

रायपुर – नगर पालिक निगम, रायपुर में भवन अनुज्ञा (बिल्डिंग परमिशन ) प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी, समयबद्ध एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में आयुक्त श्री संबित मिश्रा द्वारा सख्त प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए 5 पंजीकृत इंजीनियरों को 1 वर्ष की अवधि के लिए ब्लैकलिस्ट ( निलंबित ) किए जाने के आदेश जारी किए गए हैं।
भवन अनुज्ञा प्रकरणों की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि संबंधित पंजीकृत इंजीनियरों द्वारा बीपीएमएस (बिल्डिंग परमिशन मैनेजमेंट सिस्टम ) पोर्टल पर प्रस्तुत प्रकरणों में आवश्यक दस्तावेजों की कमी एवं बार-बार तकनीकी त्रुटियां की गईं, जिसके कारण आवेदन लगातार रीएससाइन होते रहे तथा भवन अनुज्ञा प्रकरणों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा में नहीं हो सका। इन अनियमितताओं के संबंध में सभी संबंधित इंजीनियरों को कारण बताओ सूचना-पत्र जारी कर अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर प्रदान किया गया। प्राप्त स्पष्टीकरणों का परीक्षण करने पर वे संतोषजनक नहीं पाए गए, जबकि एक प्रकरण में निर्धारित समयावधि में कोई उत्तर भी प्रस्तुत नहीं किया गया।
उक्त तथ्यों के परीक्षण के उपरांत आयुक्त श्री संबित मिश्रा द्वारा भवन अनुज्ञा प्रक्रिया की पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं समयबद्धता बनाए रखने तथा भविष्य में ऐसी लापरवाही की पुनरावृत्ति रोकने के उद्देश्य से 5 पंजीकृत इंजीनियरों को 1 वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट करने के आदेश जारी किए गए है.
ब्लैकलिस्ट अवधि के दौरान उक्त सम्बंधित 5 पंजीकृत इंजीनियर नगर पालिक निगम रायपुर के बीपीएमएस पोर्टल के माध्यम से किसी भी प्रकार के भवन अनुज्ञा आवेदन प्रस्तुत नहीं कर सकेंगे तथा उनके नाम से कोई नया आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने कहा कि नगर पालिक निगम रायपुर में भवन अनुज्ञा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही, दस्तावेजों की कमी, तकनीकी त्रुटि अथवा नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। नागरिकों को समयबद्ध एवं पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना नगर पालिक निगम रायपुर की सर्वोच्च प्राथमिकता है।भविष्य में भी यदि किसी पंजीकृत आर्किटेक्ट अथवा इंजीनियर द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जाता है, तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर नगर पालिक निगम ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई भवन अनुज्ञा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है तथा भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।























