






Raipur chhattisgarh VISHESH / रायपुर, 3 सितम्बर 2026 — छत्तीसगढ़ के इंस्पायर–मानक विद्यार्थी नवप्रवर्तकों के लिए आयोजित दो-दिवसीय मेंटरशिप कार्यशाला गुरुवार, 3 सितम्बर 2026 को एनआईटी रायपुर में समापन सत्र तथा 40 प्रतिभागी विद्यार्थी नवप्रवर्तकों को प्रमाण-पत्र वितरण के साथ सम्पन्न हुई। यह कार्यशाला एनआईटी रायपुर फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (एनआईटीआरआरएफआईई) द्वारा आयोजित तथा नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन (एनआईएफ) इंडिया द्वारा प्रायोजित थी। 2 एवं 3 सितम्बर को एनआईटी रायपुर में आयोजित इस कार्यशाला में राज्य के 20 जिलों से 40 विद्यार्थी सम्मिलित हुए, जिनमें से प्रत्येक अक्टूबर 2026 में प्रस्तावित राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी के लिए चयनित है। दो दिनों में प्रतिभागी कागज़ पर लिखे एक विचार से आगे बढ़कर एक स्पष्ट समस्या-कथन, एक सुनिश्चित कार्ययोजना और बेहतर प्रलेखित नवप्रवर्तन तक पहुँचे।
दूसरे दिन का आरम्भ एक संवादात्मक समीक्षा सत्र से हुआ, जिसमें प्रथम दिवस के विषयवार मेंटरिंग तथा एनआईटी रायपुर के संकाय विशेषज्ञों के साथ हुए विचार-मंथन से प्राप्त सीख को सुदृढ़ किया गया। इसके पश्चात एनआईटीआरआरएफआईई के संकाय प्रभारी डॉ. अनुज कुमार शुक्ला ने उद्यमिता पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया। उन्होंने एक कार्यशील प्रोटोटाइप और एक व्यवहार्य उद्यम के बीच की दूरी पर तथा उन प्रश्नों पर चर्चा की जिनके उत्तर देने के लिए एक नवप्रवर्तक को इस राह पर तैयार रहना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे उद्यमिता को जीवन में आगे चलकर चुने जाने वाले कैरियर के रूप में नहीं, बल्कि सोचने की एक पद्धति के रूप में देखें, जिसका अभ्यास वे अभी से आरम्भ कर सकते हैं। उद्यमित्र फाउंडेशन के सीईओ श्री अभिजीत शर्मा ने विद्यार्थियों को डिज़ाइन थिंकिंग से परिचित कराया और उपयोगकर्ता-केंद्रित नवप्रवर्तन, त्वरित प्रोटोटाइपिंग तथा आरम्भिक असफलताओं से सीखने पर बल दिया। तदुपरांत विद्यार्थियों ने एनआईटी रायपुर की प्रयोगशालाओं एवं प्रोटोटाइपिंग सुविधाओं का भ्रमण किया, जिनमें भौतिकी, रसायन, कम्प्यूटर, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल तथा 3डी-प्रिंटिंग प्रयोगशालाएँ सम्मिलित थीं। इस दौरान उन्हें यह समझने का अवसर मिला कि विचारों को कार्यशील प्रोटोटाइप में किस प्रकार परिवर्तित किया जाता है तथा युवा नवप्रवर्तकों के लिए निर्माण एवं परीक्षण सम्बन्धी कौन-कौन सी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
समापन सत्र में एनआईएफ इंडिया की वरिष्ठ फेलो डॉ. प्रज्ञा ऋतपर्णा ने समापन वक्तव्य दिया। उन्होंने विद्यार्थियों की इस बात के लिए सराहना की कि उन्होंने मेंटर्स के साथ कितनी गंभीरता से संवाद किया, और उन्हें स्मरण कराया कि यह कार्यशाला अंत नहीं, बल्कि एक शुरुआत है — वे जो विचार अपने साथ लेकर लौट रहे हैं, उन पर निरंतर कार्य, परीक्षण और परिष्कार की आवश्यकता होगी। समापन उद्बोधन देते हुए लोक शिक्षण संचालनालय के उप संचालक एवं इंस्पायर के राज्य नोडल अधिकारी श्री हिमांशु भारतीय ने प्रतिभागियों तथा उनके शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इंस्पायर–मानक जैसे कार्यक्रम का वास्तविक महत्व इस बात में निहित है कि वह किसी युवा की सोचने की आदत पर क्या प्रभाव डालता है — रोज़मर्रा की किसी समस्या को ध्यान से देखने की तत्परता और यह विश्वास कि उसका समाधान संभव है। एनआईएफ इंडिया के प्रिंसिपल एसोसिएट श्री राहुल प्रकाश ने आभार प्रदर्शन किया तथा एनआईटी रायपुर, एनआईटीआरआरएफआईई, विशेषज्ञ पैनल, लोक शिक्षण संचालनालय एवं सहभागी विद्यालयों और अभिभावकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम का समापन सहभागिता प्रमाण-पत्रों के वितरण और सामूहिक छायाचित्र के साथ हुआ।
यह मेंटरशिप कार्यशाला बोर्ड निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव एवं डॉ. समीर बाजपेयी के नेतृत्व में, संकाय प्रभारी डॉ. अनुज कु. शुक्ला, अधिकारी प्रभारी श्री पवन कटारिया तथा एनआईटीआरआरएफआईई की टीम द्वारा आयोजित की गई। ये 40 विद्यार्थी नवप्रवर्तक अब अक्टूबर 2026 में होने वाली राष्ट्रीय स्तर की इंस्पायर–मानक प्रदर्शनी की तैयारी हेतु अपने-अपने जिलों को लौट रहे हैं, जहाँ वे अपने नवप्रवर्तन राष्ट्रीय स्तर के दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।






















