

प्रविष्टि तिथि: 30 JUL 2026 6:15PM
Raipur chhattisgarh VISHESH / भिलाई इस्पात संयंत्र ने परिचालन उत्कृष्टता और तकनीकी दक्षता के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए टॉरपीडो लैडल कार (टीएलसी)-207 के माध्यम से 2,534 हीट्स की रिकॉर्ड लाइफ हासिल की है। यह भिलाई इस्पात संयंत्र में किसी भी टॉरपीडो लैडल द्वारा अब तक प्राप्त की गई सर्वाधिक सेवा अवधि (हीट्स) है। यह उपलब्धि विभिन्न विभागों के प्रभावी समन्वय, अनुशासित परिचालन, उत्कृष्ट रिफ्रैक्ट्री अनुरक्षण तथा सतत तकनीकी सुधार का परिणाम मानी जा रही है।


इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में 29 जुलाई को डब्ल्यूबी-16 के कॉन्फ्रेंस हॉल में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में कार्यपालक निदेशक (संकार्य) राकेश कुमार, मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (सर्विसेज) तुषार कांत, मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (मेंटेनेंस एंड यूटिलिटीज) बिजय कुमार बेहेरा, मुख्य महाप्रबंधक (ब्लास्ट फर्नेस) मनोज कुमार, महाप्रबंधक (स्टील मेल्टिंग शॉप-2) सुशांत कुमार घोषाल, मुख्य महाप्रबंधक (स्टील मेल्टिंग शॉप-3) त्रिभुवन बैठा, मुख्य महाप्रबंधक (रिफ्रैक्ट्री) प्रोसेनजीत दास सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यपालक निदेशक (संकार्य) राकेश कुमार ने इस उपलब्धि के लिए सभी संबंधित विभागों और टीमों को बधाई देते हुए कहा कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय, तकनीकी दक्षता और टीम भावना ही ऐसी उल्लेखनीय सफलताओं की आधारशिला हैं। उन्होंने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लागत में कमी, परिचालन उत्कृष्टता तथा भविष्य में इससे भी बेहतर मानक स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास जारी रखने का आह्वान किया।

टॉरपीडो लैडल कार-207 की इस ऐतिहासिक उपलब्धि में रिफ्रैक्ट्री इंजीनियरिंग विभाग, ब्लास्ट फर्नेस, ट्रैफिक एंड डिस्पैच विभाग तथा स्टील मेल्टिंग शॉप-3 के बीच उत्कृष्ट समन्वय और टीमवर्क की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टॉरपीडो लैडल कार के परिचालन का नेतृत्व मुख्य महाप्रबंधक (ब्लास्ट फर्नेस) मनोज कुमार के मार्गदर्शन में किया गया, जबकि सहायक महाप्रबंधक (ब्लास्ट फर्नेस) पी. आर. अजयन और वरिष्ठ प्रबंधक (ब्लास्ट फर्नेस) दिनेश राव ने परिचालन की दक्षता बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
रिफ्रैक्ट्री अनुरक्षण एवं तकनीकी सुधार संबंधी कार्य मुख्य महाप्रबंधक (रिफ्रैक्ट्री) प्रोसेनजीत दास के मार्गदर्शन में संपन्न हुए। टॉरपीडो लैडल रिफ्रैक्ट्री अनुरक्षण प्रणाली (टीएलआरएस) का नेतृत्व सहायक महाप्रबंधक (रिफ्रैक्ट्री इंजीनियरिंग विभाग) एवं सेक्शन प्रभारी मोहम्मद साबिर ने किया। सहायक महाप्रबंधक (रिफ्रैक्ट्री इंजीनियरिंग विभाग) जे. आर. मारकंडे तथा उप प्रबंधक (रिफ्रैक्ट्री इंजीनियरिंग विभाग) हर्ष वर्धन सिंह ने संबंधित एजेंसी के साथ समन्वय स्थापित करते हुए तकनीकी नवाचारों के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भिलाई इस्पात संयंत्र की यह उपलब्धि न केवल उसकी तकनीकी क्षमता और परिचालन दक्षता का प्रमाण है, बल्कि संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, रिफ्रैक्ट्री जीवनकाल में वृद्धि तथा लागत दक्षता की दिशा में संयंत्र की सतत प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है।





















