
Raipur. रायपुर।राजधानी रायपुर नगर निगम ने राजस्व वसूली को लेकर बड़ा और सख्त लक्ष्य तय किया गया जिसमें निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने अगले 77 दिनों तक 01 करोड़ 62 लाख रुपये की राजस्व वसूली का लक्ष्य अधिकारियों को दे दिया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी जोन कमिश्नरों, सहायक राजस्व अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है।
आयुक्त ने विभागीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार हर दिन राजस्व वसूली सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह कार्य निगम की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी जोनों को अपने-अपने क्षेत्र में तय लक्ष्य के अनुरूप वसूली करने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में शहर में बढ़ रहे अवैध प्लॉटिंग के मामलों की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने निर्देश दिए कि ऐसे सभी मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर किसी भी स्थिति में ढील नहीं दी जाएगी और कार्रवाई में तेजी लाई जाए।
वहीं दूसरी ओर सीएम हेल्पलाइन 1076 में नगर निगम से संबंधित लंबित शिकायतों के निपटारे को लेकर भी निर्देश जारी किए गए। आयुक्त ने कहा कि नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी समाधान होना चाहिए, ताकि जनता को राहत मिल सके। लंबित शिकायतों को जल्द से जल्द निपटाने के लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सफाई व्यवस्था को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। आयुक्त ने सभी जोन कमिश्नरों को निर्देश दिए कि सफाई कर्मचारियों का वेतन समय पर जारी किया जाए, ताकि सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। बैठक में ऑडिट आपत्तियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आवश्यक दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध कराकर लंबित ऑडिट आपत्तियों का शीघ्र निराकरण किया जाए।
आयुक्त ने कहा कि नगर निगम की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और शहर की सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए राजस्व वसूली बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से यह सख्त लक्ष्य तय किया गया है। बैठक में अपर आयुक्त, अधीक्षण अभियंता, नगर निवेशक, जोन कमिश्नर, उपायुक्त, कार्यपालन अभियंता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि तय समय में लक्ष्य पूरा करना अनिवार्य है और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।





















