




Raipur chhattisgarh VISHESH / राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर के रासायनिक अभियांत्रिकी विभाग द्वारा आयोजित आइडियाथॉन का 1 अक्टूबर 2026 को सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस आयोजन का उद्देश्य प्रौद्योगिकी-आधारित समाधानों के माध्यम से समकालीन चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए विद्यार्थियों में नवाचार, समस्या-समाधान क्षमता और अंतरविषयक सोच को प्रोत्साहित करना था।
आइडियाथॉन में विभिन्न संस्थानों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों के समक्ष सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) पर आधारित 11 समस्या-वक्तव्य प्रस्तुत किए गए। इनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और नवीन तकनीकी दृष्टिकोणों को शामिल किया गया था, ताकि वास्तविक जीवन की चुनौतियों के समाधान विकसित किए जा सकें और वर्ष 2030 तक निर्धारित सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में योगदान दिया जा सके।

इस आयोजन ने प्रतिभागियों को दिए गए समस्या-वक्तव्यों पर नवीन विचार विकसित करने, समाधान तैयार करने और उन्हें प्रस्तुत करने के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान किया। प्रस्तुतियों का मूल्यांकन नवाचार, व्यवहार्यता, तकनीकी एकीकरण, सततता तथा संभावित सामाजिक प्रभाव जैसे मानकों के आधार पर किया गया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर अंतरविषयक सहयोग के माध्यम से व्यावहारिक समाधान तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया।
समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में प्रो. एस. सन्याल, डीन, कॉर्पोरेट रिलेशंस एवं रिसोर्स मोबिलाइजेशन, एनआईटी रायपुर, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। प्रो. बी. मजूमदार, प्रमुख, रासायनिक अभियांत्रिकी विभाग, एनआईटी रायपुर ने भी उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया और नवाचार तथा उद्योग-उन्मुख शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रतिभागियों, संकाय सदस्यों एवं आयोजन टीम के प्रयासों की सराहना की।
समापन समारोह के दौरान विजेता टीमों को उनके नवीन विचारों और प्रभावी समाधानों के लिए पुरस्कार प्रदान किए गए। प्रथम पुरस्कार ₹9,000, द्वितीय पुरस्कार ₹7,000 तथा तृतीय पुरस्कार ₹5,000 प्रदान किए गए। उल्लेखनीय योगदान और अभिनव विचारों को प्रोत्साहित करने के लिए ₹2,000 और ₹1,000 के सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
आइडियाथॉन का समन्वय डॉ. धर्म पाल, डॉ. जे. आनंदकुमार और डॉ. चंद्रकांत ठाकुर, रासायनिक अभियांत्रिकी विभाग, एनआईटी रायपुर द्वारा किया गया। छात्र समन्वयकों अनिकेत चौबे, रिया माधुरी और उत्कर्ष शर्मा ने कार्यक्रम की योजना, समन्वय, प्रतिभागी प्रबंधन तथा आयोजन के सुचारु संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों एवं विजेताओं को पुरस्कार और प्रमाण-पत्र वितरित किए जाने के साथ हुआ। आइडियाथॉन ने नवाचार को बढ़ावा देने, कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी उभरती तकनीकों को सतत विकास के साथ एकीकृत करने तथा विद्यार्थियों को अपने विचारों को समाज और पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों के व्यावहारिक समाधानों में परिवर्तित करने के लिए मंच प्रदान करने के महत्व को रेखांकित किया।





















