
प्रविष्टि तिथि: 06 JUL 2026 3:33PM by PIB Raipur
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई में समग्र शिक्षा के सहयोग से तीन दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज विधिवत शुभारंभ किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत कुल 400 शिक्षकों को आठ बैचों में तीन-तीन दिनों का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिसका उद्देश्य विद्यालयी शिक्षकों की शिक्षण दक्षता में वृद्धि करना, कौशल-आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करना तथा मूल्यपरक शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सुदृढ़ करना है।

कार्यक्रम के संरक्षक एवं मुख्य अतिथि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के निदेशक प्रोफेसर राजीव प्रकाश ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की आधारशिला होते हैं और समाज को दिशा देने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे स्वावलंबन की दिशा में अग्रसर हों, कौशल विकास पर विशेष ध्यान दें तथा विद्यार्थियों में उत्तम चरित्र और नैतिक मूल्यों के निर्माण के लिए सतत प्रयास करें।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. महबूब आलम ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक दीपक के समान होते हैं, जो स्वयं जलकर विद्यार्थियों के जीवन से अज्ञानता के अंधकार को दूर करते हैं। वहीं डॉ. ध्रुव प्रताप सिंह ने भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि वे सदैव अपने शिक्षकों के योगदान को सम्मानपूर्वक स्मरण करते थे, जो शिक्षा के महत्व को दर्शाता है।

इस अवसर पर डॉ. कुलदीप कुमार कटारिया, डीन (शैक्षणिक कार्य), डॉ. महावीर शर्मा तथा डॉ. मईलमुरुगन, भौतिकी एवं रसायन विभाग के अध्यक्ष सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों की शिक्षण क्षमता को सुदृढ़ करने, नवीन शिक्षण पद्धतियों को अपनाने, कौशल-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने तथा मूल्यपरक शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों के समग्र विकास को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।





















