

Raipur chhattisgarh VISHESH भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने स्पष्ट किया है कि उसका निजीकरण नहीं किया जाएगा. इसरो ने रविवार को मीडिया में चल रही निजीकरण की ख़बरों और क़यासों को पूरी तरह से ‘निराधार और ग़लत’ क़रार दिया है. एजेंसी ने साफ़ किया है कि वह अंतरिक्ष अनुसंधान, रणनीतिक मिशनों और उन्नत तकनीक के विकास के लिए भारत का मुख्य संस्थान बनी रहेगी.
इसरो ने एक्स पर कहा

अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों, स्टार्टअप और एकेडमिक संस्थानों की भागीदारी का उद्देश्य उसकी भूमिका को कम करना नहीं, बल्कि देश के स्पेस इकोसिस्टम का विस्तार करना है. जैसे-जैसे भारत की औद्योगिक और तकनीकी क्षमता बढ़ी है, वैसे-वैसे इन कामों को भारतीय कंपनियां ज़्यादा तेज़ी से कर सकती हैं. इसरो ने पहले ही कई तकनीकों को उद्योगों को सौंप दिया है. किसी विकसित तकनीक को उद्योग को सौंपने का यह मतलब नहीं है कि इसरो उस क्षेत्र से पीछे हट रहा है.
दरअसल, इससे पहले इसरो के नौ कर्मचारी संगठनों ने अंतरिक्ष एजेंसी के अध्यक्ष वी नारायणन को पत्र लिखकर, इसरो के निर्माण जुड़े काम निजी कंपनियों को सौंपने के प्लान पर आधिकारिक जानकारी मांगी है. 4 सितंबर को लिखे गए इस पत्र में कर्मचारी संगठनों ने इसरो की आगे की भूमिका और मौजूदा कर्मचारियों के साथ-साथ भविष्य में होने वाली भर्तियों पर पड़ने वाले असर को लेकर भी सवाल उठाए थे. इसके बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निजी कंपनियों को बढ़ावा देने के नाम पर इसरो की भूमिका सीमित करने का आरोप लगाया था.





















