



मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित प्रदेश स्तरीय बुनकर सम्मेलन एवं स्वदेशी प्रदर्शनी में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने रेशम, हथकरघा, हस्तशिल्प, खादी एवं माटीकला बोर्ड के विभिन्न हितग्राहियों तथा मेधावी छात्र-छात्राओं को 10 करोड 90 लाख रुपए से अधिक की अनुदान एवं पुरस्कार राशि का वितरण किया। इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री जी ने छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा संघ के नए प्रीमियम हैंडलूम ब्रांड ‘कोशल फैब‘ का शुभारंभ कर इसके लोगो एवं कैटलॉग का विमोचन किया। साथ ही हथकरघा इन्वेंट्री मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर को भी लॉन्च किया मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय हथकरघा दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 7 अगस्त 1905 को प्रारंभ हुए स्वदेशी आंदोलन की स्मृति में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने वर्ष 2015 में इस दिन को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस घोषित किर्या मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों विशेष रूप से बुनकरों को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की शुकामनाएं दी। श्री साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ का कोसा, बस्तर की बुनाई और प्रदेश के पारंपरिक हस्तकरघा उत्पाद देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के हथकरघा उत्पादों को ‘लोकल टू ग्लोबल‘ की नई पहचान दिलाना है। इसके लिए आधुनिक डिजाइन, प्रशिक्षण, ब्रांडिंग, मार्केटिंग और नए बाजार उपलब्ध कराने पर विषेष कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने आगे कहा कि उनकी सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के मलए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को राज्य सरकार ने पूरा किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत् लाखों गरीब परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। किसानों को धान खरीदी की अंतर राशि का भुगतान, भूमिहीन कृर्षि मजदूरों को 10 हजार रुपये वार्षिक आर्थिक सहायता, महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण तथा तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए चरण पादुका योजना का पुनः संचालन सरकार की जनकल्याणकारी सोच को दर्शाता है। मुख्यमंत्रीजी ने कहा कि राज्य सरकार के रामलला दशिन योजना के माध्यम से प्रदेश के 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम के दर्शन किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त शासन के लिए प्रतिबद्ध है। ई-ऑफिस व्यवस्था, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से लोगों को समयबद्ध, पारदर्शी और घर बैठे शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और आत्मनिर्भर एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है।
बुनकरों के लिए साय सरकार की बडी पहल

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार बुनकरों और शिल्पकारों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में 469 आवासविहीन बुनकर परिवारों को बुनकर शेड सह आवास निमार्ण की स्वीकृतत दी गई है। इसी अवधि में 47 प्रदर्शिनियों के माध्यम से लगभग 10 करोड रुपए के हथकरघा उत्पादों की बिक्री हुई और बुनकरों को बेहतर बाजार उपलब्ध हुआ। उन्होंने बताया कि हथकरघा क्षेत्र में महिलाओं की बडी भूमिका है। इसी को ध्यान में रखते हुए पिछले ढाई वर्षों में 2001 महिला स्व-सहायता समूहों को सिलाई पारिश्रमिक के रूप में 68 करोड रुपए से कि भुगतान किया गया है। वहीं खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा पांच विक्रय भंडारों एवं केंद्रीय वस्त्रागार के माध्यम से 93 करोड रुपए के वस्त्र विभिन्न शासकीय विभागों को उपलब्ध कराए गए। इसके अलावा बुनकरों द्वारा निर्मित 436 करोड रुपए के वस्त्रों की शासकीय खरीदी कर उन्हें आर्थिक संबल प्रदान ककया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हथकरघा उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। देश के पांच प्रमुख एयरपोर्ट पर छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्प एवं हैंडलूम उत्पादों के शोरूम स्थापित किए जा रहे हैं। वहीं रायपुर में बन रहे यूनिटी मॉल के माध्यम से भी स्थानीय उत्पादों को आधुनिक बाजार मिलेगा। उन्होंने बताया कि नवा रायपुर में प्रदेश की पहली गारमेंट इकाई स्थापित की जा रही है, जिससे 4500 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। साथ ही नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (निफ्ट) की स्थापना से प्रदेश के युवाओं को डिजाइन और टेक्सटाइल क्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होंगे तथा छत्तीसगढ़ का हैंडलूम उद्योग नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।
मुख्यमंत्री ने कोशल फैब प्रीमियम बंड की लॉन्चिंग की
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा संघ के नए प्रीममयम हैंडलूम बंड ‘कोशल फैब‘ का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री ने इसके लोगो एवं कैटलॉग का भी विमोचन किया। ‘लूम टू लग्जरी‘ की अवधारणा पर आधारित यह बं्रड छत्तीसगढ़ के कोसा एवं पारंपरिक हथकरघा उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
’सेल्फी विद स्वदेशी‘ अभियान से जुड़ने की अपील
मुख्यमंत्री ने लोगों से स्वदेशी उत्पाद खरीदने और ‘सेल्फी विद स्वदेशी‘ अभियान से जुडने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि स्वदेशी उत्पाद खरीदकर सोशल मीडिया पर सेल्फी साझा करने वाले प्रत्येक जिले के चयनित प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।





















