

प्रविष्टि तिथि: 03 AUG 2026 6:07PM
भिलाई इस्पात संयंत्र के सिंटर प्लांट-3 में विद्युत सुरक्षा, उपकरणों की विश्वसनीयता और डिजिटल संचालन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त मॉडल विद्युत नियंत्रण कक्ष का नवीनीकरण कर लोकार्पण किया गया। आधुनिक तकनीक और सुरक्षा मानकों से सुसज्जित यह नियंत्रण कक्ष संयंत्र के महत्वपूर्ण विद्युत एवं ऑटोमेशन तंत्रों के सुरक्षित, विश्वसनीय और निर्बाध संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


मॉडल विद्युत नियंत्रण कक्ष में एलसीआई ड्राइव, आरआईओपी प्रणाली सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विद्युत एवं ऑटोमेशन उपकरण स्थापित किए गए हैं। उपकरणों की कार्यक्षमता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए औद्योगिक श्रेणी के नवीन एयर कंडीशनिंग यूनिट, इपॉक्सी रेजिन इंसुलेटेड फ्लोरिंग, रियल-टाइम ह्यूमन मशीन इंटरफेस (एचएमआई), रिमोट बसबार तापमान निगरानी प्रणाली तथा आधुनिक विद्युत सुरक्षा उपकरण लगाए गए हैं। इन सुविधाओं से उपकरणों की सतत निगरानी, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता, विद्युत सुरक्षा तथा अनुरक्षण कार्यों की दक्षता में सुधार होगा।

परियोजना का क्रियान्वयन मुख्य महाप्रबंधक (ओएचपी) सजीव वर्गीज तथा महाप्रबंधक प्रभारी एवं विभागाध्यक्ष (सिंटर प्लांट-3) राहुल बिजुरकर के मार्गदर्शन में किया गया। परियोजना के क्रियान्वयन में महाप्रबंधक (ओएचपी) भादेव टुडू और महाप्रबंधक (सिंटर प्लांट-3) विवेक श्रीवास्तव ने नेतृत्व प्रदान किया। उप महाप्रबंधक (सिंटर प्लांट-3) दीपक कुमार गुप्ता के नेतृत्व में अरुणेश शर्मा, राजेश साहू, के. के. वर्मा, एस. सी. साहू, अनिल खापेकर, देवेन्द्र यादव और कुशांक पटेल ने परियोजना के सफल निष्पादन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्य में तत्कालीन महाप्रबंधक (मैकेनिकल) आई. वी. रमणा का भी उल्लेखनीय सहयोग रहा।
लोकार्पण समारोह में मुख्य महाप्रबंधक (विद्युत) टी. के. कृष्णकुमार, महाप्रबंधक (एसीडब्ल्यूई) एस. के. बेहरा सहित भिलाई इस्पात संयंत्र के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने परियोजना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि आधुनिक नियंत्रण कक्ष की स्थापना संयंत्र में आधुनिक इंजीनियरिंग, डिजिटल परिवर्तन, विद्युत सुरक्षा और अनुरक्षण उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नई व्यवस्था से सिंटर प्लांट-3 की परिचालन विश्वसनीयता, उपकरण उपलब्धता और समग्र कार्यकुशलता को और मजबूती मिलेगी।





















