

Raipur chhattisgarh VISHESH / भारत के विदेश मंत्रालय ने बताया कि नेपाल में अब तक 88 भारतीय नागरिकों को बचाया जा चुका है, जबकि 287 भारतीय लापता वहीं भारतीय मूल के 128 लोग अभी भी लापता बताए गए
इसके अलावा, नेपाल में राहत और बचाव अभियान के बीच भारत ने शनिवार को रसुवा में एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के लिए काम कर रहे चार भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.

रेस्क्यू किए गए भारतीय नागरिकों की पहचान रिपु कुमार, चनेश्वर नरजारी, कृपा शंकर और मोहम्मद मिन्हाजुद्दीन के रूप में हुई है.
विदेश मंत्रालय ने बताया कि
भारत से छह फ़ॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीमें शनिवार को काठमांडू पहुंचने की उम्मीद है. ये टीमें मृतकों के अवशेषों की पहचान के लिए डीएनए सैंपल के एनालिसिस में नेपाली अधिकारियों की मदद करेंगी l
मंत्रालय ने बताया, सुरंग में बचाव अभियान के लिए भारत की एक विशेष तकनीकी टीम शुक्रवार को काठमांडू पहुंच चुकी है. टीम ने शनिवार से प्रभावित क्षेत्र में काम शुरू कर दिया है और सुरंग में बचाव अभियान की संभावनाओं का जायज़ा ले रही है.
विदेश मंत्रालय के मुताबिक़, टीम की सिफ़ारिशों के आधार पर उपकरणों से लैस विशेष सुरंग बचाव दल के भी शनिवार को नेपाल पहुंचने की उम्मीद है. शनिवार को 120 भारतीय नागरिक चीन से नेपाल में प्रवेश कर चुके हैं
नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक़, अब तक 184 विदेशी नागरिकों को सुरक्षित बचाया जा चुका है, जबकि 420 पर्यटकों का अभी तक पता नहीं चल पाया है.
पर्यटन बोर्ड ने शनिवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर 1.30 बजे जारी अपने ताज़ा अपडेट में बताया कि वह बेल्जियम के एक और स्पेन के दो नागरिकों के संपर्क में भी है.
पर्यटन बोर्ड के अनुसार, अब तक रेस्क्यू किए गए विदेशी नागरिकों में सबसे ज़्यादा 114 भारतीय हैं. इसके अलावा चीन के 27, दक्षिण कोरिया के 20 और जर्मनी के 4 नागरिकों को भी सुरक्षित निकाला गया है.
इसके अलावा, बुल्गारिया के एक, इटली के तीन, माल्टा के चार, ओमान के एक, पुर्तगाल के एक, रूस के दो, स्विट्जरलैंड के दो, तुर्की के दो और अमेरिका के तीन नागरिकों को बचाया है.
पर्यटन बोर्ड ने कहा है कि लापता पर्यटकों का पता लगाने और प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए अभियान जारी है.





















