






एनआईटी रायपुर ने किया “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत” संकल्प अभियान का आयोजन
एनएसएस और एनसीसी क्लबों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ कार्यक्रम; 250 से अधिक विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों की रही उत्साहजनक उपस्थिति

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअली संबोधन के बाद परिसर में निकाली गई जागरूकता रैली; निदेशक प्रो. एन. वी. रमणा राव ने दिलाई ‘नशा मुक्त’ शपथ
Raipur chhattisgarh VISHESH / राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) और राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) क्लबों ने संयुक्त रूप से नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान का आयोजन किया। यह कार्यक्रम भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की एक पहल है। इस राष्ट्रव्यापी अभियान का उद्देश्य मादक पदार्थों के हानिकारक प्रभावों और नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा नशा मुक्त समाज की परिकल्पना को बढ़ावा देना है।
इस कार्यक्रम में संकाय सदस्यों के साथ-साथ 250 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अभियान के हिस्से के रूप में, प्रतिभागियों ने वर्चुअली माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को सुना, जिसमें उन्होंने एक स्वस्थ, नशा मुक्त राष्ट्र के निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। संबोधन के बाद संस्थान परिसर के भीतर एक जागरूकता रैली निकाली गई, जहाँ प्रतिभागियों ने स्वस्थ और व्यसन-मुक्त जीवन शैली को प्रोत्साहित करने वाले नारों के साथ मार्च किया।
यह कार्यक्रम एनआईटी रायपुर के निदेशक प्रो. एन. वी. रमणा राव के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिन्होंने सभी प्रतिभागियों को नशा मुक्त शपथ दिलाई। कार्यक्रम में एनआईटी रायपुर के कुलसचिव प्रो. नरेंद्र डी. लोंढे के साथ-साथ प्रो. जी. डी. रामटेककर, प्रो. शिरीष वर्मा, प्रो. समीर बाजपेई, प्रो. शुभाशीष सान्याल, प्रो. जी. पी. एस. सी. मिश्रा, प्रो. सुधाकर पांडे, प्रो. मीना मुर्मू, डॉ. पवन मिश्रा, प्रो. डी. सी. झारिया और अन्य संकाय सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही। एनएसएस, एनसीसी, सहयोग, शौर्य, रागा, गो ग्रीन, राजभाषा प्रकोष्ठ और विभिन्न अन्य क्लबों एवं समितियों के स्वयंसेवकों व सदस्यों ने भी भाग लिया, जो इस अभियान के प्रति संस्थान की एकजुट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों द्वारा ‘नशा मुक्त भारत’ के दृष्टिकोण के प्रति अपना समर्थन देने और जागरूकता के इस संदेश को परिसर से परे व्यापक समाज में ले जाने के संकल्प के साथ हुआ।
आरडीजे





















