






महाराजा चक्रधर सिंह जी की कला-साधना और कथक के रायगढ़ घराने का योगदान अतुलनीय: श्री तोखन साहू
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक नगर रायगढ़ में आयोजित 41वें चक्रधर समारोह सम्मिलित हुए।

Raipur chhattisgarh VISHESH / महाराजा चक्रधर सिंह जी की पावन स्मृति को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि रायगढ़ की पावन भूमि केवल औद्योगिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शास्त्रीय कला, लोक परंपराओं, साहित्य और खेल संस्कृति का भी समृद्ध केंद्र है।
समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह जी एक कुशल प्रशासक होने के साथ-साथ संगीत, साहित्य और कला के महान पारखी थे। उनके संरक्षण और साधना के फलस्वरूप ही रायगढ़ ने देश के प्रमुख कथक केंद्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई और रायगढ़ घराना देश-दुनिया में प्रतिष्ठित हुआ। उन्होंने कहा कि यह वास्तव में कला और संस्कृति का महाकुंभ है, जहां पद्मश्री डॉ. उषा बारले, पद्मश्री अनुज शर्मा, पद्मश्री डॉ. भारती बंधु और पद्मश्री रामलाल बरेठ जैसे शीर्षस्थ कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से राष्ट्रीय गरिमा बढ़ा रहे हैं।
श्री साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन ‘विरासत भी, विकास भी’ को चक्रधर समारोह पूरी सार्थकता के साथ ज़मीन पर उतार रहा है। भारत आज आधुनिक विकास के पथ पर अग्रसर होते हुए भी अपनी समृद्ध सांस्कृतिक जड़ों को सहेज रहा है। यह मंच राष्ट्रीय फलक के दिग्गज कलाकारों के साथ स्थानीय युवा प्रतिभाओं को सहभागिता का अवसर प्रदान कर रहा है, जिससे युवाओं में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार हो रहा है।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने इस भव्य आयोजन के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन, आयोजन समिति, कलाकारों, खिलाड़ियों और रायगढ़ की जनता की सराहना की तथा सभी से महाराजा चक्रधर सिंह जी की इस गौरवमयी सांस्कृतिक विरासत को निरंतर आगे बढ़ाने का आह्वान किया।





















