
युवाओं को मिलेगा लोक कला और शिल्प का प्रशिक्षण
रायपुर, 07 जून 2026

छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक कला परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग द्वारा ‘आकार-2026’ पारंपरिक शिल्प एवं विविध कला प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के निर्देश पर 8 से 14 जून तक सरगुजा संभाग के उदयपुर और लखनपुर में यह विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित होगा।
शिविर का उद्देश्य युवाओं में लोक कलाओं और पारंपरिक शिल्प के प्रति रुचि विकसित करना तथा विलुप्तप्राय कला विधाओं के संरक्षण को बढ़ावा देना है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को नृत्य, नाटक, वाद्ययंत्र, चित्रकला, क्ले आर्ट, म्यूरल आर्ट, हस्तकढ़ाई, ड्राई फ्लावर आर्ट, कोरिया कला, रजवार मिट्टी चित्र, मेहंदी, मृदा शिल्प, गोदना कला और बांस शिल्प सहित 14 पारंपरिक कला विधाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रदेश के ख्यातिप्राप्त कलाकार और अनुभवी कला गुरु प्रतिभागियों को कला के व्यावहारिक एवं तकनीकी पहलुओं से परिचित कराएंगे। उदयपुर में प्रशिक्षण शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में सुबह 8 से 11 बजे तक तथा लखनपुर में पीएमश्री स्कूल परिसर में शाम 5 से 8 बजे तक आयोजित होगा।
महज 100 रुपये के पंजीयन शुल्क वाले इस शिविर में दिव्यांग एवं अनाथ बच्चों को विशेष छूट दी जाएगी। प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे तथा उनकी कलाकृतियों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। ‘आकार-2026’ युवाओं को कला, संस्कृति और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।





















