

मानसिक सुदृढ़ता और शांतचित्त निर्णय क्षमता पर जागरूकता सत्र; भिलाई इस्पात संयंत्र के चार विभागों के 139 कार्मिक हुए शामिल
प्रविष्टि तिथि: 18 AUG 2026 6:23PM by PIB Raipur
भिलाई इस्पात संयंत्र में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ‘इको केयर एवं आपदा प्रबंधन अभियान’ के तहत मानसिक एवं भावनात्मक सुदृढ़ता, शांतचित्त निर्णय क्षमता तथा आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी प्रतिक्रिया को लेकर जागरूकता सत्र आयोजित किए गए। संयंत्र के प्लेट मिल, मैकेनिकल एवं यूटिलिटीज, कोक ओवन एवं कोल केमिकल विभाग तथा स्टील मेल्टिंग शॉप-2 में आयोजित इन सत्रों में कुल 139 कार्मिकों ने सहभागिता की। इनमें प्लेट मिल के 23, मैकेनिकल एवं यूटिलिटीज के 47, कोक ओवन एवं कोल केमिकल विभाग के 39 तथा स्टील मेल्टिंग शॉप-2 के 30 कार्मिक शामिल रहे।


कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) पवन कुमार की संकल्पना एवं मार्गदर्शन में आयोजित इस पहल का उद्देश्य कर्मचारियों में मानसिक एवं भावनात्मक सुदृढ़ता, सकारात्मक सोच, संकट की परिस्थितियों में विवेकपूर्ण निर्णय लेने की क्षमता तथा आपातकालीन स्थितियों के लिए बेहतर तैयारी विकसित करना था। औद्योगिक कार्यस्थल की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सत्रों में इस बात पर जोर दिया गया कि प्रभावी आपदा प्रबंधन के लिए भौतिक सुरक्षा संसाधनों के साथ मानसिक संतुलन, आत्मविश्वास, सजगता और समन्वित मानवीय प्रतिक्रिया भी आवश्यक है।
सत्रों का संचालन बीके भरत भूषण, ब्रह्मकुमार पीयूष, प्रोफेसर ओंकार चंद शर्मा तथा बीके बहन अंजलि ने किया। वक्ताओं ने आपदा एवं संकट की परिस्थितियों में तनाव प्रबंधन, आंतरिक स्थिरता, भावनात्मक सुदृढ़ता तथा शांतचित्त होकर निर्णय लेने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कर्मचारियों को घबराहट के बजाय संयम, सकारात्मकता और सजगता के साथ चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करने के लिए प्रेरित किया।
वक्ताओं ने कहा कि औद्योगिक वातावरण में आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए केवल सुरक्षा उपकरण और भौतिक संसाधन पर्याप्त नहीं हैं। ऐसी परिस्थितियों में कार्मिकों की सतर्कता, मानसिक संतुलन, त्वरित एवं विवेकपूर्ण निर्णय क्षमता तथा आपसी समन्वय महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस दृष्टि से जागरूकता सत्रों ने पारंपरिक सुरक्षा उपायों के साथ मानसिक एवं भावनात्मक तैयारी को भी सुरक्षा संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाने पर बल दिया।
कार्यक्रम का समन्वय मानव संसाधन विभाग द्वारा किया गया। महाप्रबंधक (मानव संसाधन-वर्क्स) संजय द्विवेदी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में आयोजित इन सत्रों के दौरान कर्मचारियों को अप्रत्याशित एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में शांतचित्त रहकर जिम्मेदार व्यवहार करने, सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने तथा विवेकपूर्ण निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया गया।
भिलाई इस्पात संयंत्र में आयोजित यह पहल कर्मचारी कल्याण, मानसिक सुदृढ़ता और सुरक्षा जागरूकता को समग्र सुरक्षा संस्कृति से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि मानसिक रूप से सशक्त और भावनात्मक रूप से संतुलित कार्मिक आपातकालीन परिस्थितियों का अधिक आत्मविश्वास और प्रभावी ढंग से सामना कर सकते हैं।





















