

रायपुर – नगर पालिक निगम रायपुर ने नागरिकों से विनम्र अपील की है कि वे संपत्तिकर संबंधी सभी प्रावधानों का समय पर पालन करें तथा कर निर्धारण हेतु सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं।
छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 138 (2) (क) के अनुसार प्रत्येक संपत्तिधारक के लिए प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 31 मार्च से पूर्व स्व-विवरणी (सेल्फ असेसमेंट ) प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
निर्धारित समयावधि में स्व-विवरणी प्रस्तुत नहीं करने पर ₹1,000 (एक हजार रुपये) का दंड अधिरोपित किए जाने का प्रावधान है।
इसी प्रकार छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 138 (3) के अनुसार यदि कोई संपत्तिधारक गलत स्व-विवरणी प्रस्तुत कर वास्तविक देय संपत्तिकर से कम कर निर्धारित कराता है तथा नगर निगम द्वारा किए गए निर्धारण में 10 प्रतिशत से अधिक का अंतर पाया जाता है, तो ऐसे मामलों में कर अंतर की राशि का पाँच गुना दंड लगाए जाने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त नियमानुसार 2 प्रतिशत प्रतिमाह अधिभार एवं अन्य वैधानिक प्रावधान लागू हैं।
रायपुर नगर पालिक निगम ने नागरिकों को जानकारी दी है कि डायवर्सन की तिथि से खुले भूखंडों पर संपत्तिकर देय होगा। इसके अतिरिक्त ऐसे सभी खुले भूखंड, जो राजस्व अभिलेखों में कृषि मद में दर्ज हैं, किंतु उन पर व्यावसायिक गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं, उन पर भी नियमानुसार संपत्तिकर देय होगा। ऐसे सभी संपत्तिधारक अपने निकटतम नगर निगम जोन कार्यालय में संपर्क कर संपत्ति का नियमानुसार निर्धारण कराते हुए संपत्तिकर जमा करें।
रायपुर नगर पालिक निगम ने आगे नागरिकों से विनम्र अपील की है कि किसी भी भूखंड या भवन का क्रय करने से पूर्व यह सुनिश्चित कर लें कि संबंधित संपत्ति का संपत्तिकर अद्यतन रूप से जमा है तथा उस पर कोई कर बकाया नहीं है।
साथ ही किसी भी संपत्ति के क्रय-विक्रय के उपरांत तीन माह के भीतर नामांतरण (स्वामित्व परिवर्तन) की सूचना रायपुर नगर पालिक निगम को देना अनिवार्य है। समय पर नामांतरण नहीं कराने की स्थिति में कर संबंधी दायित्व एवं अन्य वैधानिक जटिलताएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
नगर पालिक निगम रायपुर ने सभी नागरिकों से विनम्र अपील की है कि वे समय पर संपत्तिकर जमा करें, सही जानकारी उपलब्ध कराएँ तथा किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए अपने निकटतम जोन कार्यालय में संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त करें।






















