
पीएम मोदी के नेतृत्व ने किसानों को खाद संकट से बचाया- जेपी नड्डा
राज्यों को मांग के अनुरुप मिलता रहेगा उर्वरक: जेपी नड्डा
100% प्राकृतिक गैस आपूर्ति से मज़बूत हुआ उर्वरकों का घरेलू उत्पादन
प्रविष्टि तिथि: 05 JUL 2026 6:50PM by PIB Delhi
भारत के लिए उर्वरक एवं कच्चा माल लेकर आने वाले कुल 15 जहाज़ सुरक्षित रूप से हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं। इन जहाज़ों के माध्यम से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भारत में उर्वरकों एवं कच्चे माल की आपूर्ति जारी है। उर्वरक एवं कच्चा माल लेकर आ रहे इन जहाजों के भारतीय तटों पर पहुंचने के साथ ही भारत के उर्वरक भंडार में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। पश्चिम एशिया में हाल ही में उत्पन्न संघर्ष के दौरान हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात प्रभावित होने के बावजूद भारत सरकार ने समयबद्ध रणनीति, प्रभावी समन्वय तथा निरंतर निगरानी के माध्यम से देश में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की है।

इस संकट के बावजूद भारत सरकार ने अपने कूटनीतिक एवं रणनीतिक प्रयासों के बल पर कई नए देशों से भी उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित की है और भारत की उर्वरक आपूर्ति श्रृंखला पहले से अधिक मजबूत हुई है। इस पूरी प्रक्रिया में विदेशों में स्थित 28 भारतीय मिशनों (जैसे दूतावास और उच्चायोग) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन मिशनों ने संभावित उत्पादकों एवं आपूर्तिकर्ताओं से संपर्क स्थापित कर उर्वरकों की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने में उर्वरक विभाग को सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
यूरिया आपूर्ति के लिए ओमान, मलेशिया, वियतनाम, जॉर्जिया, नाइजीरिया, रूस, फिनलैंड, मिस्र, अल्जीरिया, तुर्की तथा नीदरलैंड सहित कई देशों से सफलतापूर्वक व्यवस्था की गई है। वहीं, डीएपी एवं एनपीके उर्वरकों के लिए लाल सागर समुद्री मार्ग के माध्यम से रूस, मोरक्को, मिस्र, अमेरिका, जॉर्डन, दक्षिण कोरिया, ट्यूनीशिया तथा सऊदी अरब से आवश्यक व्यवस्था की गई है।
केंद्रीय रासायनिक एवं उर्वरक मंत्री श्री जेपी नड्डा ने कहा कि “पश्चिम एशिया में शुरु हुए संघर्ष की वजह से पूरी दुनिया की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई। उर्वरकों की कीमतें आसमान छूने लगीं और माल पहुंचने में लगने वाला समय भी बढ़ गया। भारत भी इस वैश्विक संकट से अछूता नहीं रहा। इससे कच्चे माल और उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति में चुनौतियां आईं, लेकिन मा. प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में भारत सरकार शुरू से ही सतर्क और तैयार थी।’’
उन्होंने आगे कहा, ‘’वैकल्पिक मार्गों से उर्वरक आयात के प्रयास तेज किए गए। विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों ने संभावित वैश्विक उत्पादकों और आपूर्तिकर्ताओं से संपर्क स्थापित करने में उर्वरक विभाग की सक्रिय सहायता की। परिणाम यह हुआ कि आज हमारा आयात और घरेलू उत्पादन दोनों ही अत्यंत मजबूत स्थिति में हैं। क्षेत्रीय स्तर पर उपलब्धता और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने के लिए उर्वरक विभाग, राज्य सरकारों के साथ लगातार समन्वय कर रहा है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की उथल–पुथल का प्रभाव देश के अन्नदाता पर बिल्कुल न पड़े; उन्हें न केवल समय पर और समान रूप से उर्वरक मिले, बल्कि वे सहजता से किफायती दरों पर उपलब्ध हों। बेहद चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद हमारी सरकार ने अपने अन्नदाताओं पर आंच नहीं आने दी। वैश्विक कीमतों में ऐतिहासिक उछाल के बावजूद भारत सरकार ने किसानों के हितों को सर्वोपरि रखा है। यह माननीय प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में उर्वरक विभाग द्वारा किए गए सक्रिय प्रयासों का परिणाम है।’’
उर्वरक और कच्चा माल लेकर आ रहे 8 जहाज़ों में 3.32 लाख मीट्रिक टन (LMT) यूरिया, 4 जहाज़ों में 2.57 LMT डीएपी तथा 3 जहाज़ों में 1.11 LMT सल्फर भारत पहुँच रहा है। इसके अतिरिक्त, 5 अन्य जहाज़ भारत के लिए निर्धारित हैं। इनमें से एक जहाज़ में 0.25 LMT अमोनिया तथा एक अन्य जहाज़ में 0.45 LMT यूरिया लदा हुआ है। शेष दो जहाज़ों में यूरिया तथा एक जहाज़ में सल्फर की लोडिंग की जा रही है। इन जहाज़ों के भी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शीघ्र भारत पहुँचने की संभावना है। इन जहाजों के आगमन के साथ ही भारत के उर्वरक भंडार में बढ़ोतरी होगी।
घरेलू उर्वरक उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि
उर्वरक संयंत्रों के लिए प्राकृतिक गैस की उपलब्धता, जो कुछ समय के लिए लगभग 65 प्रतिशत तक सीमित हो गई थी, अब पुनः 100 प्रतिशत कर दी गई है। इसके परिणामस्वरूप देश के सभी यूरिया संयंत्र पूर्ण क्षमता पर संचालित हो रहे हैं, जिससे घरेलू उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस वर्ष अप्रैल माह में भी 20.34 LMT के लक्ष्य के मुकाबले 20.98 LMT का उत्पादन दर्ज किया गया। मई 2026 में 22.55 LMT के लक्ष्य के मुकाबले 25.19 LMT का रिकॉर्ड यूरिया उत्पादन दर्ज किया गया। जून 2026 में भी यह प्रदर्शन जारी रहा और 24.96 LMT के लक्ष्य के मुकाबले 25.37 LMT का उत्पादन हुआ। इस प्रकार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में 67.86 LMT के लक्ष्य के मुकाबले 71.55 LMT का कुल यूरिया उत्पादन हुआ, जो निर्धारित लक्ष्य से 3.69 LMT अधिक है।
यूरिया उत्पादन
| माह | लक्ष्य | वास्तविक उत्पादन (LMT) (30/06/2026 तक) |
| अप्रैल | 20.34 | 20.98 |
| मई | 22.55 | 25.19 |
| जून | 24.96 | 25.37 |
| कुल(अप्रैल-जून, 2026) | 67.86 | 71.55 |
डीएपी उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि
डीएपी उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। अप्रैल में 2.68 LMT के लक्ष्य के मुकाबले 3.03 LMT मई में 3.01 LMT के लक्ष्य के मुकाबले 3.93 LMT तथा जून में 2.92 LMT के लक्ष्य के मुकाबले 2.88 LMT का उत्पादन हुआ। पहली तिमाही में 8.61 LMT के लक्ष्य के मुकाबले 9.84 LMT का कुल डीएपी उत्पादन दर्ज किया गया, जो निर्धारित लक्ष्य से 1.23 LMT अधिक है।
| माह | लक्ष्य | वास्तविक उत्पादन (LMT) (30/06/2026 तक) |
| अप्रैल | 2.68 | 3.03 |
| मई | 3.01 | 3.93 |
| जून | 2.92 | 2.88 |
| कुल (अप्रैल-जून) | 8.61 | 9.84 |
पहली तिमाही में कुल 9.84 LMT का डीएपी उत्पादन हुआ, जो निर्धारित लक्ष्य 8.61 LMT से लगभग 1.23 LMT अधिक है।
एनपीके एवं एसएसपी का घरेलू उत्पादन
| उर्वरक | अप्रैल | मई | जून | कुल (LMT)(30/06/2026 तक) |
| एनपीके | 5.78 | 7.44 | 7.55 | 20.77 |
| एसएसपी | 3.58 | 4.37 | 5.55 | 13.50 |
इसी अवधि में एनपीके उर्वरकों का कुल घरेलू उत्पादन 20.77 LMT तथा एसएसपी का कुल घरेलू उत्पादन 13.50 LMT दर्ज किया गया।
देश में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार
आयात और घरेलू उत्पादन के क्षेत्र में किए गए समन्वित प्रयासों का परिणाम है कि वर्तमान में देश में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा वर्षभर के लिए अनुमानित 383.9 लाख मीट्रिक टन (LMT) की आवश्यकता के मुकाबले 197.56 लाख मीट्रिक टन (LMT) उर्वरकों का भंडार सुरक्षित कर लिया गया है, जो कुल वार्षिक आवश्यकता का 51 प्रतिशत से अधिक है। इससे आगामी कृषि मौसम में किसानों को उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
उर्वरक उपलब्ध भंडार (02.07.26 तक)
| उर्वरक | उपलब्ध भंडार (LMT) |
| यूरिया | 69.08 |
| डीएपी | 16.64 |
| एमओपी | 8.90 |
| एनपीके | 45.64 |
| एसएसपी | 23.09 |
| कुल | 163.35 |
किसानों के हितों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता
पश्चिम एशिया में उत्पन्न चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद भारत सरकार ने विभिन्न देशों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर उर्वरकों एवं कच्चे माल की आपूर्ति श्रृंखला को बाधित नहीं होने दिया। साथ ही, प्राकृतिक गैस की पूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित कर घरेलू उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
आयात, घरेलू उत्पादन तथा पर्याप्त भंडारण, इन तीनों मोर्चों पर किए गए समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप देश में उर्वरकों की उपलब्धता पूरी तरह संतोषजनक बनी हुई है। भारत सरकार किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी आवश्यकता अनुसार सभी आवश्यक कदम उठाती रहेगी।
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नीरज कुमार भट्ट/अमित/गौरव पांडे/शत्रुघ्न प्रसाद
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