
Report manpreet singh
Raipur chhattisgarh VISHESH एक साल के कनव को स्पाइनल मस्कुलर अट्रॉफी (एसएमए) टाइप वन नाम की गंभीर बीमारी है. कनव का इलाज जीन थेरेपी से मुमकिन है जिसका इंजेक्शन 17.5 करोड़ रुपये का है. एसएमए एक जेनेटिक बीमारी है. इस बीमारी से बचाव के लिए जोलजेन्स्मा नाम का इंजेक्शन दिया जाता है, जो अमेरिका की एक कंपनी बनाती है और अमेरिका की फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के ज़रिये इसे स्वीकार्यता भी है.लेकिन भारत में अभी इस इंजेक्शन को डीजीसीआई (ड्रग कंट्रोल अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया) ने स्वीकार्यता नहीं दी है. यह दुनिया की सबसे महँगी दवाइयों में से एक है.






















