


Raipur chhattisgarh VISHESH / राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के वास्तुकला एवं नियोजन विभाग द्वारा, सतत शिक्षा प्रकोष्ठ (Continuing Education Cell-CEC) के सहयोग से आयोजित पाँच दिवसीय अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम (Short-Term Training Program-STTP) “स्पेटीयल एक्सप्लोरेशन: एब्स्ट्रैक्ट टू फॉर्म” का समापन 24 जुलाई 2026 को आयोजित समापन समारोह के साथ सफलतापूर्वक हुआ। 20 से 24 जुलाई 2026 तक आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम ने प्रतिभागियों को स्थानिक (स्पेटीयल) चिंतन की मूलभूत अवधारणाओं, डिज़ाइन अन्वेषण तथा अमूर्त विचारों को वास्तु स्वरूप में परिवर्तित करने की प्रक्रिया से परिचित कराया।
इस एसटीटीपी के मुख्य संरक्षक प्रो. एन. वी. रमना राव, निदेशक, एनआईटी रायपुर थे। प्रो. जी. पी. मिश्रा, अधिष्ठाता (अनुसंधान एवं परामर्श), एनआईटी रायपुर ने संरक्षक की भूमिका निभाई, जबकि प्रो. सुभोजीत घोष, अध्यक्ष, सतत शिक्षा प्रकोष्ठ (CEC), एनआईटी रायपुर, सह-संरक्षक रहे।

समापन समारोह में डॉ. देबाशीष सान्याल, विभागाध्यक्ष, वास्तुकला एवं नियोजन विभाग, एनआईटी रायपुर, प्रो. अबीर बंद्योपाध्याय, डॉ. श्रुति नागदेवे, डॉ. विवेक अग्निहोत्री, विभाग के संकाय सदस्य, प्रतिभागी एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. श्रुति नागदेवे के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने सभी संसाधन विशेषज्ञो प्रतिभागियों तथा आयोजन समिति के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता में उनके उत्साहपूर्ण सहयोग और सक्रिय सहभागिता की सराहना की।
अपने संबोधन में डॉ. देबाशीष सान्याल ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को मिले उत्साहजनक प्रतिसाद की सराहना की तथा भविष्य में भी इस प्रकार के शैक्षणिक एवं कौशल-विकास कार्यक्रमों के आयोजन के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता दोहराई।
डॉ. विवेक अग्निहोत्री ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम रचनात्मक सोच को विकसित करने तथा वास्तुकला के क्षेत्र में नवाचारी दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम का समापन सकारात्मक वातावरण में हुआ। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के दौरान आयोजित ज्ञानवर्धक व्याख्यानों, संवादात्मक सत्रों तथा समृद्ध शिक्षण अनुभव की सराहना करते हुए आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।





















