

रायपुर, 28 जुलाई 2026
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान में ब्रह्माकुमारीज़ के वैज्ञानिक एवं अभियंता प्रभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय अभियान ”इको केयर एंड डिजास्टर मैनेजमेंट” के अंतर्गत ‘तनाव प्रबंधन एवं प्रकृति संरक्षण’ विषय पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज़ के वरिष्ठ राजयोगी एवं वैज्ञानिक एवं अभियंता प्रभाग के दिल्ली जोनल कोऑर्डिनेटर डॉ. पीयूष गोयल मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। अपने प्रेरणादायक एवं व्यावहारिक व्याख्यान में उन्होंने कहा कि वास्तविक शक्ति का आधार आंतरिक संतुलन और मानसिक सुदृढ़ता है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति मानसिक रूप से सशक्त होता है, वही जीवन की चुनौतियों और बाहरी आपदाओं का सफलतापूर्वक सामना कर सकता है।
तनाव प्रबंधन पर अपने विचार रखते हुए डॉ. गोयल ने प्रतिभागियों से अपनी क्षमताओं को पहचानने, स्वयं की सराहना करने तथा सदैव सकारात्मक सोच अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मन में शुद्ध एवं श्रेष्ठ विचारों का विकास मानसिक ऊर्जा को बढ़ाता है, जिससे तनाव स्वतः कम होने लगता है और व्यक्ति संतुलित एवं सुखद जीवन जी सकता है।
पर्यावरण संरक्षण पर बल देते हुए उन्होंने प्रकृति को हमारी माँ के समान बताते हुए कहा कि इसकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने सभी से-पर्यावरण की सुरक्षा के लिए सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का पूर्णतः बहिष्कार तथा जल संरक्षण के संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जल प्रकृति का अमूल्य उपहार है, जिसे कृत्रिम रूप से बनाया नहीं जा सकता, इसलिए इसकी प्रत्येक बूंद का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित अधिकारियों, वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों ने पर्यावरण संरक्षण एवं जल बचाने की सामूहिक शपथ लेकर सतत एवं उत्तरदायी जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. पी.के. राय, संयुक्त निदेशक डॉ. अनिल दीक्षित, डॉ. पंकज शर्मा एवं डॉ. डेज़ी बंसदराय, संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक, शोधकर्ता तथा समस्त कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर निदेशक डॉ. पी.के. राय ने डॉ. पीयूष गोयल का ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक व्याख्यान के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम मानसिक स्वास्थ्य, सकारात्मक जीवन मूल्यों तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. एस.के. शर्मा ने किया तथा अंत में उन्होंने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।





















