


Raipur chhattisgarh VISHESH राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने 31 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक “अंडरवाटर रोबोट पोजिशनिंग, नेविगेशन एंड टाइमिंग (PNT): सिद्धांत, चुनौतियां और भविष्य की दिशाएं” विषय पर पांच दिवसीय हाइब्रिड कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य उभरती हुई क्वांटम प्रौद्योगिकियों तथा पानी के भीतर संचालित रोबोटिक प्रणालियों के लिए पोजिशनिंग, नेविगेशन और टाइमिंग में उनके संभावित अनुप्रयोगों पर चर्चा करना था।
यह कार्यशाला डीएसटी प्रायोजित शोध परियोजना “अंडरवाटर रोबोट नेविगेशन के लिए क्वांटम-आधारित PNT सिस्टम का डिजाइन और विकास” के अंतर्गत आयोजित की गई। इस परियोजना को राष्ट्रीय अंतर्विषयक साइबर-फिजिकल सिस्टम मिशन (NM-ICPS) के तहत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST), भारत सरकार द्वारा समर्थित IIT तिरुपति नवाविष्कार आई-हब फाउंडेशन (IITTNiF) द्वारा प्रायोजित किया गया है।

उद्घाटन समारोह में एनआईटी रायपुर के निदेशक प्रो. एन.वी. रमना राव मुख्य संरक्षक के रूप में उपस्थित रहे, जबकि उस्मानिया विश्वविद्यालय के रिसर्च एंड ट्रेनिंग यूनिट फॉर नेविगेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स (NERTU) के प्रोफेसर एवं निदेशक डॉ. लक्ष्मीनारायण परयितम मुख्य अतिथि रहे। समारोह में एनआईटी रायपुर के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के विभागाध्यक्ष (प्रभारी) डॉ. संजय कुमार भी उपस्थित थे। डॉ. राजेश डोरिया ने कार्यशाला का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया। उन्होंने इसके उद्देश्यों, प्रमुख विषयों, प्रतिभागियों की सहभागिता तथा अपेक्षित परिणामों पर प्रकाश डाला। गणमान्य अतिथियों ने उन्नत नेविगेशन प्रौद्योगिकियों के महत्व तथा क्वांटम-सक्षम PNT और अंडरवाटर प्रणालियों से जुड़े उभरते क्षेत्रों में निरंतर अनुसंधान की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यशाला का समन्वयन एनआईटी रायपुर के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के डॉ. राजेश डोरिया, डॉ. कपिल कुमार सोनी और डॉ. चंद्रशेखर जतोथ द्वारा किया जा रहा है।
पांच दिवसीय कार्यक्रम में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, शोध संगठनों और उद्योग जगत से जुड़े विशेषज्ञों के तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएँगे। इनमें उस्मानिया विश्वविद्यालय, आईआईटी पालक्काड, रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट, IIIT श्री सिटी, आईआईटी इंदौर, अनंत टेक्नोलॉजीज, आंध्र विश्वविद्यालय, एनआईटी रायपुर और BosonQ Psi जैसे संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल थे। आमंत्रित विशेषज्ञों में डॉ. लक्ष्मीनारायण परयितम, डॉ. संथाकुमार मोहन, डॉ. कपिल कुमार सोनी, डॉ. संजुक्ता रॉय, डॉ. जयकुमार लाचुरे, डॉ. शशांक गुप्ता, डॉ. सरस्वती, डॉ. गोट्टापु शशिभूषण राव, डॉ. राजेश डोरिया, डॉ. हरि बी. हबलानी, डॉ. चंद्रशेखर जतोथ, श्री जय शाह और डॉ. धीमान साहा शामिल रहे।
तकनीकी कार्यक्रम के दौरान क्वांटम सेंसिंग, इनर्शियल नेविगेशन, सटीक मापन, अंडरवाटर पोजिशनिंग एवं नेविगेशन, स्वायत्त प्रणालियों, क्वांटम कम्युनिकेशन एवं सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा क्वांटम मशीन लर्निंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। इन सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को पानी के भीतर संचालित रोबोटिक प्लेटफॉर्म के लिए उन्नत PNT समाधान विकसित करने से संबंधित सिद्धांतों, प्रौद्योगिकियों और उभरती अनुसंधान दिशाओं की जानकारी मिलेगी | कार्यशाला के लिए भारत के 21 राज्यों के 167 अलग-अलग संस्थानों का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रतिभागियों से कुल 285 पंजीकरण प्राप्त हुए हैं।
कार्यशाला ने विभिन्न शैक्षणिक और तकनीकी पृष्ठभूमि से आए प्रतिभागियों के बीच संवाद और विचार-विमर्श का अवसर भी प्रदान किया। प्रतिभागियों ने क्वांटम-सक्षम नेविगेशन और अंडरवाटर रोबोटिक्स के क्षेत्र में वर्तमान चुनौतियों तथा भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की।
कार्यशाला के समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। डॉ. कपिल कुमार सोनी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और गणमान्य अतिथियों, विशेषज्ञ वक्ताओं, आयोजकों तथा प्रतिभागियों के बहुमूल्य योगदान एवं सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।





















