
Raipur chhattisgarh VISHESH दहेज के मामलों में अब तुरंत नहीं होगी गिरफ्तारी
सुप्रीम कोर्ट ने दहेज के मामलों में जारी किए आदेश, प्रकरण में इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा 2022 के जारी दिशा-निर्देश को लागू करने का दिया निर्देश, जिसके अनुसार दहेज से जुड़े मामले में FIR दर्ज करने के 2 महीने तक नहीं होगी गिरफ्तारी, पहले मामला भेजा जाएगा पारिवारिक कल्याण समिति, जिसके बाद ही आगे बढ़ेगी कार्रवाई
संदर्भ और नियम का नाम:
✅ धारा: IPC की धारा 498A (दहेज प्रताड़ना) से जुड़े मामलों में।
✅ मूल आदेश: राजेश शर्मा बनाम उत्तर प्रदेश राज्य (Supreme Court, 27 जुलाई 2017)।
✅ नया संदर्भ: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2022 में इसे दोबारा लागू किया और सुप्रीम कोर्ट ने अब इसे वैध रूप से लागू रखने का निर्देश दिया है।

⚖️ क्या कहा गया है?
🔹 दहेज प्रताड़ना में फर्जी केस और तुरंत गिरफ्तारी की समस्या को देखते हुए:
✅ FIR दर्ज होते ही तुरंत गिरफ्तारी नहीं होगी।
✅ केस को Family Welfare Committee (FWC) के पास भेजा जाएगा।
✅ समिति 1-2 महीने में रिपोर्ट देगी।
✅ रिपोर्ट में सही पाया गया तभी आगे गिरफ्तारी और कार्रवाई होगी।
✅ यदि झूठा मामला पाया गया, तो केस रद्द करने की प्रक्रिया आसान होगी।
📜 इलाहाबाद हाईकोर्ट का 2022 का निर्देश:
✅ धारा 498A में दर्ज मामलों में FIR के बाद 2 महीने तक गिरफ्तारी नहीं होगी।
✅ पारिवारिक कल्याण समिति में जांच होगी।
✅ समिति की रिपोर्ट के बाद ही पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
🚩 इस नियम का उद्देश्य:
✅ दहेज के नाम पर झूठे मामलों से निर्दोष व्यक्तियों को बचाना।
✅ ससुराल पक्ष और पति को बिना कारण जेल में डालने की प्रवृत्ति पर रोक।
✅ पहले परिवार को सुलह का अवसर देना।
✅ दहेज मामलों की वास्तविकता का परीक्षण कर उचित न्याय देना।
❤️ संक्षेप में:
🔹 यह सुप्रीम कोर्ट द्वारा धारा 498A में गिरफ्तारी को नियंत्रित करने और पारिवारिक कल्याण समिति की जांच के बाद ही कार्रवाई करने का नियम है।
🔹 अब दहेज के केस में तुरंत गिरफ्तारी नहीं होगी, पहले समिति की जांच और रिपोर्ट आने के बाद ही पुलिस कार्यवाही कर सकेगी।





















