
सड़क सुरक्षा, अवैध कब्जों की समाप्ति और स्वैच्छिक रिक्तीकरण पर विशेष जोर, अप्रैल से जून तक 21 रिटेंशन आवास भी खाली कराए गए
प्रविष्टि तिथि: 02 JUL 2026 6:15PM by PIB Raipur
भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवाएँ विभाग के प्रवर्तन अनुभाग ने जून 2026 के दौरान अतिक्रमण हटाने, अनधिकृत कब्जों को समाप्त कराने तथा सड़क एवं यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से व्यापक अभियान चलाते हुए उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। अभियान के दौरान कुल 34 आवास रिक्त कराए गए, जिनमें से 8 आवासों के मामलों में संपदा न्यायालय द्वारा पहले ही डिक्री पारित की जा चुकी थी।

प्रवर्तन अनुभाग ने सतत कार्रवाई के तहत 8 भूखंडों को भी अवैध कब्जे से मुक्त कराया। इन भूखंडों का कुल क्षेत्रफल लगभग 7,000 वर्गफुट है और इनमें अधिकांश व्यवसायिक क्षेत्रों में स्थित हैं। इसके अतिरिक्त एक दुकान को भी अनधिकृत कब्जे से मुक्त कराया गया। अभियान के दौरान 10 दुकानों, आवासों एवं अन्य भवनों की विद्युत आपूर्ति विभिन्न कारणों से विच्छेदित कराने की कार्रवाई भी की गई। साथ ही, 80 आवासों की रिक्तीकरण प्रक्रिया के दौरान सिविल अभियांत्रिकी विभाग को आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया।
PVIN.jpeg)
जून माह में सड़क एवं यातायात सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दो विशेष अभियान भी संचालित किए गए। पहले अभियान के अंतर्गत प्रमुख मार्गों से 400 से अधिक अनधिकृत बैनर एवं पोस्टर हटाए गए तथा 5 अवैध होर्डिंग संरचनाओं को हटाया गया। दूसरे अभियान में एक बाजार क्षेत्र के चौक एवं मुख्य मार्ग से अनधिकृत रूप से रखी गई अतिरिक्त सामग्री तथा शेड के अवैध विस्तार को हटाकर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाया गया।
प्रवर्तन अनुभाग की कार्रवाई की विशेषता यह रही कि अनधिकृत कब्जों को हटाने के लिए विधिक कार्रवाई के साथ-साथ संवाद, सतत काउंसिलिंग और समझाइश की प्रक्रिया को भी समान रूप से प्राथमिकता दी गई। इसी सकारात्मक प्रयास का परिणाम है कि चालू वित्तीय वर्ष में अप्रैल से जून 2026 के दौरान भिलाई इस्पात संयंत्र के 21 अधिकारियों के रिटेंशन आवास भी स्वैच्छिक रूप से रिक्त कराए जा चुके हैं।
यह अभियान महाप्रबंधक प्रभारी (नगर सेवाएँ) श्री ए. बी. श्रीनिवास के मार्गदर्शन तथा सहायक महाप्रबंधक (प्रवर्तन) श्री रेमी थॉमस के नेतृत्व में संचालित किया गया। अभियान के सफल क्रियान्वयन में उप प्रबंधक (प्रवर्तन) श्री मुकुन्द दास मानिकपुरी, सहायक प्रबंधक (प्रवर्तन) श्री देवानंद चौहान तथा संपदा निरीक्षकों एवं सुरक्षा कर्मियों की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।





















