




Raipur chhattisgarh VISHESH : राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा “नेक्स्ट-जेन क्वांटम इंटेलिजेंस: एआई फॉर नेटवर्क ऑप्टिमाइजेशन एंड एंटैंगलमेंट (NGQI-AINE-26)” विषय पर आयोजित पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। यह कार्यशाला शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग संवर्धन योजना (SPARC), शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित की जा रही है।कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में आईआईएम रायपुर के निदेशक प्रो. संजीव पराशर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। एनआईटी रायपुर के निदेशक प्रो. एन. वी. रमना राव ने मुख्य संरक्षक (चीफ पैट्रन) के रूप में उपस्थित रहे। वहीं द यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न (ऑस्ट्रेलिया) के रेडमंड बैरी विशिष्ट प्रोफेसर प्रो. राजकुमार बुय्या तथा आईआईटी खड़गपुर के स्पार्क सदस्य डॉ. तिताश मंडल विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में शामिल हुए।कार्यक्रम की अध्यक्षता सूचना प्रौद्योगिकी विभागाध्यक्ष एवं कार्यशाला अध्यक्ष प्रो. सुधाकर पांडेय द्वारा किया गया। यह कार्यशाला प्रतिष्ठित SPARC सहयोगी अनुसंधान परियोजना के अंतर्गत आयोजित की जा रही है, जिसका नेतृत्व एनआईटी रायपुर के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. चंद्रशेखर जटोथ, आईआईटी खड़गपुर के प्रो. गौतम दास तथा प्रो. सोम्या के. घोष कर रहे हैं।
यह परियोजना एनआईटी रायपुर, आईआईटी खड़गपुर, द यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न (ऑस्ट्रेलिया) तथा कर्टिन यूनिवर्सिटी (ऑस्ट्रेलिया) के बीच एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सहयोग है, जिसमें क्वांटम कंप्यूटिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तथा अगली पीढ़ी की नेटवर्किंग के क्षेत्र के अग्रणी शोधकर्ता एक साथ कार्य कर रहे हैं। यह परियोजना उन्नत कंप्यूटिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्वांटम प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एनआईटी रायपुर की बढ़ती नेतृत्वकारी भूमिका को भी दर्शाती है।

प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए प्रो. सुधाकर पांडेय ने कहा कि सुरक्षित, बुद्धिमान एवं विस्तार योग्य अगली पीढ़ी के नेटवर्क विकसित करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम कंप्यूटिंग और क्वांटम संचार का एकीकरण अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों ने उभरती हुई प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए बहु-विषयक अनुसंधान, नवाचार तथा अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग के महत्व पर बल दिया।इस कार्यशाला को देशभर से उत्साहजनक प्रतिसाद प्राप्त हुआ है। इसमें 70 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें विभिन्न संस्थानों के प्राध्यापक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी शामिल हैं। प्रतिभागी एनआईटी रायपुर, एनआईटी गोवा, एनआईटी कुरुक्षेत्र, विभिन्न आईआईटी, एसएसआईटी, सीएमआरआईटी सहित देश के कई प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों से आए हैं।
पांच दिवसीय कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम कम्युनिकेशन, क्वांटम क्रिप्टोग्राफी, क्वांटम एंटैंगलमेंट, नेटवर्क ऑप्टिमाइजेशन हेतु एआई, ग्राफ न्यूरल नेटवर्क्स, आईओटी आधारित क्वांटम नेटवर्क्स तथा क्वांटम इंटेलिजेंस के अन्य उभरते क्षेत्रों पर विशेषज्ञ व्याख्यान, व्यावहारिक प्रशिक्षण (हैंड्स-ऑन सेशन) एवं तकनीकी चर्चाओं का लाभ मिलेगा।कार्यक्रम का समापन आभार प्रदर्शन, राष्ट्रगान तथा सभी गणमान्य अतिथियों एवं प्रतिभागियों के सामूहिक छायाचित्र के साथ हुआ।





















