





Raipur chhattisgarh VISHESH / रायपुट 21 अगस्त 2026।
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल पत्रोपाधि अभियंता संघ द्वारा विद्युत कंपनियों में कार्यरत सहायक अभियंताओं एवं कनिष्ठ अभियंताओं की विभिन्न लंबित मांगों के निराकरण को लेकर आज दिनांक 21 अगस्त 2026 को संघ के आह्वान पर डगनिया मुख्यालय गेट के सामने जोरदार गेट मीटिंग आयोजित की गई। गेट मीटिंग में लगभग 600 से अधिक कनिष्ठ एवं सहायक अभियंताओं विभिन्न क्षेत्रों अंबिकापुर, कोरबा, रायगढ़, मड़वा, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगाव एवं जगदलपुर के तीनों कंपनी के अभियंताओं द्वारा उपस्थित होकर अपनी एकजुटता एवं प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया गया l इस दौरान संघ के पदाधिकारियों ने प्रबंधन के समक्ष अभियंताओं की लंबित समस्याओं और मांगों को प्रभावी ढंग से रखा तथा अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
संघ का कहना है कि विद्युत कंपनियों में तकनीकी कार्यों का बड़ा दायित्व कनिष्ठ एवं सहायक अभियंताओं के कंधों पर है। सीमित मानव संसाधन के बावजूद अभियंता लगातार मैदानी एवं तकनीकी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर विद्युत व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद लंबे समय से उनकी पदोन्नति, सेवा सुविधाओं एवं कार्य परिस्थितियों से जुड़ी महत्वपूर्ण मांगों का निराकरण नहीं किया गया है। इससे अभियंताओं में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।

संघ का सबसे प्रमुख विरोध जनरेशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों में कनिष्ठ अभियंता से सहायक अभियंता पद पर विभागीय पदोन्नति के निर्धारित 70 प्रतिशत कोटे को घटाकर 40 प्रतिशत किए जाने को लेकर है। संघ ने 70 प्रतिशत विभागीय पदोन्नति कोटा तत्काल बहाल करने तथा ट्रांसमिशन कंपनी में भी कनिष्ठ अभियंता से सहायक अभियंता पद पर 70 प्रतिशत विभागीय पदोन्नति कोटा निर्धारित करने की मांग की है। संघ के अनुसार 40 प्रतिशत कोटा किए जाने से विभागीय पदोन्नति के अवसर अत्यंत सीमित हो जाएंगे और आने वाले वर्षों में कनिष्ठ अभियंताओं के कैरियर एवं पदोन्नति अवसरों में गंभीर असंतुलन उत्पन्न होने की आशंका है।
गेट मीटिंग के दौरान संघ के प्रतिनिधियों ने प्रबंधन के समक्ष अपनी मांगों को प्रभावी ढंग से रखा। प्रबंधन की ओर से मुख्य अभियंता श्री राजेंद्र प्रसाद उपस्थित हुए और उन्होंने संघ का ज्ञापन प्राप्त किया। संघ ने अपेक्षा व्यक्त की कि प्रबंधन अभियंताओं की मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगा।
संघ की अन्य प्रमुख मांगों में विद्युत कंपनियों में पुरानी पेंशन योजना (OPS) पुनः लागू करना, जनरेशन, ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों में रिक्त पदों पर सहायक अभियंता एवं कार्यपालन अभियंताओं की यथाशीघ्र पदोन्नति करना, मेंटेनेंस विभाग में कार्यरत कनिष्ठ अभियंताओं के लंबित Compensatory Off (C-OFF) के आदेश एवं भुगतान तत्काल जारी करना तथा कनिष्ठ अभियंता से सहायक अभियंता एवं सहायक अभियंता से कार्यपालन अभियंता के उच्च वेतनमान पर एक अतिरिक्त वेतन वृद्धि प्रदान करना शामिल है।
इसी प्रकार संघ ने डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी में रिव्यू/री-ऑर्गेनाइजेशन की कार्यवाही को प्रभावी रूप से लागू करते हुए आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त तकनीकी एवं कार्यालयीन कर्मचारी उपलब्ध कराने, वाहन भत्ता, रात्रिकालीन भत्ता एवं क्षतिपूरक अवकाश की दरों को 01.01.2018 से पुनरीक्षित करने तथा जनरेशन, ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों में सहायक अभियंता की सीधी भर्ती में विभागीय कनिष्ठ अभियंताओं के लिए 15 प्रतिशत पद आरक्षित करने की मांग भी रखी है।
संघ ने विभिन्न कंपनियों में रिक्त तकनीकी एवं अन्य पदों पर तत्काल भर्ती करने तथा लंबे समय से कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की है। साथ ही संघ की अन्य सभी लंबित मांगों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण किए जाने की मांग भी ज्ञापन के माध्यम से प्रबंधन के समक्ष रखी गई है।
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है तो आंदोलन को चरणबद्ध रूप से आगे बढ़ाया जाएगा। आंदोलन के प्रथम चरण में 21 अगस्त 2026 को गेट मीटिंग आयोजित की गई है। इसके बाद द्वितीय चरण में 22 अगस्त 2026 से काली पट्टी/बैज लगाकर कार्य करते हुए सभी क्षेत्रीय मुख्य अभियंता कार्यालयों में ज्ञापन सौंपा जाएगा। तृतीय चरण में 06 अक्टूबर 2026 को एक दिवसीय सामूहिक अवकाश लिया जाएगा तथा मांगों का निराकरण नहीं होने की स्थिति में चतुर्थ चरण के अंतर्गत 21 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन सत्याग्रह आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा।
संघ ने प्रबंधन से अपील की है कि विद्युत कंपनियों में औद्योगिक शांति एवं उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत सेवा उपलब्ध कराने के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए संघ की जायज मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लिया जाए तथा संघ के प्रतिनिधियों के साथ सार्थक द्विपक्षीय वार्ता आयोजित कर समस्याओं का समाधान किया जाए। संघ ने स्पष्ट किया कि यदि जायज मांगों के निराकरण के लिए समयबद्ध एवं सकारात्मक पहल नहीं की जाती है तो संघ अपने घोषित चरणबद्ध आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए बाध्य होगा।
प्रेस विज्ञप्ति जारी करने वाले संघ के पदाधिकारी: प्रांतीय अध्यक्ष इंजि. श्रीकांत बड़गैया, प्रांतीय महासचिव इंजि. दीपक कुमार निकुंज, संरक्षक इंजि. बी.बी. जायसवाल, संयोजक इंजि. महेश्वर टंडन, वरिष्ठ सलाहकार इंजि. व्ही.के. खांडेकर, उपाध्यक्ष इंजि. अविनाश दूबे एवं इंजि. सुरजीत गुप्ता, अतिरिक्त महासचिव इंजि. नितिन वर्मा, कोषाध्यक्ष इंजि. पी.एल. माहेश्वरी, इंजि. राजेन्द्र गिरी गोस्वामी, विधि सचिव इंजि. गुलाब राम साहू, इंजि. चंद्रेश कुमार पाठकर, इंजि. आमिर उल्ला खान एवं कार्यालय सचिव इंजि. शैलेष पाटले, इंजि. मुकेश मरावी एवं इंजि. अभिजीत मावलांकर, प्रचार सचिव इंजि. सीमा बघेल एवं इंजि. श्रद्धा दिल्लीवार, सह संगठन सचिव इंजि. भरथरी कुर्रे एवं इंजि. शैलेन्द्र दुबे, सह प्रचार सचिव इंजि. श्वेता वर्मा एवं इंजि. अभिषेक साहू तथा विधि सलाहकार इंजि. अभिषेक राठी, इंजि. अक्षय दीवान एवं इंजी. मिनेश साहू आदि संघ पदाधिकारी उपस्थित थे l





















