
Report manpreet singh
Raipur chhattisgarh VISHESH हमारा पड़ोसी देश श्रीलंका अपनी आजादी यानी 1948 के बाद से सबसे बुरे आर्थिक और राजनीतिक संकट का सामना कर रहा है. गोटबाया राजपक्षे अपने परिवार के साथ देशवासियों को मंझधार में छोड़कर भाग गए हैं. सिंगापुर पहुंचते ही उन्होंने अपना इस्तीफा भी भेज दिया. इसके बाद राष्ट्रपति चुनाव को लेकर बहस शुरू हो गई है. श्रीलंका की शीर्ष पद की रेस में छठी बार प्रधानमंत्री बने नेता, विपक्ष के मुख्य नेता और सत्ताधारी पार्टी के नेता जो पत्रकारिता से राजनीति में आए नेता का नाम सबसे आगे है.श्रीलंका के संसदीय अध्यक्ष राजपक्षे का आधिकारिक इस्तीफा मिलने के बाद विधायी निकाय बुलाएंगे. इसके 225 सदस्य अगले सप्ताह नए राष्ट्रपति का चुनाव करने के लिए मतदान करेंगे.

जीतने वाले उम्मीदवार को संसद के भीतर एक साधारण बहुमत हासिल करना होगा. साथ ही उन सैकड़ों हजारों श्रीलंकाई लोगों का विश्वास भी हासिल करना होगा, जिन्होंने विरोध आंदोलन में भाग लिया है.रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दो राजनीतिक सूत्रों ने कहा कि रानिल विक्रमसिंघे शीर्ष पद के लिए उम्मीदवारों में सबसे पहले नंबर पर हैं. उन्होंने मई में छठी बार प्रधानमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण किया था. लेकिन बीते दिनों जनता के आक्रोश को देखते हुए इस्तीफा दे चुके हैं. अभी वह कार्यवाहक राष्ट्रपति हैं.हालांकि, विक्रमसिंघे की पार्टी के पास संसद में केवल एक सीट है, लेकिन श्रीलंका के सत्तारूढ़ श्रीलंका पोदुजाना पेरामुना (एसएलपीपी) के कुछ वर्ग, जिनमें राष्ट्रपति के भाई बासिल राजपक्षे भी शामिल हैं; उनका समर्थन कर रहे हैं.





















