




समयबद्ध क्रियान्वयन, बेहतर समन्वय और शहरी नागरिकों तक ठोस परिणाम पहुंचाने पर दिया जोर
Raipur chhattisgarh VISHESH / नई दिल्ली, 25 अगस्त
2026।

आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने संकल्प भवन, नई दिल्ली में मंत्रालय की महत्वपूर्ण शहरी अवसंरचना एवं प्रमुख मिशनों की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता की। बैठकों में गुरुग्राम मेट्रो कनेक्टिविटी परियोजना, AMRUT 2.0 एवं CITIIS 2.0 के क्रियान्वयन, प्रगति, प्रमुख चुनौतियों तथा उनके समयबद्ध समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई।
श्री साहू ने कहा कि केंद्र सरकार की प्रमुख शहरी योजनाओं का उद्देश्य केवल परियोजनाओं को स्वीकृति देना नहीं, बल्कि उन्हें समयबद्ध रूप से धरातल पर उतारते हुए नागरिकों के जीवन में वास्तविक और सकारात्मक बदलाव सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, निरंतर मॉनिटरिंग एवं त्वरित निर्णय लेने पर विशेष जोर दिया।
गुरुग्राम मेट्रो परियोजना की समीक्षा
केंद्रीय राज्य मंत्री श्री साहू ने गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) के माध्यम से विकसित की जा रही मिलेनियम सिटी सेंटर, गुरुग्राम से साइबर सिटी, गुरुग्राम तक मेट्रो कनेक्टिविटी परियोजना, जिसमें द्वारका एक्सप्रेसवे तक स्पर भी शामिल है, की प्रगति की समीक्षा की।
PRAGATI बैठक से पूर्व आयोजित इस समीक्षा में परियोजना की वर्तमान स्थिति, क्रियान्वयन की प्रगति तथा समयबद्ध समाधान की आवश्यकता वाले प्रमुख विषयों पर चर्चा की गई। मंत्रालय एवं संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने परियोजना के विभिन्न घटकों, योजना निर्माण और आपसी समन्वय की अद्यतन स्थिति से श्री साहू को अवगत कराया।
श्री साहू ने सभी हितधारकों के बीच निरंतर समन्वय बनाए रखने और लंबित विषयों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि परियोजना की प्रगति समयबद्ध रूप से आगे बढ़ सके।
AMRUT 2.0 के तहत जल एवं स्वच्छता अवसंरचना पर विशेष जोर
AMRUT प्रभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में श्री साहू ने AMRUT 2.0 के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की। बैठक में आवासन एवं शहरी कार्य संबंधी संसदीय स्थायी समिति की 10वीं रिपोर्ट में की गई टिप्पणियों तथा मंत्रालय की प्रतिक्रिया पर भी विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में बताया गया कि AMRUT 2.0 के अंतर्गत 500 शहर मिशन के दायरे में हैं, जिनमें वर्ष 2025 के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार लगभग 7.41 करोड़ शहरी परिवार शामिल हैं। मंत्रालय के अनुसार, मिशन के दायरे वाले शहरों के आधार पर वास्तविक कवरेज लगभग 55 प्रतिशत है। यह भी स्पष्ट किया गया कि सीवरेज और ऑन-साइट सैनिटेशन प्रणालियां स्थानीय आवश्यकताओं एवं वैज्ञानिक योजना के अनुरूप एक-दूसरे की पूरक हो सकती हैं।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि AMRUT 2.0 के तहत सीवरेज एवं सेप्टेज क्षेत्र में लगभग ₹71,133 करोड़ का निवेश स्वीकृत है, जो मिशन की कुल स्वीकृत परियोजना लागत ₹1,97,191 करोड़ का करीब 36 प्रतिशत है। वर्तमान में लगभग ₹47,230 करोड़ की लागत से 394 सीवरेज परियोजनाएं क्रियान्वयनाधीन हैं। इनके पूर्ण होने पर लगभग 48.76 लाख परिवारों को नए सीवरेज कनेक्शन मिलने तथा करीब 60.59 लाख परिवारों को उन्नत एवं बेहतर सेवाओं का लाभ मिलने की अपेक्षा है।
श्री साहू ने राज्यों एवं शहरी स्थानीय निकायों के साथ घनिष्ठ समन्वय, परियोजनाओं की सतत निगरानी तथा भूमि, अनुमतियों और अन्य क्रियान्वयन संबंधी बाधाओं के समयबद्ध समाधान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता युक्त जल एवं स्वच्छता अवसंरचना का लाभ प्रभावी ढंग से शहरी नागरिकों तक पहुंचना चाहिए।
सिटीज 2.0 और बिलासपुर के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर चर्चा
श्री साहू ने CITIIS 2.0 की शहरवार प्रगति की भी समीक्षा की। बैठक में शहर स्तर पर संचालित कार्यों तथा स्टेट क्लाइमेट सेल्स की प्रगति का आकलन करते हुए जलवायु-अनुकूल एवं भविष्य के अनुरूप शहरी विकास को गति देने पर जोर दिया गया।
बैठक में बिलासपुर के लिए प्रस्तावित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) प्रक्रियाओं एवं संभावित हस्तक्षेपों की भी समीक्षा की गई। टिकाऊ, प्रभावी एवं वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को मजबूत बनाने तथा प्रस्तावित कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक कदमों पर विस्तार से चर्चा हुई।
श्री तोखन साहू ने कहा कि मजबूत अंतर-एजेंसी समन्वय, निरंतर निगरानी और समय पर निर्णय ही प्रमुख शहरी मिशनों को सफल बनाने की कुंजी हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप स्वच्छ, हरित, सुदृढ़, आधुनिक और भविष्य के लिए तैयार शहरों के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।





















