

न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, पुलिस अधिकारी ने बताया कि हाई कोर्ट के आदेश के कथित उल्लंघन को लेकर मामला दर्ज किया गया है.
कोलकाता पुलिस ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की है. ममता बनर्जी पर तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) के स्थापना दिवस कार्यक्रम के आयोजन के दौरान कलकत्ता हाई कोर्ट की ओर से लगाई गई शर्तों के कथित उल्लंघन का आरोप है. ममता बनर्जी के अलावा टीएमसीपी की बैठक के आयोजकों के ख़िलाफ़ भी मामला दर्ज किया गया है

पुलिस के मुताबिक़, एफ़आईआर हेस्टिंग्स थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर अपू बैद्य की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ममता बनर्जी और कार्यक्रम के आयोजकों ने कथित तौर पर आपराधिक साज़िश रची और इसके तहत हाई कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया. अधिकारी ने दावा किया कि कार्यक्रम के दौरान टीएमसीपी समर्थकों ने बैरिकेड तोड़ दिए और क़ानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की. इसके चलते मौके पर अफ़रातफ़री की स्थिति पैदा हो गई.
टीएमसीपी का स्थापना दिवस कार्यक्रम शुक्रवार को कैथेड्रल रोड पर आयोजित किया गया था. इससे पहले कलकत्ता हाई कोर्ट के जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने मंगलवार को कार्यक्रम में उपस्थिति को 1,500 लोगों तक सीमित रखने के निर्देश दिए थे. पुलिस का कहना है कि कार्यक्रम के दौरान इन निर्देशों के कथित उल्लंघन की शिकायत के आधार पर एफ़आईआर दर्ज की गई है.
टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने कहा कि यह ‘पॉलिटिकली मोटिवेटेड’ एफ़आईआर है. वहीं उन्होंने ये भी कहा कि , हम हाई कोर्ट के आदेश का पूरी तरह सम्मान करते हैं और अदालत का भी सम्मान करते हैं, लेकिन जनता की अदालत का भी सम्मान किया जाना चाहिए. हमने हाई कोर्ट के आदेश का पालन करने की पूरी कोशिश की, लेकिन अगर ज़्यादा लोग आ जाते हैं, तो उन्हें संभालने की ज़िम्मेदारी पुलिस की है. ममता बनर्जी के ख़िलाफ़ एफ़आईआर पूरी तरह राजनीतिक वजहों से दर्ज की गई है.





















