


Raipur chhattisgarh VISHESH / रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग तथा सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने सतत शिक्षा प्रकोष्ठ (Continuing Education Cell – CEC) के सहयोग से आयोजित पाँच दिवसीय राष्ट्रीय स्तरीय ऑनलाइन कार्यशाला “नेक्स्ट जेनरेशन ट्रेंड्स इन एआई एंड साइंटिफिक कंप्यूटिंग विद हैंड्स-ऑन यूज़िंग पाइथन” के समापन समारोह का आयोजन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत कार्यशाला समन्वयक डॉ. अनीता मुर्मू के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए नवाचार, वैज्ञानिक कंप्यूटिंग और आजीवन सीखने के महत्व पर प्रकाश डाला।इसके बाद कार्यशाला समन्वयक डॉ. सोनल यादव ने कार्यशाला की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि देशभर से लगभग 60 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पाँच दिनों तक आयोजित विभिन्न सत्रों में पाइथन प्रोग्रामिंग, वैज्ञानिक कंप्यूटिंग, मशीन लर्निंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) हार्डवेयर तथा ड्रोन प्रौद्योगिकी जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने व्याख्यान और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया।

मुख्य अतिथि एवं एनआईटी रायपुर के निदेशक प्रो. एन. वी. रमना राव ने आयोजकों और प्रतिभागियों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और वैज्ञानिक कंप्यूटिंग के बढ़ते महत्व पर बल देते हुए प्रतिभागियों को उभरती तकनीकों एवं शोध के नए अवसरों की निरंतर खोज करने के लिए प्रेरित किया।
एनआईटी रायपुर के सतत शिक्षा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष प्रो. सुभोजित घोष ने कार्यशाला के सफल आयोजन की सराहना की। उन्होंने प्रतिभागियों से रचनात्मक सुझाव देने का आग्रह किया तथा भविष्य में संस्थान के साथ शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों में सहयोग के लिए आमंत्रित किया।
विशिष्ट आमंत्रित अतिथि डॉ. शीतला प्रसाद (आईआईटी गोवा) ने कार्यशाला की सराहना करते हुए कहा कि इसमें सैद्धांतिक ज्ञान और पाइथन आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण का प्रभावी समन्वय किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को अपने ज्ञान का उपयोग वास्तविक इंजीनियरिंग एवं शोध संबंधी चुनौतियों के समाधान में करते हुए ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
फीडबैक सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने कार्यशाला की सुव्यवस्थित विषयवस्तु, विशेषज्ञ वक्ताओं तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण की सराहना करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम से कृत्रिम बुद्धिमत्ता और वैज्ञानिक कंप्यूटिंग के प्रति उनकी समझ में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
समापन अवसर पर कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. दिलीप सिंह सिसोदिया ने प्रतिभागियों से मिले सकारात्मक प्रतिसाद की सराहना की तथा कार्यशाला समन्वयक डॉ. सोनल यादव, डॉ. अनीता मुर्मू और कार्यशाला संयोजक डॉ. राजेश डोरिया को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
अंत में इस वर्कशॉप के संयोजक डॉ. राजेश डोरिया ने कार्यक्रम को सफल बनाने में बहुमूल्य योगदान देने वाले सभी गणमान्य व्यक्तियों, रिसोर्स पर्सन्स, आयोजकों, स्वयंसेवकों और प्रतिभागियों का धन्यवाद करते हुए समारोह का समापन किया।





















