

केंद्रीय संचार ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम में नशे के दुष्परिणामों और संतुलित आहार की दी जानकारी
‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत–संकल्प अभियान’ एवं राष्ट्रीय पोषण माह के तहत चित्र प्रदर्शनी और प्रतियोगिताएं आयोजित
प्रविष्टि तिथि: 01 SEP 2026 6:06PM by PIB Raipur
केंद्रीय संचार ब्यूरो, रायपुर, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा स्वर्गीय छोटेलाल श्रीवास्तव स्नातकोत्तर महाविद्यालय, धमतरी में ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत–संकल्प अभियान’ एवं ‘राष्ट्रीय पोषण माह’ के तहत चित्र प्रदर्शनी और जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में युवाओं को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया गया।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरुण सर्वा ने चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विनोद कुमार पाठक ने की। जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सर्वा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा अवस्था जीवन की दिशा और लक्ष्य तय करने का महत्वपूर्ण समय है। युवाओं को नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग शिक्षा, कौशल विकास तथा राष्ट्र निर्माण में करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशा युवा शक्ति को कमजोर करने वाली गंभीर सामाजिक चुनौती है और इसके खिलाफ जागरूकता फैलाना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण में महिलाओं की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने युवतियों से नशे के दुष्परिणामों के प्रति सजग रहने तथा परिवार और समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

पोषण के पांच सूत्रों पर जोर
महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी उषा किरण चंद्राकर ने राष्ट्रीय पोषण माह के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों की सेवाओं और बच्चों को दिए जाने वाले संतुलित एवं पौष्टिक आहार की जानकारी दी। उन्होंने निर्धारित मेन्यू के अनुसार पोषण आहार वितरण, रेडी-टू-ईट आहार तथा इसके वितरण में पारदर्शिता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कुपोषण के प्रमुख प्रकारों—स्टंटिंग, वेस्टिंग और कम वजन—की जानकारी देते हुए पोषण के पांच सूत्रों को अपनाने की अपील की। इनमें जीवन के पहले 1000 सुनहरे दिन, पौष्टिक आहार, एनीमिया की रोकथाम, डायरिया का प्रबंधन और स्वच्छ जल शामिल हैं। परियोजना अधिकारी ने कहा कि सही पोषण स्वस्थ बचपन की आधारशिला है। “सही पोषण, देश रोशन—कहीं कोई न रहे कुपोषित” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए परिवार और समुदाय की सहभागिता जरूरी है।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विनोद कुमार पाठक ने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहकर अपना भविष्य उज्ज्वल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 2047 के विकसित भारत की मजबूत पीढ़ी के रूप में देश के भविष्य की जिम्मेदारी युवाओं पर है। कार्यक्रम के अंत में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरुण सर्वा ने उपस्थित विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई।

चित्र प्रदर्शनी और प्रतियोगिताओं से जागरूकता
चित्र प्रदर्शनी में नशीले पदार्थों के शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक और सामाजिक दुष्परिणामों के साथ पोषण, स्वच्छता एवं स्वस्थ जीवनशैली से संबंधित संदेश प्रदर्शित किए गए। विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर नशामुक्त जीवन और सही पोषण के महत्व की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में नशामुक्ति एवं सामाजिक जागरूकता विषय पर रंगोली और चित्रकला प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से नशे के विरुद्ध जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं में नशामुक्त जीवन, आत्म-अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ पोषण एवं कुपोषण से बचाव का संदेश दिया गया।





















