



Raipur chhattisgarh VISHESH / राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग तथा गणित विभाग ने सतत शिक्षा प्रकोष्ठ (सीईसी) एन आई टी रायपुर के सहयोग से आयोजित स्व-वित्तपोषित पाँच दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला “नंबर थ्योरी एंड क्रिप्टोग्राफी: थ्योरी, एल्गोरिथम एंड एप्लिकेशन” का समापन 17 जुलाई 2026 को आयोजित वैलिडिक्टरी समारोह के साथ सफलतापूर्वक किया। 13 से 17 जुलाई 2026 तक आयोजित इस कार्यशाला में प्रतिभागियों को संख्या सिद्धांत की गणितीय आधारभूत अवधारणाओं तथा आधुनिक क्रिप्टोग्राफी में उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
समापन समारोह में एनआईटी रायपुर के निदेशक प्रो. एन. वी. रमना राव, दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के प्रो. जगदीश चंद बंसल, एनआईटी रायपुर के कुलसचिव प्रो. नरेंद्र डी. लोंढे, सतत शिक्षा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष प्रो. सुभोजित घोष, गणित विभाग विभागाध्यक्ष डॉ. सुजीत कुमार सामंता, कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग के विभागाध्यक्ष (प्रभारी) प्रो. प्रदीप सिंह, संकाय सदस्य तथा देशभर से जुड़े प्रतिभागी उपस्थित रहे। कार्यशाला का सफल समन्वयन डॉ. बुनिल कुमार बलबंतराय (संयोजक), डॉ. शैलेंद्र कुमार त्रिपाठी, डॉ. दीपमाला शर्मा तथा डॉ. नबीन कुमार मेहर द्वारा किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. दीपमाला शर्मा के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए पाँच दिवसीय कार्यशाला के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की।इसके पश्चात डॉ. नबीन कुमार मेहर ने कार्यशाला का संक्षिप्त प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें तकनीकी सत्रों, प्रमुख सीख तथा अकादमिक संवादों का उल्लेख करते हुए प्रतिभागियों के ज्ञानवर्धन में कार्यशाला की भूमिका पर प्रकाश डाला।
अपने संबोधन में डॉ. सुजीत कुमार सामंता ने क्रिप्टोग्राफी के क्षेत्र में अनुसंधान एवं नवाचार के लिए गणितीय आधार को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए प्रतिभागियों को गणित के अंतर्विषयक अनुप्रयोगों पर निरंतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। वहीं प्रो. प्रदीप सिंह ने डिजिटल युग में क्रिप्टोग्राफी की बढ़ती आवश्यकता पर बल देते हुए दोनों विभागों के संयुक्त प्रयास की सराहना की। प्रो. सुभोजित घोष ने कार्यशाला के सफल आयोजन की प्रशंसा करते हुए संस्थान द्वारा गुणवत्तापूर्ण सतत शिक्षा कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रो. नरेंद्र डी. लोंढे ने प्रतिभागियों को कार्यशाला से प्राप्त ज्ञान का उपयोग अपने शैक्षणिक एवं शोध कार्यों में करने के लिए प्रेरित किया। प्रो. जगदीश चंद बंसल ने आधुनिक तकनीकी परिदृश्य में संख्या सिद्धांत एवं क्रिप्टोग्राफी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को इस क्षेत्र में निरंतर अध्ययन एवं अनुसंधान के लिए प्रोत्साहित किया। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. एन. वी. रमना राव ने कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी तथा प्रतिभागियों को निरंतर सीखने और नवाचार की दिशा में अग्रसर रहने का संदेश दिया। प्रतिभागियों के फीडबैक सत्र के उपरांत कार्यक्रम का समापन डॉ. शैलेंद्र कुमार त्रिपाठी द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।





















