
Report manpreet singh
Raipur chhattisgarh VISHESH संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि 15 नवंबर, 2022 को दुनिया में इंसानों की आबादी आठ अरब हो जाएगी.जनसंख्या वृद्धि ने लोगों के बीच बड़ा विभाजन पैदा कर दिया है. कुछ लोग इससे चिंतित हैं तो कई लोग इसे सफलता की अभूतपूर्व कहानी बता रहे हैं. वास्तव में दुनिया में तेज़ी से एक ऐसी विचारधारा पनप रही है जो मानती है कि हमें और लोगों की ज़रूरत है.

साल 2018 में अमेज़ॉन के संस्थापक जेफ़ बेज़ोस ने एक ऐसे भविष्य का अनुमान लगाया, जब हमारे सौर मंडल में एक अरब इंसान फैल जाएंगे. उन्होंने एलान किया कि वे इस लक्ष्य को पाने की योजना बना रहे हैं.इस बीच, ब्रिटिश ब्रॉडकास्टर और प्रकृति के इतिहासकार सर डेविड एटनबरो सहित कई लोगों ने इंसानों की इतनी बड़ी आबादी को ‘पृथ्वी पर प्लेग’ का नाम दिया है.
इस नज़रिए के अनुसार, आज हम पर्यावरण से जुड़ी जिस समस्या से जूझ रहे हैं, चाहे वह जलवायु परिवर्तन हो, या जैव विविधता का नुकसान, जल संकट हो या भूमि संघर्ष, उन सबका संबंध पिछली कुछ सदियों के दौरान तेज़ी से बढ़ी हमारी आबादी से है.





















