




Raipur chhattisgarh VISHESH / राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के वास्तुकला एवं नियोजन विभाग (Department of Architecture & Planning – DAP) द्वारा 20 जुलाई 2026 को ‘स्पेटीयल एक्सप्लोरेशन: एब्स्ट्रैक्ट टू फॉर्म’ विषय पर पांच दिवसीय ऑनलाइन शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग प्रोग्राम (STTP) का शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 20 जुलाई से 24 जुलाई 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को विशेषज्ञों के व्याख्यानों के माध्यम से वास्तु डिजाइन चिंतन तथा स्थानिक (स्पेटीयल) अन्वेषण की अवधारणाओं की गहन समझ प्रदान करना है।
कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक (Chief Patron) एनआईटी रायपुर के निदेशक प्रो. एन. वी. रमना राव हैं। प्रो. जी. पी. मिश्रा, अधिष्ठाता (अनुसंधान एवं परामर्श), एनआईटी रायपुर, कार्यक्रम के संरक्षक (Patron) हैं, जबकि प्रो. सुभोजीत घोष, अध्यक्ष, सतत शिक्षा प्रकोष्ठ (Continuing Education Cell – CEC), एनआईटी रायपुर, सह-संरक्षक (Co-Patron) की भूमिका में है |

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम वास्तुकला एवं नियोजन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. देबाशीष सान्याल के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. श्रुति एस. नागदेवे, सहायक प्राध्यापक, वास्तुकला एवं नियोजन विभाग, एनआईटी रायपुर, डॉ. विवेक अग्निहोत्री, सहायक प्राध्यापक, वास्तुकला एवं नियोजन विभाग, एनआईटी रायपुर तथा डॉ. मेखला परिहार, सहायक प्राध्यापक, स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए), नई दिल्ली द्वारा किया जा रहा है।
उद्घाटन सत्र में सर्वप्रथम डॉ. श्रुति एस. नागदेवे ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा पांच दिवसीय कार्यक्रम के लिए आमंत्रित प्रतिष्ठित विशेषज्ञों का परिचय कराया। इस अवसर पर प्रो. देबाशीष सान्याल ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे आमंत्रित विशेषज्ञों के अनुभव एवं ज्ञान का अधिकतम लाभ उठाएं तथा प्राप्त जानकारी का उपयोग वास्तु शिक्षा एवं व्यावसायिक कार्यक्षेत्र में करें। इसके पश्चात डॉ. मेखला परिहार ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्यों एवं रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए वास्तु डिजाइन के मूलभूत सिद्धांतों, उनके व्यावहारिक अनुप्रयोग, साइट प्लानिंग की प्रक्रियाओं तथा मानव-केंद्रित (Human-Centric) दृष्टिकोण के महत्व को विस्तार से समझाया। उद्घाटन सत्र में संकाय सदस्यों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों तथा विभिन्न क्षेत्रों के प्र्तिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का समापन डॉ. विवेक अग्निहोत्री द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।





















