


Report manpreet singh
Raipur chhattisgarh VISHESH : गुरुवार को केंद्रीय वित्त मंत्री इसहाक़ डार की ओर से संसद में पेश किए जाने वाले पूरक वित्त विधेयक 2023 या मिनी बजट के तहत उनकी ओर से 170 अरब रुपए का अतिरिक्त कर इकट्ठा करने का लक्ष्य रखा गया है.

आईएमएफ़ की कड़ी शर्तों को पूरा करने और बजट घाटा कम करने के लिए मिनी बजट से विभिन्न क्षेत्रों में टैक्स की दर को बढ़ाने के प्रस्ताव दिए गए हैं.गैस, बिजली, पेट्रोल और दूसरी बुनियादी ज़रूरतों की क़ीमतों में इज़ाफ़े के फ़ैसले से सरकार को आईएमएफ़ क़र्ज़ प्रोग्राम की बहाली की उम्मीद है जिसकी एक अरब डॉलर से अधिक की क़िस्त अब तक रुकी हुई है.इधर, आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार देश में महंगाई की दर में और वृद्धि से आम आदमी बुरी तरह प्रभावित होगा. उनकी राय में इन उपायों से आईएमएफ़ प्रोग्राम की बहाली तो बड़ी हद तक मुमकिन है लेकिन आम लोगों की आमदनी सिकुड़ने से रोज़मर्रा की ज़िंदगी और मुश्किल हो सकती है.
पाकिस्तान के वित्त मंत्री इसहाक़ डार की ओर से पेश किए गए मिनी बजट में लागू किए गए टैक्स उपायों में सबसे उल्लेखनीय सेल्स टैक्स की दर को 17 से 18 फ़ीसद करना है.आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार सेल्स टैक्स की दर में होने वाली वृद्धि वास्तव में महंगाई की दर में वृद्धि का कारण बनेगी क्योंकि सेल्स टैक्स खपत यानी सामान के इस्तेमाल पर लगता है और इस हिसाब से सामान का दाम बढ़ेगा, जिसकी क़ीमत एक आम उपभोक्ता को अदा करनी होगी.
आर्थिक विशेषज्ञ डॉक्टर अशफ़ाक़ हसन ख़ान ने बताया कि सेल्स टैक्स की दर में वृद्धि रोज़मर्रा के इस्तेमाल के सामान का दाम बढ़ाने का कारण बनेगी.उन्होंने कहा कि सेल्स टैक्स आयात से लेकर सामान की बिक्री तक पर लगता है. इसका मतलब है कि जब कोई चीज़ आयात की जाएगी तो अतिरिक्त सेल्स टैक्स अदा करना होगा जिससे आयात की गई चीज़ें महंगी हो जाएंगीं.
देश के अंदर तैयार होने वाले सामान की बिक्री पर भी सेल्स टैक्स की दर बढ़ा दी गई है जिसका मतलब है कि जब वह चीज़ उपभोक्ता ख़रीदेगा तो उसे बढ़ी हुई क़ीमत अदा करनी पड़ेगी.गेहूं, दाल और गोश्त आदि को सरकार की ओर से अतिरिक्त सेल्स टैक्स से अलग रखने के फ़ैसले पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि सेल्स टैक्स ऐसी चीज़ों पर लगता है जो पैकेजिंग में आती हैं.
अतिरिक्त राजस्व के लिए सबसे अधिक सेल्स टैक्स (जीएसटी) की दर को 17 से 18 प्रतिशत करने का निर्णय किया गया है जो सभी क्षेत्रों पर लागू होगा. लग्ज़री सामान पर सेल्स टैक्स की दर को 17 से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है. सिगरेट और पेय पदार्थ पर सेंट्रल एक्साइज़ ड्यूटी की दर को बढ़ा दिया गया है जबकि सीमेंट पर भी इस की दर को डेढ़ रुपए किलो से बढ़ाकर दो रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया गया है.
फ़र्स्ट क्लास और बिज़नेस क्लास की एयरलाइन टिकटों पर एक्साइज़ ड्यूटी बीस प्रतिशत या 50 हज़ार रुपये, जो भी अधिक होगा, वह लगाई जाएगी. इनकम टैक्स की कैटेगरी में शादी और दूसरे समारोहों पर 10 प्रतिशत के हिसाब से एडवांस टैक्स लगा दिया गया है जबकि दूसरी ओर शेयर खरीदने पर भी 10 प्रतिशत के हिसाब से एडवांस टैक्स लगा दिया गया है. केंद्र सरकार के अनुसार दूध, दालों, गेहूं, चावल और मीट को सेल्स टैक्स की दर में होने वाली वृद्धि से बाहर रखा गया है.





















