
प्रविष्टि तिथि: 15 MAY 2026 6:25PM
भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के अग्रणी इस्पात उपक्रम स्टील अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया लिमिटेड (सेल) के भिलाई इस्पात संयंत्र अंतर्गत संचालित सिंटर प्लांट-3 ने 100 मिलियन टन ग्रॉस सिंटर उत्पादन का ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण कीर्तिमान स्थापित कर संयंत्र की औद्योगिक उपलब्धियों में नया अध्याय जोड़ दिया है। यह उपलब्धि न केवल संयंत्र की उच्च परिचालन क्षमता का प्रमाण है, बल्कि वर्षों से कर्मचारियों की प्रतिबद्धता, तकनीकी दक्षता और सामूहिक कार्यसंस्कृति को भी रेखांकित करती है।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में गुरुवार को सिंटर प्लांट-3 के कॉन्फ्रेंस हॉल में गरिमामय समारोह आयोजित किया गया। समारोह में 100 मिलियन टन उत्पादन उपलब्धि को प्रतीकात्मक रूप से प्रदर्शित करते हुए केक काटकर सफलता का उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री राकेश कुमार थे। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (सर्विसेज) श्री तुषार कांत, मुख्य महाप्रबंधक (ब्लास्ट फर्नेस) श्री मनोज कुमार, मुख्य महाप्रबंधक (सिंटर प्लांट-3 एवं ओअर हैंडलिंग प्लांट) श्री सजीव वर्गीज, मुख्य महाप्रबंधक (क्वालिटी) श्री राहुल श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

सिंटर प्लांट-3 ने यह उपलब्धि मुख्य महाप्रबंधक (सिंटर प्लांट-3 एवं ओअर हैंडलिंग प्लांट) श्री सजीव वर्गीज तथा महाप्रबंधक प्रभारी (सिंटर प्लांट-3) श्री राहुल बिजुरकर के नेतृत्व और सतत मार्गदर्शन में हासिल की। संयंत्र ने वर्ष 2001 में सिंटर मशीन-1 के कमीशनिंग के साथ अपनी उत्पादन यात्रा प्रारंभ की थी, जबकि 8 नवंबर 2014 को सिंटर मशीन-2 के प्रारंभ होने से इसकी उत्पादन क्षमता को और मजबूती मिली। स्थापना काल से ही संयंत्र द्वारा उत्पादकता वृद्धि, प्रक्रिया स्थिरता, उपकरणों की विश्वसनीयता और परिचालन दक्षता में निरंतर सुधार पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप ब्लास्ट फर्नेस के लिए गुणवत्तापूर्ण सिंटर की बढ़ती मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया जा सका।

प्रारंभिक उत्पादन स्तर से 100 मिलियन टन ग्रॉस सिंटर उत्पादन तक की यात्रा सतत नवाचार, आधुनिकीकरण तथा ऑपरेशन, मेंटेनेंस एवं सहयोगी विभागों के समन्वित प्रयासों से संभव हो सकी। उल्लेखनीय है कि सिंटर प्लांट-3 ने अंतिम 5 मिलियन टन उत्पादन मात्र 302 दिनों में अर्जित कर परिचालन उत्कृष्टता और उत्पादकता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है।

समारोह को संबोधित करते हुए कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री राकेश कुमार ने सिंटर प्लांट-3 समूह को बधाई देते हुए कहा कि भविष्य में और अधिक ऊंचाइयों को प्राप्त करने के लिए सुरक्षा, हाउसकीपिंग और गुणवत्ता जैसे तीन प्रमुख स्तंभों पर निरंतर फोकस बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से सुरक्षित कार्यप्रणाली, स्वच्छ कार्यस्थल और उच्च गुणवत्ता मानकों के प्रति सतत प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया।
मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (सर्विसेज) श्री तुषार कांत ने इस उपलब्धि में योगदान देने वाले सेवानिवृत्त कर्मियों को स्मरण करने की पहल को प्रेरणादायी बताया। वहीं, मुख्य महाप्रबंधक (सिंटर प्लांट-3 एवं ओअर हैंडलिंग प्लांट) श्री सजीव वर्गीज ने टीम की प्रतिबद्धता और सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में डिजिटलीकरण, डीकार्बोनाइजेशन और नई तकनीकी पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इन पहलों से आने वाले वर्षों में परिचालन दक्षता, स्थायित्व और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा।
उत्साह और गौरव से परिपूर्ण यह समारोह भिलाई इस्पात संयंत्र की प्रगति में सिंटर प्लांट-3 के महत्वपूर्ण योगदान का प्रतीक बना। 100 मिलियन टन ग्रॉस सिंटर उत्पादन की यह उपलब्धि संयंत्र परिवार के दृढ़ संकल्प, नवाचार, सामूहिक कार्यसंस्कृति और सतत सुधार की भावना का सशक्त उदाहरण मानी जा रही है।
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