

हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं और रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन
अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को जागरूक करने और राजभाषा के प्रभावी प्रयोग पर जोर
प्रविष्टि तिथि: 01 SEP 2026 6:35PM by PIB Raipur
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई में हिंदी भाषा के प्रति जागरूकता, रुचि और सम्मान की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हिंदी माह का शुभारंभ किया गया। हिंदी माह के दौरान संस्थान में विभिन्न प्रतियोगिताओं और रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिनके माध्यम से अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।


कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने तथा संस्थान के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों में हिंदी के प्रति रुचि विकसित करने के लिए निबंध लेखन, स्वरचित कविता लेखन, काव्य सम्मेलन, तात्कालिक भाषण, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी सहित विभिन्न रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभागियों को अपनी रचनात्मकता और प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार के साथ प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।
इस अवसर पर आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश ने कहा कि हिंदी भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और भावनात्मक एकता का सशक्त माध्यम है। हिंदी माह का आयोजन संस्थान में हिंदी के प्रति रुचि और जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ दैनिक कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने संस्थान के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों से हिंदी माह के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लेने तथा हिंदी के प्रचार-प्रसार में योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में संयुक्त कुलसचिव एवं प्रभारी हिंदी अधिकारी, राजभाषा प्रकोष्ठ के सदस्य तथा संस्थान के अन्य अधिकारी, कर्मचारी और सदस्य उपस्थित रहे। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार और इसके प्रभावी प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। हिंदी माह का आयोजन संस्थान में हिंदी के प्रति सकारात्मक, रचनात्मक और प्रेरणादायक वातावरण के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।





















