

55 लाख रुपये से अधिक की संभावित लागत बची, तकनीकी आत्मनिर्भरता और परिचालन दक्षता को मिली नई मजबूती
प्रविष्टि तिथि: 15 JUL 2026 6:19PM by PIB Raipur
भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) ने तकनीकी आत्मनिर्भरता और परिचालन उत्कृष्टता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए सिंटर प्लांट-3 की 8.4 मेगावाट उच्च वोल्टेज (हाई टेंशन) सिंक्रोनस वेस्ट गैस फैन मोटर का लेवल-4 अनुरक्षण पहली बार पूर्णतः संयंत्र के आंतरिक संसाधनों (इन-हाउस) से सफलतापूर्वक संपन्न किया है। इस कार्य के लिए बाहरी एजेंसी की सेवाएं लेने पर 55 लाख रुपये से अधिक का व्यय अनुमानित था, जबकि संयंत्र की विशेषज्ञ टीम ने इसे स्वयं निष्पादित कर उल्लेखनीय लागत बचत के साथ अपनी तकनीकी क्षमता का परिचय दिया।


अनुरक्षण कार्य के दौरान मोटर की सफाई के लिए अत्याधुनिक क्रायोजेनिक क्लीनिंग तकनीक का उपयोग किया गया। साथ ही अनुरक्षण प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए आवश्यक विशेष अनुरक्षण उपकरण भी संयंत्र स्तर पर ही विकसित किए गए। इन नवाचारों से मोटर की कार्यक्षमता, विश्वसनीयता तथा सेवा आयु में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।
अनुरक्षित एवं पुनर्स्थापित मोटर का लोकार्पण मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (मेंटेनेंस एंड यूटिलिटीज) बी. के. बेहरा ने किया। इस परियोजना का मार्गदर्शन मुख्य महाप्रबंधक (इलेक्ट्रिकल) टी. के. कृष्ण कुमार, मुख्य महाप्रबंधक (ओर प्रोसेसिंग एंड सिंटर प्लांट-3) सजीव वर्गीज, महाप्रबंधक प्रभारी (सिंटर प्लांट-3) राहुल बिजुरकर तथा महाप्रबंधक (हेवी मैकेनिकल इंजीनियरिंग) ए. के. डे ने किया। परियोजना के सफल क्रियान्वयन में मुख्य महाप्रबंधक (प्लेट मिल) कार्तिकेय बेहरा का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
इस उपलब्धि में सिंटर प्लांट-3, हेवी मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल रिपेयरिंग सर्विसेज तथा ऑटोमेशन एंड डायग्नोस्टिक्स विभागों के अभियंताओं एवं तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने समन्वित रूप से कार्य किया। संयंत्र प्रबंधन ने इसे आत्मनिर्भर तकनीकी क्षमता, नवाचार आधारित अनुरक्षण प्रणाली तथा संसाधनों के प्रभावी उपयोग का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसी पहलें उत्पादन की निरंतरता, उपकरणों की विश्वसनीयता तथा लागत दक्षता को और अधिक सुदृढ़ करेंगी





















