
लेख : डॉ. मनप्रीत सिंह (सम्पादक) छत्तीसगढ़ विशेष
- छत्तीसगढ़ में ‘सुशासन तिहार’ की शुरुआत
- विष्णु के सुशासन से सँवर रहा है छत्तीसगढ़
- सुशासन सरकार की बड़ी उपलब्धि, इससे यह पता चलता है कि जनता को इस अभियान से समाधान का कितना भरोसा है।

सुशासन तिहार-2026 का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना, शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करना तथा विकास कार्यों में गति लाने के साथ ही आम जनता, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से सीधा संवाद स्थापित करना है। छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक व्यवस्था में इन दिनों सुशासन तिहार – 2025 की धूम मची हुई है। नगरीय निकायों से लेकर सुदूर. ग्राम पंचायतों तक अधिकारी जनता की समस्याओं के निराकरण में लगे हुए हैं।

सुशासन तिहार का उदेश्य है कि सरकार जनता के द्वार, समस्याओं का त्वरित समाधान । मुख्यंत्री श्री विष्णु देव साय के अनुसार समस्याओं का समयबद्ध समाधान ही प्रशासन की प्राथमिक पहचान होना चाहिए। राजस्व, मनरेगा, प्रमाण पत्र जैसे मामले निपटाए जाएंगे । मुख्यमंत्री साय के औचक दौरे, सीधे जनसंवाद।इसी दिशा में सभी कलेक्टरों को पहले ही निर्देश दिए गए थे कि 30 अप्रैल तक लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण सुनिश्चित करें। इसमें नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे राजस्व मामलों के साथ-साथ मनरेगा की लंबित मजदूरी, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, बिजली, ट्रांसफार्मर और पेयजल जैसी मूलभूत समस्याओं को विशेष रूप से शामिल किया गया है। इसी कड़ी मे पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ मौके पर ही दिया जाने का निर्णय लिया गया है और प्रत्येक आवेदन का अधिकतम एक महीने के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया गया है और इस पूरे अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी भी तय की गई है।राज्य सरकार प्रदेश के कोने—कोने तक पहुँचकर इसका आँकलन करेगी कि आमजनों को सुशासन का कितना लाभ मिला है
इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ विशेष भी प्रयासरत हैं हम अपने पाठको को सुशासन तिहार-2026 की पल पल की ख़बरे अपने न्यूज पोर्टल के माध्यम से लगातार दे रहे हैं और साथ मे हमारा न्यूज पेपर भी इस कार्य मे पूरी तरह से संलग्न हैं और विगत 02 वर्षो से छत्तीसगढ़ विशेष अपने न्यूज पेपर के माध्यम से सरकार की विभिन्न योजनाओं को जन जन तक पहुचा रहा हैं
मंत्री, सांसद, विधायक और उच्च अधिकारी समय-समय पर इन शिविरों में पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे और आम नागरिकों से सीधे संवाद स्थापित करेंगे। इससे प्रशासनिक प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी। छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार 2026 के माध्यम से सरकार खुद जनता तक पहुंच रही है।अभियान की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी मुख्यमंत्री के औचक दौरे होंगे। विष्णु देव साय स्वयं विभिन्न जिलों में पहुंचकर विकास कार्यों का निरीक्षण कर रहे हैं और ग्रामीणों के साथ चौपाल में बैठकर संवाद कर रहे हैं और साथ ही उनकी समस्याओं को सीधे सुन कर हल कर रहे हैं । मौके पर ही समाधान की दिशा तय करते हुए जवाबदेही भी सुनिश्चित कर रहे हैं ।सुशासन तिहार 2026, केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रशासन को जनता के करीब लाने का एक व्यापक प्रयास है। इस अभियान के जरिए यह संदेश स्पष्ट है कि इस बार समाधान के लिए जनता को भटकना नहीं पड़ेगाl सरकार खुद उनके दरवाज़े तक पहुंचेगी और समयबद्ध तरीके से समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करेगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन करना l मई की तपती दोपहर में छत्तीसगढ़ के गाँवों और शहरों में इस बार एक अलग ही हलचल है। लोग अब दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाएंगे, बल्कि सरकार खुद उनके दरवाजे तक पहुंचेगी। इसी सोच के साथ आज से “सुशासन तिहार 2026” की शुरुआत हो गई है। 1 मई से 10 जून तक चलने वाला यह अभियान पूरे प्रदेश में प्रशासन को सीधे जनता से जोड़ने का प्रयास है, जहाँ लोगों की समस्याएँ सुनी ही नहीं जाएंगी, बल्कि मौके पर ही समाधान देने की व्यवस्था भी की गई है। इस अभियान में है मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से लेकर कलेक्टर तक पूरा प्रशासन मैदान में उतरेगा। होम विज़िट और समाधान शिविरों के जरिए मौके पर ही फाइल तैयार होगी और वहीं तुरंत निपटारा भी किया जाएगा
श्री मोदी के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने पर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार काम कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य की बागडोर संभालते ही राज्य में फिर से विकास के लिए नया वातावरण बना है। श्री साय का मानना है कि लोकतंत्र का मूलमंत्र सुशासन है। सुशासन के बिना सच्चे लोकतंत्र की कल्पना नहीं की जा सकती। प्रदेश सरकार ने भूमिहीन किसानों को दीनदयाल उपाध्याय कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत 10 हजार रूपए वार्षिक सहायता राशि देने का निर्णय लिया है। अंत्योदय एवं प्राथमिकता राशनकार्डधारी 68 लाख परिवारों को अगले 05 सालों तक निःशुल्क खाद्यान्न वितरण का निर्णय प्रदेश सरकार द्वारा लिया गया है। प्रदेश सरकार ने अपने वायदों को पूरा करते हुए किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ की मान से धान खरीदी की। प्रदेश में रिकार्ड 145 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई। प्रदेश में कृषि हितैषी नीतियों की वजह से खेती-किसानी में रौनक लौट आई है और किसानों के चेहरों पर मुस्कान नजर आ रही है। यही नहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार ने एक और गारंटी को पूरा करने के लिए महतारी वंदन योजना की शुरूआत की। छत्तीसगढ़ को गढ़ने और संवारने में मातृशक्ति की अहम भूमिका है। महतारी वंदन योजना से प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को लाभ मिल रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी के जन्म दिवस सुशासन दिवस 25 दिसम्बर को राज्य के लगभग 13 लाख किसानों के बैंक खातें में 2 साल के धान का बकाया बोनस 3 हजार 716 करोड़ रूपए की अंतर राशि अंतरित की गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने शपथ के कुछ ही घंटो के भीतर 18 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पक्के आवास दिए जाने का निर्णय लिया।सबको शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जल जीवन मिशन प्रारंभ किया है। । राज्य में ‘निफ्ट’ की स्थापना से युवाओं को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे, फैशन और टेक्सटाइल उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास के नए शिखर की ओर अग्रसर है। विकास, नौकरियों और व्यापार करने में आसानी की दिशा में हमारी सरकार ने राज्य में निवेश के लिए एक साहसिक छलांग लगाई है। छत्तीसगढ़ में ‘हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट’ निर्माण संयत्रं की
स्थापना होने जा रही है। मुंबई की ग्रीनटक ेसोल्युशंस कंपनी ने राज्य में 1245 करोड़ रुपये की लागत से एक एकीकृत इस्पात संयत् स्थापित करने की योजना प्रस्तुत की, जिससे 500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। सरकार द्वारा प्रति मानक बोरा तेंदूपत्ता के लिए ₹5500 रुपये प्रदान किए जाने से संग्राहकों का मनोबल बढ़ा है और उनके जीवन में आर्थिक मजबूतीआई है।
दो महीने तक चलने वाले इस राज्यव्यापी अभियान में लोगोें की समस्याओं के निराकरण के साथ ही जन आकक्षाओंके अनुरूप विकास कार्याें की दिशा भी निर्धारित की जाएगी। सुशासन पर
राज्य सरकार का कितना जोर है इसे इस बात से भी समझा जा सकता है कि सत्ता सँभालते ही मुख्यमंत्री ने राज्य में सुशासन और अभिसरण विभाग का गठन कर दिया। इस नए विभाग के माध्यम
से सभी स्तरों पर पारदर्शी प्रशासन की स्थापना और जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है। मंत्रिमंडल के सदस्यों को प्रबंधन के गुर सिखाने के लिए आईआईएम में प्रशिक्षण दिलाया गया।
ज्यादातर ग्रामीण आवास, शौचालय, महतारी वंदन योजना, पेंशन, सड़क, पुल-पुलिया, वन अधिकार पत्र व पेयजल से जुड़ी समस्याएँ लेकर सामने आए हैं। यह अभियान दूरस्थ ग्रामीण इलाकों के ग्रामीणों के लिए अपनी समस्याएँ सीधे शासन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बन गया है। गाँव-गाँव में सुशासन तिहार को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। पहले चरण में लोग कतार में लगकरअपनी समस्याएँ समाधान पेटी में जमा कराते दिखे।





















