



Report manpreet singh
Raipur chhattisgarh VISHESH : तुर्की के राष्ट्रपति रैचप तैय्यप अर्दोआन ने कहा है कि भूकंप प्रभावित 10 प्रांतों में मरने वालों की संख्या 16,546 तक पहुंच गई है और 6,444 इमारतें ज़मीदोज़ हो गई हैं.राष्ट्रपति अर्दोआन ने स्वीकार किया है कि ‘आपदा के बाद आपातकालीन सेवाओं के पहुंचने में दिक्कतों का सामना’ करना पड़ा है लेकिन उन्होंने कहा है कि ‘हालात अब नियंत्रण’ में हैं.

हालांकि देश की विपक्षी पार्टी ने राष्ट्रपति से असहमति जताई है और कहा है कि ‘अगर कोई एक व्यक्ति ज़िम्मेदार है तो वो अर्दोआन हैं.’विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आशंका जताई है कि बिना छत, पानी, ईंधन या बिजली के बचे हुए लोगों की हालत जमा देने वाली ठंड में और ख़राब होगी.उधर, मदद लेकर संयुक्त राष्ट्र की छह गाड़ियां तुर्की से सीरिया में प्रवेश कर चुकी हैं. ये पहली अंतरराष्ट्रीय मदद है.
भूकंप के बाद से ही तुर्की-सीरिया की सीमा बंद हैो, क्योंकि सड़कों को काफ़ी नुकसान पहुंचा है.संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी ने कहा कि ये सड़कें जल्द ही खुल जाएंगी, क्योंकि तुर्की के विदेश मंत्रालय ने मदद पहुंचाने के लिए बॉर्डर गेट जल्द खोलने का आश्वासन दिया है.
दोनों देशों के राहतकर्मी मलबे से खोजने में पूरी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन हर पल उम्मीद कम होती जा रही है.मदद को आगे आए देश यूरोपीय यूनियन ने सीरियाई सरकार की अपील पर 31 लाख पाउंड की मदद भेजने के फैसले की पुष्टि की है लेकिन उसने कहा है कि ये मदद सरकार और विद्रोहियों के नियंत्रण वाले दोनों इलाकों में वितरित की जानी चाहिए.
उधर यूक्रेन से राहतकर्मी भी मदद लेकर भूकंप प्रभावित इलाकों को पहुंच रहे हैं.सीरिया के अकेले इदलिब प्रांत में 1,500 लोगों की मौत हुई है.सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद के सलाहकार ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के चलते देश में मदद नहीं आ पा रही है.ओस्मानिया के अनुसार, जैसे-जैसे मरने वालों की संख्या बढ़ रही है, ताबूत की किल्लत बढ़ती जा रही है.आलमारी की लकड़ियों से ताबूत बनाए जा रहे हैं और एक ताबूत को कई बार इस्तेमाल किया जा रहा है.





















