

Raipur chhattisgarh VISHESH / भिलाई इस्पात संयंत्र की इस्पात गलन शाला–3 के कॉन्फ्रेंस हॉल में राजभाषा कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा विभिन्न एजेंसियों के कुल 37 कर्मियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में राजभाषा के प्रभावी क्रियान्वयन, कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक उपयोग तथा तकनीक आधारित हिंदी कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया।

मुख्य अतिथि मुख्य महाप्रबंधक (इस्पात गलन शाला–3) त्रिभुवन बैठा ने कहा कि दैनिक कार्यालयीन कार्यों में हिंदी का अधिकतम प्रयोग राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि स्थापना काल से इस्पात गलन शाला–3 ने उत्पादन के साथ-साथ हिंदी में कार्यालयीन कार्यों के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इसी निरंतर उत्कृष्टता के कारण विभाग को ‘निदेशक प्रभारी राजभाषा वैजयंती पुरस्कार’ प्राप्त हुआ है। उन्होंने इस उपलब्धि की परंपरा को आगे भी कायम रखने का आह्वान किया।


महाप्रबंधक एवं विभागीय राजभाषा समन्वय अधिकारी उमाशंकर परगनिहा ने कार्यपालक निदेशक द्वारा जारी राजभाषा संबंधी जांच बिंदुओं की जानकारी देते हुए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपने-अपने कार्यक्षेत्र में निर्धारित मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने और राजभाषा कार्यों की सतत निगरानी पर जोर दिया।
कार्यशाला में उप प्रबंधक (संपर्क एवं प्रशासन–राजभाषा) जितेन्द्र दास मानिकपुरी ने राजभाषा से संबंधित अधिनियमों, नियमों एवं प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सरल एवं सहज हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गूगल वॉइस टाइपिंग का प्रशिक्षण एवं सजीव प्रदर्शन प्रस्तुत किया तथा बताया कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से हिंदी में कार्यालयीन कार्य अधिक सरल और प्रभावी बनाए जा सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा जागरूकता को भी विशेष महत्व देते हुए रहमान ने ‘जीरो टॉलरेंस रूल’ की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस विषय पर हिंदी में तैयार स्टिकर एवं पोस्टर संयंत्र के विभिन्न स्थानों पर लगाए गए हैं, जिससे कर्मचारियों में सुरक्षा संस्कृति को और सुदृढ़ किया जा सके।
कार्यशाला को सहभागितापूर्ण बनाने के लिए हिंदी मुहावरा प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। प्रतियोगिता में उप प्रबंधक (प्रचालन) तुषार रविन्द्र अगलावे, इंजीनियरिंग एसोसिएट सीमा शर्मा, पन्नालाल सिन्हा एवं अभिजीत सिंह ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया। इंजीनियरिंग एसोसिएट ललित उपाध्याय द्वितीय तथा विकास राज दुबे तृतीय स्थान पर रहे।
कार्यक्रम में सहायक महाप्रबंधक (मानव संसाधन–स्टील जोन-1) सुशील कामड़े, सहायक महाप्रबंधक (प्रचालन) प्रकाश आत्मपूज्य, वरिष्ठ प्रबंधक (प्रचालन) नीरज कुमार दुबे, उप प्रबंधक (क्रेन मेंटेनेंस–मैकेनिकल) उमेश कोरे, उप प्रबंधक (प्रचालन) तुषार रविन्द्र अगलावे, सहायक प्रबंधक (प्रचालन) सरस्वती सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन उमाशंकर परगनिहा ने किया, जबकि कार्यशाला के सफल आयोजन में इंजीनियरिंग एसोसिएट सीमा शर्मा का विशेष योगदान रहा।





















