


Raipur chhattisgarh VISHESH / राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सहयोग से “पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन” विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम देशव्यापी अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, आपदा के प्रति जागरूकता तथा स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के साइंटिस्ट्स, इंजीनियर्स एंड आर्किटेक्ट्स (एसईए) विंग के जोनल कोऑर्डिनेटर ब्रह्मा कुमार पियूष थे। इस अवसर पर एनआईटी रायपुर के प्रभारी निदेशक डॉ. समीर बाजपेयी, ब्रह्माकुमारी नीता, ब्रह्माकुमारी सौम्या, संस्थान के प्राध्यापक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे और उन्होंने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. समीर बाजपेयी ने मुख्य वक्ता ब्रह्मा कुमार पियूष का स्वागत करते हुए कहा कि उनका संस्थान में आगमन हमारे लिए सम्मान और सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भारी वर्षा, भूस्खलन तथा अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण जन-धन की हानि हो रही है और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे समय में पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा अत्यंत आवश्यक है।
अपने संबोधन में ब्रह्मा कुमार पियूष ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि ब्रह्माकुमारी संस्था वर्तमान में 140 देशों में अपनी सेवाएं दे रही है। उन्होंने कहा कि संस्था सभी धर्मों के लोगों को नैतिक मूल्यों, आध्यात्मिकता तथा सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देती है। उन्होंने यह भी बताया कि यह जागरूकता अभियान देश के विभिन्न राज्यों में चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि पर्यावरण सुरक्षित नहीं रहेगा तो मानव जीवन भी सुरक्षित नहीं रह पाएगा। जल, वायु और ध्वनि प्रदूषण के साथ-साथ उन्होंने मानसिक प्रदूषण को भी वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि मनुष्य प्रतिदिन हजारों विचार करता है, जिनमें से अधिकांश उसके अतीत के अनुभवों से जुड़े होते हैं। अतीत से सीख लेना आवश्यक है, लेकिन उसमें ही जीते रहना उचित नहीं है। सकारात्मक सोच अपनाने का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि यदि आज अच्छा होगा, तो आने वाला कल भी बेहतर होगा। अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि ब्रह्माकुमारी संस्था से जुड़ने के बाद उन्हें सकारात्मक सोच विकसित करने और तनावमुक्त जीवन जीने की प्रेरणा मिली।
कार्यक्रम का समापन सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ हुआ। इस अवसर पर सभी को पर्यावरण संरक्षण तथा आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक और जिम्मेदार रहने का संदेश दिया गया।





















