

1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 तक संचालित विशेष अभियान के तहत राज्य शासन के विभागों में 105 ईपीएफ पंजीकरण संपन्न
Raipur chhattisgarh VISHESH / कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO), क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर और छत्तीसगढ़ शासन के समन्वित प्रयासों से राज्य में ‘कर्मचारी नामांकन योजना (EEC) 2026’ के अंतर्गत अब तक 6,155 पात्र कर्मचारियों को कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) के दायरे में लाया जा चुका है।
क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-II श्री गौरव डोगरा ने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार द्वारा 1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 तक संचालित यह योजना एक विशेष अनुपालन अभियान है। इसके तहत नियोक्ताओं को 1 अप्रैल 2009 से 31 मार्च 2026 के मध्य छूटे हुए पात्र कर्मचारियों का स्वैच्छिक नामांकन करने की सुविधा दी गई है। योजना के प्रावधानों को रेखांकित करते हुए श्री डोगरा ने कहा:
“कर्मचारी नामांकन योजना-2026 नियोक्ताओं के लिए अतीत की विसंगतियों को दूर करने और कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा कवच प्रदान करने का ऐतिहासिक अवसर है। इसके तहत यदि पूर्व अवधि में कर्मचारी के वेतन से अंशदान नहीं काटा गया था, तो कर्मचारी अंशदान की राशि माफ की जा सकती है। साथ ही, भारी जुर्माने के स्थान पर मात्र ₹100 का सांकेतिक हर्जाना लिया जा रहा है, जबकि केवल नियोक्ता अंशदान एवं निर्धारित ब्याज ही देय होगा। छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव द्वारा जारी निर्देशों के अनुक्रम में ईपीएफओ की समर्पित टीम राज्य के विभागों को पंजीकरण, इलेक्ट्रॉनिक चालान सह रिटर्न (ECR) और तकनीकी प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग दे रही है।”

श्री डोगरा ने बताया कि राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत आकस्मिक एवं संविदा कर्मचारियों को लाभान्वित करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया है।
इस विशेष अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ शासन के विभिन्न विभागों में कुल 105 ईपीएफ पंजीकरण कर 6,155 कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया गया है।
विभागवार विवरण के अनुसार:
समग्र शिक्षा के अंतर्गत 34 ईपीएफ कोड के माध्यम से सर्वाधिक 3,557 कर्मचारियों को जोड़ा गया।
लोक निर्माण विभाग (PWD) में 55 ईपीएफ कोड आवंटित कर 2,180 कर्मचारियों का अनुपालन सुनिश्चित किया गया।
जंगल सफारी, रायपुर के 275 कर्मचारियों तथा महिला एवं बाल विकास विभाग में 16 ईपीएफ कोड के तहत 126 कर्मचारियों को ईपीएफ का लाभ दिया गया।
सिकल सेल संस्थान के 17 कर्मचारियों को भी इस योजना से आच्छादित किया गया है।
इसके अतिरिक्त, लोक निर्माण विभाग के लगभग 4,000 और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के लगभग 2,600 शेष कर्मचारियों को ईपीएफ के दायरे में लाने की प्रक्रिया तेज गति से जारी है।
क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त श्री गौरव डोगरा ने छत्तीसगढ़ के सभी सरकारी विभागों, स्वायत्त निकायों एवं निजी प्रतिष्ठानों से 31 अक्टूबर 2026 की अंतिम तिथि से पूर्व ईईसी-2026 का लाभ उठाने की अपील की है, ताकि कोई भी पात्र श्रमिक सामाजिक सुरक्षा के लाभ से वंचित न रहे।





















