। यह परियोजना विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीति तथा डिजिटल प्रशासन (Digital Governance) संबंधी अनुसंधान में बढ़ती सहभागिता का महत्वपूर्ण प्रमाण है। इस परियोजना का संचालन संयुक्त राष्ट्र के ‘यूनाइटेड नेशंस इकनोमिक एंड सोशल कमीशन फॉर एशिया एंड द पसिफ़िक’ (ESCAP) तथा ‘सेंटर फॉर ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट लॉ’ (CTIL), नई दिल्ली के सहयोग से किया गया। यह उपलब्धि वैश्विक महत्व के नीति-उन्मुख विधिक अनुसंधान के प्रति एचएनएलयू की प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करती है।


इस परियोजना के अंतर्गत एचएनएलयू की शोध टीम ने दो महत्त्वपूर्ण क्षेत्रीय प्रकाशनों के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इनमें प्रथम प्रकाशन ‘डिजिटल ट्रेड रेग्युलेटरी रिव्यू फॉर साउथ एंड साउथ-वेस्ट एशिया, 2025’ है, तथा द्वितीय प्रकाशन ‘रीजनल डिजिटल ट्रेड इंटीग्रेशन इंडेक्स (RDTII) 2.1 इकोनॉमी प्रोफाइल्स, 2025’ है। इस द्वितीय प्रकाशन के तहत दक्षिण एवं दक्षिण-पश्चिम एशिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं—बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका तथा तुर्किये के डिजिटल व्यापार परिदृश्य और नियामकीय ढाँचे का गहन विश्लेषण किया गया है।
ये दोनों प्रकाशन डिजिटल व्यापार नियामकीय एकीकरण (Digital Trade Regulatory Integration) पर केंद्रित ESCAP–ECA–ECLAC संयुक्त पहल के अंतर्गत तैयार किए गए हैं। इस अंतर्राष्ट्रीय पहल का कुशल नेतृत्व ESCAP के ‘ट्रेड, इन्वेस्टमेंट एंड इनोवेशन डिवीजन’ में आर्थिक मामलों की अधिकारी विटादा अनुकूनवाटाका (Witada Anukoonwattaka) एवं उनकी विशेषज्ञ टीम द्वारा किया गया। इन महत्वपूर्ण रिपोर्टों का विकास एचएनएलयू, रायपुर में संचालित ट्रेडलैब परियोजना के माध्यम से सेंटर फॉर ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट लॉ (CTIL), नई दिल्ली के साथ अकादमिक साझेदारी में संपन्न हुआ।
प्रकाशनों के प्रारंभिक शोध प्रारूप एवं ड्राफ्ट का निर्माण सुश्री संजना रामनाथ, सुश्री ध्रुवी अग्रवाल तथा श्री गर्व अरोड़ा द्वारा किया गया, जबकि श्री सात्विक शेखर, डॉ. अंकित अवस्थी, श्री तथागत चौधरी तथा श्री समर्थ नायर ने इसमें मार्गदर्शन एवं महत्वपूर्ण शैक्षणिक योगदान प्रदान किया। यह परियोजना एचएनएलयू के सहयोगात्मक अनुसंधान मॉडल का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है, जिसमें फैकल्टी मेंटरशिप तथा विद्यार्थियों के कुशल नेतृत्व वाले शोध को एकीकृत करते हुए अंतरराष्ट्रीय व्यापार विनियमन एवं डिजिटल वाणिज्य से जुड़े उभरते विषयों पर गहन कार्य किया गया।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर शोध दल को बधाई देते हुए एचएनएलयू के कुलपति प्रोफेसर वी. सी. विवेकानंदन ने कहा कि ESCAP एवं CTIL के सहयोग से एचएनएलयू के पहले ट्रेडलैब प्रोजेक्ट का सफल समापन विश्वविद्यालय की प्रभावशाली नीति-आधारित रिसर्च संस्था के रूप में उभरती प्रतिष्ठा का प्रमाण है। डिजिटल व्यापार वैश्विक अर्थव्यवस्था को तीव्र गति से परिवर्तित कर रहा है और ऐसे समय में उच्च शिक्षण संस्थानों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है कि वे तथ्याधारित, गहन एवं गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय नीति-निर्माण में सार्थक योगदान दें। उन्होंने आगे कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों एवं फैकल्टी मेंबर्स की प्रतिबद्धता और उत्कृष्ट कार्य का परिणाम है तथा अंतरराष्ट्रीय आर्थिक प्रशासन की समकालीन चुनौतियों का समाधान करने में सक्षम वैश्विक दृष्टिकोण वाले लीगल स्कॉलर्स के निर्माण संबंधी एचएनएलयू की परिकल्पना को और सुदृढ़ करती है।
इस परियोजना की सफलता ने एचएनएलयू के अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान सहयोगों को और अधिक सशक्त किया है। इसके साथ ही यह विश्वविद्यालय की अंतःविषय (Interdisciplinary) रिसर्च, क्षमता निर्माण तथा व्यापार, प्रौद्योगिकी एवं डिजिटल विनियमन से संबंधित क्षेत्रीय एवं वैश्विक नीति-विमर्श में निरंतर सार्थक योगदान देने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।





















