

प्रविष्टि तिथि: 27 JUL 2026 5:55PM by PIB Raipur
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) में गुणवत्ता संस्कृति को सुदृढ़ करने तथा कार्यस्थलों पर नवाचार एवं सतत सुधार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तीन दिवसीय ‘गुणवत्ता-2026’ कार्यस्थल प्रबंधन परियोजना प्रतियोगिता का शुभारंभ सोमवार को मानव संसाधन विकास केंद्र (ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट सेंटर-एचआरडीसी) में हुआ। व्यावसायिक उत्कृष्टता विभाग द्वारा आयोजित यह प्रतियोगिता 27 से 29 जुलाई 2026 तक चलेगी। प्रतियोगिता का उद्घाटन कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) पवन कुमार ने किया। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (मेंटेनेंस एंड यूटिलिटीज) बिजय कुमार बेहेरा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।


उद्घाटन समारोह में संयंत्र के विभिन्न विभागों के मुख्य महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, ऑफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी, अधिकारी, कर्मचारी तथा प्रतिभागी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान उप प्रबंधक (संपर्क प्रशासन एवं राजभाषा) जितेन्द्र दास मानिकपुरी ने गुणवत्ता मंडल विषय पर आधारित कविता का पाठ भी किया। कार्यक्रम की शुरुआत में महाप्रबंधक (व्यावसायिक उत्कृष्टता) शिव राजन ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए प्रतियोगिता की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह आयोजन कर्मचारियों की नवाचार क्षमता, रचनात्मक सोच और समस्या समाधान की दक्षता को प्रोत्साहित करने का प्रभावी मंच बन चुका है।

इस वर्ष संयंत्र के विभिन्न विभागों से क्वालिटी सर्किल (क्यूसी), लीन क्वालिटी सर्किल (एलक्यूसी) तथा फाइव-एस (5-एस) श्रेणियों की कुल 48 टीमें प्रतियोगिता में भाग ले रही हैं। प्रतियोगिता का आयोजन पांच अलग-अलग स्ट्रीम में किया जा रहा है, जिनमें प्लांट स्तरीय क्वालिटी सर्किल की तीन, लीन क्वालिटी सर्किल की एक तथा फाइव-एस की एक प्रतियोगिता शामिल है। चयनित टीमें आगे चलकर क्वालिटी सर्किल फोरम ऑफ इंडिया (क्यूसीएफआई) द्वारा आयोजित विभिन्न चैप्टर स्तरीय सम्मेलन में संयंत्र का प्रतिनिधित्व करेंगी।
कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) पवन कुमार ने प्रतिभागी टीमों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इस वर्ष भी प्रतियोगिता में ऐसे नवाचार आधारित समाधान सामने आएंगे, जिनसे संयंत्र की कार्यप्रणाली, उत्पादकता और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता संस्कृति को और व्यापक बनाने के लिए संविदा कर्मियों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि उनके अनुभव और नवाचारों का लाभ संगठन को मिल सके तथा कार्यस्थलों पर निरंतर सुधार की प्रक्रिया को नई गति मिले।
मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (मेंटेनेंस एंड यूटिलिटीज) बिजय कुमार बेहेरा ने कहा कि क्वालिटी सर्किल विभागीय समस्याओं की पहचान कर उनके व्यावहारिक, टिकाऊ और परिणामोन्मुख समाधान विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने प्रतिभागी टीमों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वर्तमान मानसून के दौरान आने वाली परिचालन संबंधी चुनौतियों तथा उत्पादन क्षमता में वृद्धि के लिए भी नवाचार आधारित समाधान प्रस्तुत किए जाने चाहिए, जिससे संयंत्र की कार्यकुशलता, उत्पादकता और गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में उप महाप्रबंधक (व्यावसायिक उत्कृष्टता) पी.के. साहू सहित विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ प्रबंधक (व्यावसायिक उत्कृष्टता) रवि कुमार ने किया, जबकि महाप्रबंधक (व्यावसायिक उत्कृष्टता) सुरैय्या एस. कादर ने आभार व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि प्रतियोगिता के दौरान वर्क्स एरिया और नॉन-वर्क्स एरिया के विभिन्न विभागों की टीमें अपने-अपने विभागों में किए गए नवाचार, सुधारात्मक पहल और कार्यस्थल प्रबंधन से जुड़े केस स्टडी प्रस्तुत करेंगी। इन प्रस्तुतियों का मूल्यांकन विशेषज्ञ निर्णायकों द्वारा किया जाएगा। भिलाई इस्पात संयंत्र का व्यावसायिक उत्कृष्टता विभाग प्रत्येक वर्ष गुणवत्ता प्रबंधन की विभिन्न अवधारणाओं को बढ़ावा देने के लिए इस प्रकार की संयंत्र स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन करता है।





















